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Dehradun News: 80 साल के बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट से डराकर 59 लाख ठगे
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Iसाइबर क्राइम पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
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साइबर ठगों ने एक बार फिर मनी लॉन्ड्रिंग और डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर बुजुर्ग को शिकार बनाया है। इस बार कांवली रोड के रहने वाले 80 साल के बुजुर्ग से 59 लाख रुपयों की ठगी हुई है। वारदात के बाद से पीड़ित का स्वास्थ्य खराब है। साइबर ठगों ने खुद को क्राइम ब्रांच व अन्य विशेष शाखाओं का अधिकारी बताकर बुजुर्ग को डराया। उन्हें संगीन आपराधिक मामले में फंसाने की धमकी दी। उनके साथ ठगी का सिलसिला 27 अगस्त से 10 सितंबर तक चला था। साइबर क्राइम पुलिस ने बुधवार को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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Iडीएसपी अंकुश मिश्रा ने बताया कि बुजुर्ग को 27 अगस्त को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को टेलीकम्युनिकेशन विभाग का कर्मचारी बताया। उसने कहा कि उनके नाम पर मुंबई में एक सिम कार्ड जारी हुआ है, जिसका गलत इस्तेमाल हो रहा है। इसके बाद ठग ने बुजुर्ग की कथित क्राइम विभाग के अधिकारी से बात करवाई। तीन घंटे की लंबी बातचीत के दौरान ठगों ने बुजुर्ग को बताया कि वह एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में लिप्त हो चुके हैं। उनके नाम का डेबिट कार्ड भी कथित नरेश गोयल के घर पर मिलने का झांसा दिया, जिससे करोड़ों का लेनदेन बताया। इस मामले में छह माह से पांच साल तक की जेल होने की बात कही। ठग लगातार सरकारी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करते रहे और फर्जी गिरफ्तारी वारंट के दस्तावेज दिखाकर डराते रहे। उन्होंने पीड़ित को धमकी दी कि अगर इस बारे में किसी को बताया तो उनके परिवार के सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अकेलेपन और लगातार धमकियों से डरे बुजुर्ग ने 30 अगस्त को सबसे पहले अपनी एफडी तोड़कर 15 लाख और 26 लाख रुपये ठगों के बताए अलग-अलग खातों में जमा किए। फिर तीन सितंबर को अपनी पत्नी के नाम पर एसआईपी से छह लाख रुपये और जमा करवाए। इस तरह कुल मिलाकर 59 लाख की राशि अलग-अलग खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर की।
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Iगिड़गिड़ाते रहे बुजुर्ग, तबीयत भी हुई खराब
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Iठगों के जाल में फंसे बुजुर्ग अपनी और परिवार के सदस्यों की गिरफ्तारी के डर से कंगाल हो गए और उनका स्वास्थ्य लगातार खराब होता गया, लेकिन फिर भी ठगों को दया नहीं आई। वह उन पर दबाव बनाते रहे। दूसरी ओर बुजुर्ग रुपयों के इंतजाम के लिए जगह-जगह गिड़गिड़ा रहे थे। कभी गोल्ड लोन लिया तो कभी बेटे से लाखों रुपये मांगे, लेकिन किसी को बताया नहीं कि उनके साथ क्या हो रहा है। ठगों ने 59 लाख रुपये वसूलने के बाद भी रुपयों की मांग जारी रखी। बुजुर्ग आखिरकार रुपयों के लिए रिश्तेदारों के आगे गिड़गिड़ाए, तब एक रिश्तेदार ने उनकी परेशानी को समझा और उन्हें भरोसे में लेकर पूरी जानकारी ली। फिर उन्हें यकीन दिलाया वह साइबर ठगों के जाल में फंसे हैं। इसके बाद बुजुर्ग ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। बुजुर्ग ने बताया कि ठगों के जाल में फंसने के बाद उनकी तबीयत बहुत खराब है। उन्हें ब्लड प्रेशर और स्लिप डिस्क और बलगम की समस्या थी। तनाव और डर के चलते ये सभी समस्याएं और बढ़ गई हैं।I
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साइबर ठगों ने एक बार फिर मनी लॉन्ड्रिंग और डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर बुजुर्ग को शिकार बनाया है। इस बार कांवली रोड के रहने वाले 80 साल के बुजुर्ग से 59 लाख रुपयों की ठगी हुई है। वारदात के बाद से पीड़ित का स्वास्थ्य खराब है। साइबर ठगों ने खुद को क्राइम ब्रांच व अन्य विशेष शाखाओं का अधिकारी बताकर बुजुर्ग को डराया। उन्हें संगीन आपराधिक मामले में फंसाने की धमकी दी। उनके साथ ठगी का सिलसिला 27 अगस्त से 10 सितंबर तक चला था। साइबर क्राइम पुलिस ने बुधवार को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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Iडीएसपी अंकुश मिश्रा ने बताया कि बुजुर्ग को 27 अगस्त को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को टेलीकम्युनिकेशन विभाग का कर्मचारी बताया। उसने कहा कि उनके नाम पर मुंबई में एक सिम कार्ड जारी हुआ है, जिसका गलत इस्तेमाल हो रहा है। इसके बाद ठग ने बुजुर्ग की कथित क्राइम विभाग के अधिकारी से बात करवाई। तीन घंटे की लंबी बातचीत के दौरान ठगों ने बुजुर्ग को बताया कि वह एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में लिप्त हो चुके हैं। उनके नाम का डेबिट कार्ड भी कथित नरेश गोयल के घर पर मिलने का झांसा दिया, जिससे करोड़ों का लेनदेन बताया। इस मामले में छह माह से पांच साल तक की जेल होने की बात कही। ठग लगातार सरकारी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करते रहे और फर्जी गिरफ्तारी वारंट के दस्तावेज दिखाकर डराते रहे। उन्होंने पीड़ित को धमकी दी कि अगर इस बारे में किसी को बताया तो उनके परिवार के सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अकेलेपन और लगातार धमकियों से डरे बुजुर्ग ने 30 अगस्त को सबसे पहले अपनी एफडी तोड़कर 15 लाख और 26 लाख रुपये ठगों के बताए अलग-अलग खातों में जमा किए। फिर तीन सितंबर को अपनी पत्नी के नाम पर एसआईपी से छह लाख रुपये और जमा करवाए। इस तरह कुल मिलाकर 59 लाख की राशि अलग-अलग खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर की।
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Iगिड़गिड़ाते रहे बुजुर्ग, तबीयत भी हुई खराब
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Iठगों के जाल में फंसे बुजुर्ग अपनी और परिवार के सदस्यों की गिरफ्तारी के डर से कंगाल हो गए और उनका स्वास्थ्य लगातार खराब होता गया, लेकिन फिर भी ठगों को दया नहीं आई। वह उन पर दबाव बनाते रहे। दूसरी ओर बुजुर्ग रुपयों के इंतजाम के लिए जगह-जगह गिड़गिड़ा रहे थे। कभी गोल्ड लोन लिया तो कभी बेटे से लाखों रुपये मांगे, लेकिन किसी को बताया नहीं कि उनके साथ क्या हो रहा है। ठगों ने 59 लाख रुपये वसूलने के बाद भी रुपयों की मांग जारी रखी। बुजुर्ग आखिरकार रुपयों के लिए रिश्तेदारों के आगे गिड़गिड़ाए, तब एक रिश्तेदार ने उनकी परेशानी को समझा और उन्हें भरोसे में लेकर पूरी जानकारी ली। फिर उन्हें यकीन दिलाया वह साइबर ठगों के जाल में फंसे हैं। इसके बाद बुजुर्ग ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। बुजुर्ग ने बताया कि ठगों के जाल में फंसने के बाद उनकी तबीयत बहुत खराब है। उन्हें ब्लड प्रेशर और स्लिप डिस्क और बलगम की समस्या थी। तनाव और डर के चलते ये सभी समस्याएं और बढ़ गई हैं।I
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