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सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम में पढ़ाई करेंगे नौनिहाल
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सरकारी स्कूलों में ‘स्मार्ट क्लास रूम’ में पढ़ाई करेंगे नौनिहाल
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। जिले में अब बड़े निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों के बच्चे भी स्मार्ट क्लास रूम के जरिये पढ़ाई करेंगे। दिल्ली की एक निजी कंपनी की ओर से शिक्षा विभाग के सहयोग से पहल की गई है। जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन की मौजूदगी कंपनी के विशेषज्ञों ने यह दिखाया कि कैैसे स्मार्ट क्लास रूम को संचालित किए जाएगा।
विशेषज्ञों ने जिलाधिकारी को कंप्यूटर के जरिये बताया कि किस तरह से प्रत्येक कक्षाओं के बच्चों को ‘इंटरएक्टिव डिजिटल बोर्ड’ के माध्यम से पढ़ाया जा सकता है। यह अभिनव प्रयोग किस तरह बच्चों को कक्षाओं तक लाने में कारगर साबित होगा। संस्था के संचालक व आईआईटी इंजीनियर कुमार गोविंद और उनकी टीम ने बताया कि सौर ऊर्जा से संचालित स्मार्ट क्लास रूम में किस तरह बच्चों को पढ़ाने के साथ ही उनके करियर से जुड़ी अहम जानकारियां मुहैया होगी।
इस मौके पर जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने, शहरी और ग्रामीण, गरीब और अमीर के बीच की खाई को समाप्त करने के लिए यह अच्छी पहल है। जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी आशा पैन्यूली और खनन अधिकारी दीपक अटवाल को इस ‘स्मार्ट क्लास रूम’ को शुरुआती दौर में उन दूरदराज इलाके स्कूलों में लागू कराने की बात कही। जहां खनन बहुत अधिक होता है। बाद में अनुभवों के आधार पर इसे अन्य सरकारी स्कूलाें में लागू कराया जाएगा। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी बीर सिंह बुदियाल, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अरविंद पांडे, प्राचार्य डायट राकेश जुगरान, बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेंद्र रावत समेत कई अधिकारी उपस्थित थे।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। जिले में अब बड़े निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों के बच्चे भी स्मार्ट क्लास रूम के जरिये पढ़ाई करेंगे। दिल्ली की एक निजी कंपनी की ओर से शिक्षा विभाग के सहयोग से पहल की गई है। जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन की मौजूदगी कंपनी के विशेषज्ञों ने यह दिखाया कि कैैसे स्मार्ट क्लास रूम को संचालित किए जाएगा।
विशेषज्ञों ने जिलाधिकारी को कंप्यूटर के जरिये बताया कि किस तरह से प्रत्येक कक्षाओं के बच्चों को ‘इंटरएक्टिव डिजिटल बोर्ड’ के माध्यम से पढ़ाया जा सकता है। यह अभिनव प्रयोग किस तरह बच्चों को कक्षाओं तक लाने में कारगर साबित होगा। संस्था के संचालक व आईआईटी इंजीनियर कुमार गोविंद और उनकी टीम ने बताया कि सौर ऊर्जा से संचालित स्मार्ट क्लास रूम में किस तरह बच्चों को पढ़ाने के साथ ही उनके करियर से जुड़ी अहम जानकारियां मुहैया होगी।
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इस मौके पर जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने, शहरी और ग्रामीण, गरीब और अमीर के बीच की खाई को समाप्त करने के लिए यह अच्छी पहल है। जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी आशा पैन्यूली और खनन अधिकारी दीपक अटवाल को इस ‘स्मार्ट क्लास रूम’ को शुरुआती दौर में उन दूरदराज इलाके स्कूलों में लागू कराने की बात कही। जहां खनन बहुत अधिक होता है। बाद में अनुभवों के आधार पर इसे अन्य सरकारी स्कूलाें में लागू कराया जाएगा। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी बीर सिंह बुदियाल, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अरविंद पांडे, प्राचार्य डायट राकेश जुगरान, बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेंद्र रावत समेत कई अधिकारी उपस्थित थे।
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