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Dehradun News: ट्रेडिंग का झांसा देकर बुजुर्ग से 84 लाख ठगे
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Iसाइबर ठगों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर बुजुर्ग से 84.7 लाख रुपए ठग लिए। ठगो ने खुद को आरबीएल सिक्योरिटीज का अधिकारी बताया। शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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Iदून की साइबर क्राइम पुलिस ने लक्ष्मण चौक निवासी देवेंद्र कुमार की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया। बताया कि जुलाई में पीड़ित ने इंटरनेट पर एक विज्ञापन देखा, इसके माध्यम से वो अर्जुन हिंदुजा से मिले। इसने खुद को एनडब्ल्यूआईएल सिक्योरिटीज का मुख्य निवेश अधिकारी बताया और आरबीएल सिक्योरिटीज के वीआईपी स्टॉक सर्विस का हिस्सा बनने का प्रस्ताव दिया। पीड़ित ने रुचि दिखाई तो ठगों ने विभिन्न आईपीओ में निवेश करने का झांसा दिया। इसके बाद आरबीएल सिक्योरिटीज के नाम से एक ग्रुप में जोड़ा गया, उन्हें बड़े पैमाने पर शेयर आवंटन की जानकारी दी गई। पीड़ित को 48 हजार शेयर्स और बाद में अन्य बड़े शेयर देने का झांसा दिया गया। इसके बाद विभिन्न बैंक खातों में बड़ी रकम जमा करने का दबाव बनाया। सितंबर में पीड़ित ने करीब 84.7 लाख रुपए भेज दिए। बताया कि जब आरोपियों की दी मोबाइल ऐप पर पत्नी के नाम से खाता खोला तो रकम अटकने पर साइबर ठगी का पता लगा।I
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Iसाइबर ठगों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर बुजुर्ग से 84.7 लाख रुपए ठग लिए। ठगो ने खुद को आरबीएल सिक्योरिटीज का अधिकारी बताया। शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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Iदून की साइबर क्राइम पुलिस ने लक्ष्मण चौक निवासी देवेंद्र कुमार की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया। बताया कि जुलाई में पीड़ित ने इंटरनेट पर एक विज्ञापन देखा, इसके माध्यम से वो अर्जुन हिंदुजा से मिले। इसने खुद को एनडब्ल्यूआईएल सिक्योरिटीज का मुख्य निवेश अधिकारी बताया और आरबीएल सिक्योरिटीज के वीआईपी स्टॉक सर्विस का हिस्सा बनने का प्रस्ताव दिया। पीड़ित ने रुचि दिखाई तो ठगों ने विभिन्न आईपीओ में निवेश करने का झांसा दिया। इसके बाद आरबीएल सिक्योरिटीज के नाम से एक ग्रुप में जोड़ा गया, उन्हें बड़े पैमाने पर शेयर आवंटन की जानकारी दी गई। पीड़ित को 48 हजार शेयर्स और बाद में अन्य बड़े शेयर देने का झांसा दिया गया। इसके बाद विभिन्न बैंक खातों में बड़ी रकम जमा करने का दबाव बनाया। सितंबर में पीड़ित ने करीब 84.7 लाख रुपए भेज दिए। बताया कि जब आरोपियों की दी मोबाइल ऐप पर पत्नी के नाम से खाता खोला तो रकम अटकने पर साइबर ठगी का पता लगा।I
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