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जेल भरो आंदोलन में 200 ने दी गिरफ्तारी
Updated Tue, 30 Jan 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून।
उत्तराखंड संयुक्त ट्रेड यूनियंस समन्वय समिति के बैनर तले जेल भरो आंदोलन के तहत सोमवार को विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने सचिवालय कूच किया। पुलिस ने उन्हें कनक चौक पर रोक लिया। यहां पर प्रदर्शन कर 200 लोगों ने गिरफ्तारी दी। जिन्हें शाम को पुलिस लाइन से रिहा कर दिया गया।
सोमवार को परेड ग्राउंड में एकत्र कई संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार राज्य कर्मचारियों एवं उपनल व पीआरडी के माध्यम से निगमों में कार्यरत संविदा श्रमिकों के हितों की अनदेखी कर रही है। उन्हें नियमित किए जाने की मांग के बावजूद न्यूनतम वेतन तक नहीं दिया जा रहा है। पूर्व विधायक एवं इंटक के प्रदेश अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट ने कहा कि केंद्र सरकार का हर साल दो करोड़ लोगों को नौकरी का दावा झूठा साबित हुआ है। नोटबंदी और जीएसटी को लागू किए जाने से लोगों का काम बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को अपने हितों की रक्षा को संघर्ष के लिए तैयार रहना चाहिए। समिति से जुड़े लोगों ने इसके बाद परेड ग्राउंड से सचिवालय कूच किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें कनक चौक पर रोककर गिरफ्तार कर लिया। जिन्हें पुलिस लाइन में बैठाए रखने के बाद शाम करीब पांच बजे रिहा कर दिया गया। इस दौरान एटक के प्रांतीय महामंत्री अशोक शर्मा, उत्तराखंड बैंक इंप्लाइज यूनियन के महामंत्री जगमोहन मेहंदीरत्ता, रक्षा कर्मचारी समन्वय समिति के महामंत्री पूरण सिंह, महेंद्र प्रसाद जखमोला, जगदीश कुकरेती, वीरेंद्र भंडारी, लेखराज, उमा बहादुर, चित्रा गुप्ता, महेंद्र सिंह, जगदीश बहुगुणा, शिवा दूबे, अनिल उनियाल आदि शामिल रहे।
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उत्तराखंड संयुक्त ट्रेड यूनियंस समन्वय समिति के बैनर तले जेल भरो आंदोलन के तहत सोमवार को विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने सचिवालय कूच किया। पुलिस ने उन्हें कनक चौक पर रोक लिया। यहां पर प्रदर्शन कर 200 लोगों ने गिरफ्तारी दी। जिन्हें शाम को पुलिस लाइन से रिहा कर दिया गया।
सोमवार को परेड ग्राउंड में एकत्र कई संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार राज्य कर्मचारियों एवं उपनल व पीआरडी के माध्यम से निगमों में कार्यरत संविदा श्रमिकों के हितों की अनदेखी कर रही है। उन्हें नियमित किए जाने की मांग के बावजूद न्यूनतम वेतन तक नहीं दिया जा रहा है। पूर्व विधायक एवं इंटक के प्रदेश अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट ने कहा कि केंद्र सरकार का हर साल दो करोड़ लोगों को नौकरी का दावा झूठा साबित हुआ है। नोटबंदी और जीएसटी को लागू किए जाने से लोगों का काम बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को अपने हितों की रक्षा को संघर्ष के लिए तैयार रहना चाहिए। समिति से जुड़े लोगों ने इसके बाद परेड ग्राउंड से सचिवालय कूच किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें कनक चौक पर रोककर गिरफ्तार कर लिया। जिन्हें पुलिस लाइन में बैठाए रखने के बाद शाम करीब पांच बजे रिहा कर दिया गया। इस दौरान एटक के प्रांतीय महामंत्री अशोक शर्मा, उत्तराखंड बैंक इंप्लाइज यूनियन के महामंत्री जगमोहन मेहंदीरत्ता, रक्षा कर्मचारी समन्वय समिति के महामंत्री पूरण सिंह, महेंद्र प्रसाद जखमोला, जगदीश कुकरेती, वीरेंद्र भंडारी, लेखराज, उमा बहादुर, चित्रा गुप्ता, महेंद्र सिंह, जगदीश बहुगुणा, शिवा दूबे, अनिल उनियाल आदि शामिल रहे।
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