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डेढ़ करोड़ की जालसाजी में आरोपी दंपति गिरफ्तार
Updated Fri, 22 Dec 2017 01:37 AM IST
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डेढ़ करोड़ की जालसाजी में आरोपी दंपति गिरफ्तार
-- मामले में दो आरोपी फरार, पुलिस धरपकड़ में जुटी
-- मकान और दुकानें दिलाने के नाम पर की थी धोखाधड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। देहरादून और टिहरी जिले के तीन लोगों से मकान और दुकानों के नाम पर फर्जीवाड़ा कर करीब डेढ़ करोड़ रुपये हड़पने वाले आरोपी दंपति को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जबकि दो आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। कोतवाली पुलिस के मुताबिक आशुतोष नगर निवासी आरोपी बुद्धिराम सेमवाल और उनकी पत्नी विजयलक्ष्मी सेमवाल को बृहस्पतिवार की दोपहर मुखबिर की सूचना पर देहरादून रोड स्थित नटराज चौक के पास गिरफ्तार किया गया। कोतवाल प्रवीण चंद कोश्यारी ने बताया कि आरोपी दंपति और उनके दो रिश्तेदारों पर लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के तीन मुकदमें दर्ज हैं।
कोतवाल ने बताया कि आरोपियों से रकम वापस मांगने पर उन्होंने पीड़ितों से गाली-गलौच की और जान से मारने की धमकी भी दी थी। जिस पर तीन लोगों की अलग-अलग तहरीर पर बुद्धिराम सेमवाल उनकी पत्नी विजयलक्ष्मी सेमवाल, साले द्वारिक प्रसाद व लक्ष्मी प्रसाद कोटियाल के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में मुकदमें पंजीकृत किए गए थे। बुद्धिराम और विजयलक्ष्मी को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य दो आरोपियों की धरपकड़ के लिए प्रयास जारी हैं। पुलिस टीम में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रवीण चंद कोश्यारी, एसआई राजेश सिंह, चिंतामणि मैठाणी, कांस्टेबल देवेंद्र चौधरी व महिला कांस्टेबल प्रीति शामिल थे।
मकान और दुकान दिलाने के नाम पर हड़पे पैसे
ऋषिकेश। कोतवाली पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पाली पट्टी, घनसाली, टिहरी निवासी बलवीर सिंह नेगी पुत्र रंजीत सिंह नेगी से आशुतोषनगर में मकान दिलाने के नाम पर 42 लाख रुपये हड़पे। फिर राजेश्वरीपुरम, जोगीवाला, देहरादून निवासी भागवत प्रसाद कंसवाल पुत्र स्व. केदारदत्त कंसवाल से नटराज चौक स्थित कांपलेक्स में दो दुकानें दिलाने के लिए धोखाधड़ी कर लाखों रुपये वसूल लिए। दोनों मामलों में पुलिस ने पीड़ितों की तहरीर पर चार दिसंबर को चारों आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा पंजीकृत किया। इसके बाद मनोज पंवार पुत्र कबूल सिंह पंवार निवासी छिद्दरवाला, रायवाला से नटराज चौक पर ही दुकान दिलाने के नाम पर 26 लाख रुपये हड़प लिए।
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शातिर हैं आरोपी दंपति
ऋषिकेश। ऐश की जिंदगी जीने वाले आरोपी दंपति काफी शातिर हैं। पुलिस का कहना है कि आराम पसंद जीवन की जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्होंने रिश्तेेदारों के साथ मिलकर फर्जीवाड़े का खेल शुरू किया। जिसकी चपेट में पहले देहरादून फिर छिद्दरवाला और उसके बाद घनसाली का व्यक्ति आ गया।
लग सकती है गैंगस्टर
ऋषिकेश। लोगों को मकान और दुकानें दिखाकर फर्जी तरीके से लाखों रुपये की रकम हड़पने वाले आरोपी दंपति और उनके रिश्तेदारों पर कोतवाली पुलिस गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कर सकती है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाने की कार्यवाही चल रही है।
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-- मामले में दो आरोपी फरार, पुलिस धरपकड़ में जुटी
-- मकान और दुकानें दिलाने के नाम पर की थी धोखाधड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। देहरादून और टिहरी जिले के तीन लोगों से मकान और दुकानों के नाम पर फर्जीवाड़ा कर करीब डेढ़ करोड़ रुपये हड़पने वाले आरोपी दंपति को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जबकि दो आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। कोतवाली पुलिस के मुताबिक आशुतोष नगर निवासी आरोपी बुद्धिराम सेमवाल और उनकी पत्नी विजयलक्ष्मी सेमवाल को बृहस्पतिवार की दोपहर मुखबिर की सूचना पर देहरादून रोड स्थित नटराज चौक के पास गिरफ्तार किया गया। कोतवाल प्रवीण चंद कोश्यारी ने बताया कि आरोपी दंपति और उनके दो रिश्तेदारों पर लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के तीन मुकदमें दर्ज हैं।
कोतवाल ने बताया कि आरोपियों से रकम वापस मांगने पर उन्होंने पीड़ितों से गाली-गलौच की और जान से मारने की धमकी भी दी थी। जिस पर तीन लोगों की अलग-अलग तहरीर पर बुद्धिराम सेमवाल उनकी पत्नी विजयलक्ष्मी सेमवाल, साले द्वारिक प्रसाद व लक्ष्मी प्रसाद कोटियाल के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में मुकदमें पंजीकृत किए गए थे। बुद्धिराम और विजयलक्ष्मी को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य दो आरोपियों की धरपकड़ के लिए प्रयास जारी हैं। पुलिस टीम में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रवीण चंद कोश्यारी, एसआई राजेश सिंह, चिंतामणि मैठाणी, कांस्टेबल देवेंद्र चौधरी व महिला कांस्टेबल प्रीति शामिल थे।
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मकान और दुकान दिलाने के नाम पर हड़पे पैसे
ऋषिकेश। कोतवाली पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पाली पट्टी, घनसाली, टिहरी निवासी बलवीर सिंह नेगी पुत्र रंजीत सिंह नेगी से आशुतोषनगर में मकान दिलाने के नाम पर 42 लाख रुपये हड़पे। फिर राजेश्वरीपुरम, जोगीवाला, देहरादून निवासी भागवत प्रसाद कंसवाल पुत्र स्व. केदारदत्त कंसवाल से नटराज चौक स्थित कांपलेक्स में दो दुकानें दिलाने के लिए धोखाधड़ी कर लाखों रुपये वसूल लिए। दोनों मामलों में पुलिस ने पीड़ितों की तहरीर पर चार दिसंबर को चारों आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा पंजीकृत किया। इसके बाद मनोज पंवार पुत्र कबूल सिंह पंवार निवासी छिद्दरवाला, रायवाला से नटराज चौक पर ही दुकान दिलाने के नाम पर 26 लाख रुपये हड़प लिए।
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शातिर हैं आरोपी दंपति
ऋषिकेश। ऐश की जिंदगी जीने वाले आरोपी दंपति काफी शातिर हैं। पुलिस का कहना है कि आराम पसंद जीवन की जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्होंने रिश्तेेदारों के साथ मिलकर फर्जीवाड़े का खेल शुरू किया। जिसकी चपेट में पहले देहरादून फिर छिद्दरवाला और उसके बाद घनसाली का व्यक्ति आ गया।
लग सकती है गैंगस्टर
ऋषिकेश। लोगों को मकान और दुकानें दिखाकर फर्जी तरीके से लाखों रुपये की रकम हड़पने वाले आरोपी दंपति और उनके रिश्तेदारों पर कोतवाली पुलिस गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कर सकती है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाने की कार्यवाही चल रही है।