{"_id":"5a5528734f1c1bd2178b5eee","slug":"91515530355-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
Updated Wed, 10 Jan 2018 02:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
देहरादून ठेकेदार कल्याण समिति ने मंगलवार को लोनिवि के प्रमुख अभियंता को पांच सूत्री ज्ञापन दिया। उन्होंने छह महीने बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर आक्रोश जताया और जल्द समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। समिति के अध्यक्ष गोविंद सिंह पुंडीर के नेतृत्व में पदाधिकारी प्रमुख अभियंता एचके उप्रेती से मिले। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष नौ अगस्त को कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने ठेकेदारों की मांगें पूरी करने का आश्वासन देकर धरना खत्म कराया था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पहले के कार्यों का भुगतान किए बिना विभाग टेंडर दे रहा है। ई टेंडरिंग के चलते पहाड़ के क्षेत्रीय ठेकेदारों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने बी-क्लास का पंजीकरण पूर्व की तरह गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के लिए करने की मांग की। इसके अलावा ए क्लास की ठेकेदारी के लिए हैसियत 50 की जगह 25 लाख करने को कहा। इस मौके पर समिति के महासचिव राजेंद्र सिंह कुंवर, हरिप्रसाद शर्मा, अजीत रावत, रणवीर पुंडीर, सुरेश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
देहरादून ठेकेदार कल्याण समिति ने मंगलवार को लोनिवि के प्रमुख अभियंता को पांच सूत्री ज्ञापन दिया। उन्होंने छह महीने बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर आक्रोश जताया और जल्द समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। समिति के अध्यक्ष गोविंद सिंह पुंडीर के नेतृत्व में पदाधिकारी प्रमुख अभियंता एचके उप्रेती से मिले। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष नौ अगस्त को कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने ठेकेदारों की मांगें पूरी करने का आश्वासन देकर धरना खत्म कराया था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पहले के कार्यों का भुगतान किए बिना विभाग टेंडर दे रहा है। ई टेंडरिंग के चलते पहाड़ के क्षेत्रीय ठेकेदारों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने बी-क्लास का पंजीकरण पूर्व की तरह गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के लिए करने की मांग की। इसके अलावा ए क्लास की ठेकेदारी के लिए हैसियत 50 की जगह 25 लाख करने को कहा। इस मौके पर समिति के महासचिव राजेंद्र सिंह कुंवर, हरिप्रसाद शर्मा, अजीत रावत, रणवीर पुंडीर, सुरेश आदि मौजूद रहे।