इस यूनिवर्सिटी के 72 कोर्स बंद, हजारों छात्रों के लिए पैदा हुआ दाखिले का संकट
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इस विश्वविद्यालय में 72 कोर्स को मान्यता न मिलने के बाद अब दाखिला संकट उत्पन्न हो गया है। डिग्री कॉलेजों में मेरिट से दाखिलों की जंग में 30 हजार से ज्यादा 12वीं पास युवा वंचित रह गए हैं।
इनके लिए उत्तराखंड मुक्त विवि और इग्नू हर साल बड़ा सहारा बनता था। इस बार केवल इग्नू में ही मौका बचा है, जिसके लिए 16 अगस्त अंतिम तिथि है।
उत्तराखंड मुक्त विवि में हर साल करीब 30 हजार छात्र विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिला लेते हैं। विवि को यूजीसी से मान्यता न मिलने की वजह से इन सभी छात्रों के सामने दाखिलों का संकट पैदा हो गया है। हालांकि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) में दाखिलों की तिथि बढ़ गई है।
इग्नू में एडमिशन ले सकते हैं
अब इग्नू में बीएससी, एमएससी सहित 100 कोर्सेज में 16 अगस्त तक एडमिशन ले सकते हैं। जिन छात्रों ने अभी तक कहीं भी दाखिला नहीं लिया है, वह इग्नू में एडमिशन ले सकते हैं। इग्नू के सभी प्रबंधन कार्यक्रमों में प्रवेश हेतु किसी कार्यानुभव की आवश्यकता नहीं है। प्रवेश हेतु अभ्यर्थी को 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक उत्तीर्ण होना चाहिए।
ऑनलाइन एडमिशन विवि की वेबसाइट पर होंगे, जिसका शुल्क डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से जमा होगा। उत्तराखंड में इग्नू के 20 से अधिक प्रमुख अध्ययन केंद्र हैं, जहां से एडमिशन लिया जा सकता है। एससी, एसटी छात्रों को सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा और ग्रेजुएशन करने के लिए कोई फीस नहीं देनी होगी। ऐसे छात्रों को क्षेत्रीय केंद्र या निकटवर्ती अध्ययन केंद्र से प्रवेश फार्म लेकर जाति प्रमाण पत्र के साथ बिना किसी शुल्क जमा कराना होगा। किन्नर समुदाय के लिए इग्नू में सभी कोर्सेज में पढ़ाई मुफ्त कर दी गई है।
कॉलेजों में खत्म हुई एडमिशन प्रक्रिया
राजधानी सहित प्रदेशभर के डिग्री कॉलेजों में एडमिशन प्रक्रिया पूरी हो गई है। इन कॉलेजों में मेरिट से एडमिशन होने की वजह से बड़ी संख्या में छात्र ऐसे हैं जो कि एडमिशन से वंचित रह गए हैं। यह छात्र दाखिलों के लिए भटक रहे हैं।
यह है इग्नू की वेबसाइट : www.ignou.ac.in