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गलती एक और अलग-अलग धाराओं में चालान
Updated Thu, 21 Dec 2017 02:17 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
देहरादून महानगर सिटी बस सेवा महासंघ ने सीपीयू और यातायात पुलिस द्वारा सिटी बसों में क्षमता से अधिक सवारियों पर नियम विरुद्ध चालान काटने और जुर्माना वसूलने का आरोप लगाया है। महासंघ ने इस मामले में परिवहन सचिव और आरटीओ को ज्ञापन भेजा है। महासंघ पदाधिकारियों ने कहा कि नियम विरुद्ध होने वाली कार्रवाई को बंद किया जाए।
महासंघ अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल और सचिव पंकज गुप्ता ने कहा कि एमवी एक्ट 1988 व राज्य सरकार की नियमावली में कहीं भी पुलिस को बिना राज्य सरकार के गजट नोटिफिकेशन के इतर स्टेज कैरिज बसों का चालान काटने का अधिकार नहीं है। परिवहन विभाग को सेंट्रल एमवी एक्ट और सुप्रीम कोर्ट के रोड सेफ्टी के लिए जारी नोटिफिकेशन से इतर जुर्माना वसूलने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि सिटी बसों में क्षमता से अधिक सवारियों पर परिवहन विभाग धारा 86 में चालान काटकर शुल्क वसूल रहा है। वहीं यातायात पुलिस और सीपीयू धारा 66/192 में चालान काट रही है। अध्यक्ष ने कहा कि एक ही गलती पर अलग अलग धाराओं में चालान काटना पुलिस और आरटीओ की हिटलरशाही दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग से बिना सरकार के गजट नोटिफिकेशन स्वीकृति के सिटी बसों का चालान काटने की कार्रवाई से रोका जाए।
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देहरादून महानगर सिटी बस सेवा महासंघ ने सीपीयू और यातायात पुलिस द्वारा सिटी बसों में क्षमता से अधिक सवारियों पर नियम विरुद्ध चालान काटने और जुर्माना वसूलने का आरोप लगाया है। महासंघ ने इस मामले में परिवहन सचिव और आरटीओ को ज्ञापन भेजा है। महासंघ पदाधिकारियों ने कहा कि नियम विरुद्ध होने वाली कार्रवाई को बंद किया जाए।
महासंघ अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल और सचिव पंकज गुप्ता ने कहा कि एमवी एक्ट 1988 व राज्य सरकार की नियमावली में कहीं भी पुलिस को बिना राज्य सरकार के गजट नोटिफिकेशन के इतर स्टेज कैरिज बसों का चालान काटने का अधिकार नहीं है। परिवहन विभाग को सेंट्रल एमवी एक्ट और सुप्रीम कोर्ट के रोड सेफ्टी के लिए जारी नोटिफिकेशन से इतर जुर्माना वसूलने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि सिटी बसों में क्षमता से अधिक सवारियों पर परिवहन विभाग धारा 86 में चालान काटकर शुल्क वसूल रहा है। वहीं यातायात पुलिस और सीपीयू धारा 66/192 में चालान काट रही है। अध्यक्ष ने कहा कि एक ही गलती पर अलग अलग धाराओं में चालान काटना पुलिस और आरटीओ की हिटलरशाही दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग से बिना सरकार के गजट नोटिफिकेशन स्वीकृति के सिटी बसों का चालान काटने की कार्रवाई से रोका जाए।
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