{"_id":"5af20b9e4f1c1b3c0a8b8ca1","slug":"81525812126-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं माने कर्मचारी, 11 को करेंगे सचिवालय कूच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं माने कर्मचारी, 11 को करेंगे सचिवालय कूच
Updated Wed, 09 May 2018 02:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नहीं माने कर्मचारी, 11 को करेंगे सचिवालय कूच
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
मांग को लेकर हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों ने सरकार से आरपार की लड़ाई का एलान किया है। मंगलवार को नगर निगम प्रशासक/डीएम के साथ हुई वार्ता विफल होने के बाद कर्मचारियों ने 11 मई को सचिवालय कूच का एलान किया है। उन्होंने निवर्तमान मेयर विनोद चमोली पर भी वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उधर कर्मचारियों की हड़ताल से शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। अनेक जगह कूड़े के ढेर लगे हैं गंदगी से शहर का बुरा हाल होने लगा है।
संविदा पदों पर समायोजन की मांग को लेकर मोहल्ला स्वच्छता समिति से जुड़े सफाई कर्मचारी सोमवार से बेमियादी हड़ताल पर हैं। उसके साथ ही 759 स्थाई सफाई कर्मचारियों की हड़ताल में शामिल होने से शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। मामला बिगड़ते देख नगर निगम प्रशासक/डीएम एसए मुरुगेशन में स्वच्छता समिति के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर हड़ताल खत्म करने को कहा, लेकिन कर्मचारी मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने पर अड़े रहे। उन्होंने 11 मई को सचिवालय कूच का भी एलान किया है।
संगठन के महामंत्री धीरज भारती ने कहा कि पिछले दिनों जारी शासनादेश में दैनिक, आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों के समायोजन पर रोक लगाई गई, जो कि उनके हितों से खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को संविदा पर समायोजित करने के लिए 22 नवंबर 2016 को शासनादेश जारी हुआ था। उसके बावजूद समायोजन नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों में रोष है। निगम प्रशासन अगर सफाई कर्मचारियों की वरिष्ठता सूची तैयार कर देता तो हड़ताल की नौबत ही नहीं आती। उन्होंने बताया कि निवर्तमान मेयर विनोद चमोली ने उनकी मांग पूरी करने का आश्वासन दिया था लेकिन वे अपने वादे से मुकर गए।
विज्ञापन
इस मौके पर राजेश कुमार, सरोज रज, हरिओम, ओम प्रकाश, ओम प्रकाश, पंकज, संजय काला, राजेश कुमार, बबली, सुमन आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
वहीं इस मामले में अपर आयुक्त नीरज जोशी का कहना है कि 408 सफाई कर्मचारियों के समायोजन के लिए नगर आयुक्त की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से अनुमति मिलने के बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी। सफाई कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने का अनुरोध किया गया है ताकि शहर की सफाई व्यवस्था न बिगड़े।
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
मांग को लेकर हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों ने सरकार से आरपार की लड़ाई का एलान किया है। मंगलवार को नगर निगम प्रशासक/डीएम के साथ हुई वार्ता विफल होने के बाद कर्मचारियों ने 11 मई को सचिवालय कूच का एलान किया है। उन्होंने निवर्तमान मेयर विनोद चमोली पर भी वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उधर कर्मचारियों की हड़ताल से शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। अनेक जगह कूड़े के ढेर लगे हैं गंदगी से शहर का बुरा हाल होने लगा है।
संविदा पदों पर समायोजन की मांग को लेकर मोहल्ला स्वच्छता समिति से जुड़े सफाई कर्मचारी सोमवार से बेमियादी हड़ताल पर हैं। उसके साथ ही 759 स्थाई सफाई कर्मचारियों की हड़ताल में शामिल होने से शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। मामला बिगड़ते देख नगर निगम प्रशासक/डीएम एसए मुरुगेशन में स्वच्छता समिति के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर हड़ताल खत्म करने को कहा, लेकिन कर्मचारी मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने पर अड़े रहे। उन्होंने 11 मई को सचिवालय कूच का भी एलान किया है।
विज्ञापन
संगठन के महामंत्री धीरज भारती ने कहा कि पिछले दिनों जारी शासनादेश में दैनिक, आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों के समायोजन पर रोक लगाई गई, जो कि उनके हितों से खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को संविदा पर समायोजित करने के लिए 22 नवंबर 2016 को शासनादेश जारी हुआ था। उसके बावजूद समायोजन नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों में रोष है। निगम प्रशासन अगर सफाई कर्मचारियों की वरिष्ठता सूची तैयार कर देता तो हड़ताल की नौबत ही नहीं आती। उन्होंने बताया कि निवर्तमान मेयर विनोद चमोली ने उनकी मांग पूरी करने का आश्वासन दिया था लेकिन वे अपने वादे से मुकर गए।
विज्ञापन
इस मौके पर राजेश कुमार, सरोज रज, हरिओम, ओम प्रकाश, ओम प्रकाश, पंकज, संजय काला, राजेश कुमार, बबली, सुमन आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
वहीं इस मामले में अपर आयुक्त नीरज जोशी का कहना है कि 408 सफाई कर्मचारियों के समायोजन के लिए नगर आयुक्त की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से अनुमति मिलने के बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी। सफाई कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने का अनुरोध किया गया है ताकि शहर की सफाई व्यवस्था न बिगड़े।