{"_id":"5bfef6e8bdec2241a111b77f","slug":"61543436008-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिसकर्मियों से भिड़े शिक्षामित्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिसकर्मियों से भिड़े शिक्षामित्र
Updated Thu, 29 Nov 2018 01:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिसकर्मियों से भिड़े शिक्षामित्र
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति की मांग को लेकर सचिवालय कूच कर रहे शिक्षामित्रों को पुलिसकर्मियों ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इससे गुस्साए शिक्षामित्रों ने बैरिकेडिंग पर चढ़ने का प्रयास किया। इस बीच शिक्षामित्रों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मामला बढ़ने पर पुलिस ने धरने पर बैठे शिक्षामित्रों को जबरन उठा लिया और वाहनों में भरकर सुद्धोवाला जेल ले गई। जहां से गेट के बाहर ही उन्हें छोड़ दिया गया।
डीएलएड प्रशिक्षित, टीईटी व सीटीईटी उत्तीर्ण शिक्षामित्र बुधवार को परेड मैदान स्थित धरनास्थल पर एकत्र हुए। प्रदेश अध्यक्ष खजान सिंह चौहान ने कहा कहा कि करीब 200 शिक्षामित्र एक साल से सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। बताया कि 15 दिसंबर 2017 को उनकी नियुक्ति के लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया। बावजूद इसके विभाग और सरकार उनकी नियुक्ति नहीं कर रही है। शिक्षामित्रों ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इसके बाद दोपहर करीब एक बजे शिक्षामित्रों ने सचिवालय की ओर कूच किया, लेकिन सचिवालय से पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक दिया। काफी देर तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की ओर नोकझोंक होती रही। गुस्साए प्रदर्शनकारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मामला बढ़ता देख पुलिस ने 39 पुरुष और चार महिला शिक्षामित्रों को जबरन उठा लिया। सभी को वाहन में भरकर सुद्धोवाला जेल ले गई। जहां गेट के बाहर से ही सभी शिक्षामित्रों को छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
प्रदर्शन करने वालों में प्यार सिंह, मेहर, महावीर सिंह चौहान, बलवीर सिंह तोमर, मदन सिंह बोरा, श्यामलाल, विनीता रावत, हीरा नौटियाल, दर्शनी, जगबीर, संदीप कुमार, देवेंद्र सिंह चौहान, यतेंद्र कुमार, दीपक राठौर आदि शामिल रहे।
उधर, उत्तराखंड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच के प्रदेश संयोजक दौलत कुमार ने भी शिक्षामित्रों के आंदोलन को समर्थन दिया है।
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति की मांग को लेकर सचिवालय कूच कर रहे शिक्षामित्रों को पुलिसकर्मियों ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इससे गुस्साए शिक्षामित्रों ने बैरिकेडिंग पर चढ़ने का प्रयास किया। इस बीच शिक्षामित्रों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मामला बढ़ने पर पुलिस ने धरने पर बैठे शिक्षामित्रों को जबरन उठा लिया और वाहनों में भरकर सुद्धोवाला जेल ले गई। जहां से गेट के बाहर ही उन्हें छोड़ दिया गया।
डीएलएड प्रशिक्षित, टीईटी व सीटीईटी उत्तीर्ण शिक्षामित्र बुधवार को परेड मैदान स्थित धरनास्थल पर एकत्र हुए। प्रदेश अध्यक्ष खजान सिंह चौहान ने कहा कहा कि करीब 200 शिक्षामित्र एक साल से सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। बताया कि 15 दिसंबर 2017 को उनकी नियुक्ति के लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया। बावजूद इसके विभाग और सरकार उनकी नियुक्ति नहीं कर रही है। शिक्षामित्रों ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
विज्ञापन
इसके बाद दोपहर करीब एक बजे शिक्षामित्रों ने सचिवालय की ओर कूच किया, लेकिन सचिवालय से पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक दिया। काफी देर तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की ओर नोकझोंक होती रही। गुस्साए प्रदर्शनकारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मामला बढ़ता देख पुलिस ने 39 पुरुष और चार महिला शिक्षामित्रों को जबरन उठा लिया। सभी को वाहन में भरकर सुद्धोवाला जेल ले गई। जहां गेट के बाहर से ही सभी शिक्षामित्रों को छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
प्रदर्शन करने वालों में प्यार सिंह, मेहर, महावीर सिंह चौहान, बलवीर सिंह तोमर, मदन सिंह बोरा, श्यामलाल, विनीता रावत, हीरा नौटियाल, दर्शनी, जगबीर, संदीप कुमार, देवेंद्र सिंह चौहान, यतेंद्र कुमार, दीपक राठौर आदि शामिल रहे।
उधर, उत्तराखंड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच के प्रदेश संयोजक दौलत कुमार ने भी शिक्षामित्रों के आंदोलन को समर्थन दिया है।