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परिचय सम्मेलन में पहुंचीं युवतियों की बातों ने मोहा मन
Updated Mon, 08 Oct 2018 01:52 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
देहरादून। अनुसूचित जाति वर्ग के विवाह योग्य युवक और युवतियों का द्वितीय एक दिवसीय परिचय सम्मेलन का आयोजन रविवार को कांवली रोड स्थित एक वेडिंग प्वांइट में किया गया। समाजसेवी आरएल कर्दम की ओर आयोजित सम्मेलन का शुभारंभ पूर्व जज चिरंजीलाल ने किया। इस दौरान पूजा के बाद परिचय सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन किया गया।
एक दिवसीय परिचय सम्मेलन में 36 युवक और 74 युवतियों ने अपना परिचय दिया। इस दौरान युवतियों ने अपनी शिक्षा, योग्यता, रोजगार और शालीनता से आयोजकों समेत समुदाय के लोगों को चकित किया। युवतियों ने जीवन में भगवान बुद्ध और बाबा साहेब आंबेडकर के सपनों को साकार करने का संकल्प लिया। परिचय सम्मेलन के दौरान चार चिकित्सक, 12 इंजीनियर, चार एमटेक, कुछ प्राध्यापक और प्रबंधन क्षेत्र में सेवाएं देने वाले युवक-युवतियों को अपने बीच पाकर आयोजकों के चेहरे खिल गए। युवतियों का कहना था कि उन्होंने शिक्षा को ही अपना धर्म माना। लिहाजा सारी शक्ति शिक्षा हासिल करने में लगाई। इस दौरान युवतियों की भाषा, शालीनता, शिष्टाचार और आत्मविश्वास देखकर युवकों के साथ पहुंचे अभिभावक भी काफी प्रभावित हुए। बातचीत के दौरान युवतियों ने कहा कि वे बेमेल विवाह नहीं करेंगी। उनका लक्ष्य ज्ञान हासिल कर स्वावलंबी बनना है। हालांकि युवतियों के सापेक्ष परिचय सम्मेलन में युवकों की संख्या काफी कम रही। परिचय के दौरान सरकारी नौकरी वाले युवकों ने घर के साथ रोजगार करने वाले जीवन साथी मिलने की इच्छा जताई। मुख्य आयोजक आरएल करदम ने बताया कि युवतियों ने दलित समाज का गौरव बढ़ाया है। हर क्षेत्र में युवतियां सबसे आगे हैं। आयोजक राम सतन रवि, रेखा सिंह, चिरंजीलाल, प्रीतम सिंह कुलवंशी, पंडित भंवर लाल बौद्ध, अशोक कर्णवाल, प्रेम सिंह सूर्यवंशी, हरीश चंद्र निमेष और सोमदत्त ने सभी का स्वागत किया।
काउंसिलिंग के लिए आगे आए जोड़े
परिचय सम्मेलन में 110 युवक-युवतियां पहुंचीं, लेकिन काउंसिलिंग के लिए पांच जोड़े आगे आए। अभी इनमें सिर्फ बातचीत ही हुई है। इन जोड़ों का कहना है कि पहले वे एक-दूसरे के स्वभाव, पसंद-नापसंद, रुचि, प्रकृति और प्रवृत्ति से वाकिफ होना चाहते हैं। सिर्फ शिक्षा और रोजगार से ही गृहस्थी नहीं चलती। घर-गृहस्थी के लिए विचार और जीवन की केमिस्ट्री मिलनी बेहद जरूरी है।
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देहरादून। अनुसूचित जाति वर्ग के विवाह योग्य युवक और युवतियों का द्वितीय एक दिवसीय परिचय सम्मेलन का आयोजन रविवार को कांवली रोड स्थित एक वेडिंग प्वांइट में किया गया। समाजसेवी आरएल कर्दम की ओर आयोजित सम्मेलन का शुभारंभ पूर्व जज चिरंजीलाल ने किया। इस दौरान पूजा के बाद परिचय सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन किया गया।
एक दिवसीय परिचय सम्मेलन में 36 युवक और 74 युवतियों ने अपना परिचय दिया। इस दौरान युवतियों ने अपनी शिक्षा, योग्यता, रोजगार और शालीनता से आयोजकों समेत समुदाय के लोगों को चकित किया। युवतियों ने जीवन में भगवान बुद्ध और बाबा साहेब आंबेडकर के सपनों को साकार करने का संकल्प लिया। परिचय सम्मेलन के दौरान चार चिकित्सक, 12 इंजीनियर, चार एमटेक, कुछ प्राध्यापक और प्रबंधन क्षेत्र में सेवाएं देने वाले युवक-युवतियों को अपने बीच पाकर आयोजकों के चेहरे खिल गए। युवतियों का कहना था कि उन्होंने शिक्षा को ही अपना धर्म माना। लिहाजा सारी शक्ति शिक्षा हासिल करने में लगाई। इस दौरान युवतियों की भाषा, शालीनता, शिष्टाचार और आत्मविश्वास देखकर युवकों के साथ पहुंचे अभिभावक भी काफी प्रभावित हुए। बातचीत के दौरान युवतियों ने कहा कि वे बेमेल विवाह नहीं करेंगी। उनका लक्ष्य ज्ञान हासिल कर स्वावलंबी बनना है। हालांकि युवतियों के सापेक्ष परिचय सम्मेलन में युवकों की संख्या काफी कम रही। परिचय के दौरान सरकारी नौकरी वाले युवकों ने घर के साथ रोजगार करने वाले जीवन साथी मिलने की इच्छा जताई। मुख्य आयोजक आरएल करदम ने बताया कि युवतियों ने दलित समाज का गौरव बढ़ाया है। हर क्षेत्र में युवतियां सबसे आगे हैं। आयोजक राम सतन रवि, रेखा सिंह, चिरंजीलाल, प्रीतम सिंह कुलवंशी, पंडित भंवर लाल बौद्ध, अशोक कर्णवाल, प्रेम सिंह सूर्यवंशी, हरीश चंद्र निमेष और सोमदत्त ने सभी का स्वागत किया।
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काउंसिलिंग के लिए आगे आए जोड़े
परिचय सम्मेलन में 110 युवक-युवतियां पहुंचीं, लेकिन काउंसिलिंग के लिए पांच जोड़े आगे आए। अभी इनमें सिर्फ बातचीत ही हुई है। इन जोड़ों का कहना है कि पहले वे एक-दूसरे के स्वभाव, पसंद-नापसंद, रुचि, प्रकृति और प्रवृत्ति से वाकिफ होना चाहते हैं। सिर्फ शिक्षा और रोजगार से ही गृहस्थी नहीं चलती। घर-गृहस्थी के लिए विचार और जीवन की केमिस्ट्री मिलनी बेहद जरूरी है।
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