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आसानी से बुझेगी दस मंजिला इमारत की आग
Updated Sun, 15 Apr 2018 02:16 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
अब ऊंची इमारतों और स्थानों पर लगने वाली आग पर दमकल विभाग आसानी से काबू पा सकेगा। इसके लिए दमकल विभाग को नई हाइड्रोलिक लिफ्ट मिली है, जो 30 मीटर ऊंचाई तक आसानी से अग्निशमन और बचाव कार्य में इस्तेमाल की जा सकेगी। जमीन से 30 मीटर ऊंचाई और छह मीटर नीचे तक भी इसका प्रयोग किया जा सकता है।
शनिवार को गांधी रोड स्थित दमकल कार्यालय में अग्निशमन सेवा दिवस के अवसर पर हाइड्रोलिक लिफ्ट का प्रदर्शन किया गया। दमकल कर्मियों ने अग्निशमन के साथ ही घायल व्यक्तियों को सकुशल उतारने का प्रदर्शन भी किया। इस अवसर पर आधुनिक अग्निशमन और बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि जिले में पांच फायर स्टेशन और एक उप केंद्र स्थापित है। जिले में पूरे साल अग्नि दुर्घटनाओं की कुल 674 सूचनाएं प्राप्त हुईं, जिसमें अग्निशमन टीम ने 22.52 करोड़ से अधिक की संपत्ति का नुकसान बचाया।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी एसके राणा ने बताया कि मौजूदा समय में फायर स्टेशनों में हाई प्रेशर वाटर टेंडर, हाई प्रेशर फोम टेंडर, पोर्टेबल पंप, डीसीपी टेंडर, मिनी वाटर टेंडर, कांबी टूल्स, हाइड्रोलिक स्प्रेडर, हाइड्रोलिक कटर, एयर कंप्रेशर जैसे उपकरण उपलब्ध हैं, जो अग्निशमन के मामलों में बेहद उपयोगी हैं। मौके पर उपनिदेशक (तकनीकी) सुरेंद्र कुमार शर्मा, एसपी सिटी प्रदीप कुमार राय, एसपी देहात सरिता डोभाल, चंद्रमोहन सिंह, राय सिंह राणा आदि उपस्थित थे।
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शहीद फायरकर्मियों को दी श्रद्धांजलि
अग्नि शमन सेवा दिवस की शुरुआत 1944 में हुई, जब मुंबई बंदरगाह पर खड़े इंग्लैंड के फोर्ट स्ट्रिकेन नामक जहाज में आग लग गई। आग बुझाते एवं बचाव कार्य में लगे 66 फायरकर्मी शहीद हो गए। तभी से प्रत्येक वर्ष 14 अप्रैल को यह दिवस मनाया जाता है।
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अब ऊंची इमारतों और स्थानों पर लगने वाली आग पर दमकल विभाग आसानी से काबू पा सकेगा। इसके लिए दमकल विभाग को नई हाइड्रोलिक लिफ्ट मिली है, जो 30 मीटर ऊंचाई तक आसानी से अग्निशमन और बचाव कार्य में इस्तेमाल की जा सकेगी। जमीन से 30 मीटर ऊंचाई और छह मीटर नीचे तक भी इसका प्रयोग किया जा सकता है।
शनिवार को गांधी रोड स्थित दमकल कार्यालय में अग्निशमन सेवा दिवस के अवसर पर हाइड्रोलिक लिफ्ट का प्रदर्शन किया गया। दमकल कर्मियों ने अग्निशमन के साथ ही घायल व्यक्तियों को सकुशल उतारने का प्रदर्शन भी किया। इस अवसर पर आधुनिक अग्निशमन और बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि जिले में पांच फायर स्टेशन और एक उप केंद्र स्थापित है। जिले में पूरे साल अग्नि दुर्घटनाओं की कुल 674 सूचनाएं प्राप्त हुईं, जिसमें अग्निशमन टीम ने 22.52 करोड़ से अधिक की संपत्ति का नुकसान बचाया।
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मुख्य अग्निशमन अधिकारी एसके राणा ने बताया कि मौजूदा समय में फायर स्टेशनों में हाई प्रेशर वाटर टेंडर, हाई प्रेशर फोम टेंडर, पोर्टेबल पंप, डीसीपी टेंडर, मिनी वाटर टेंडर, कांबी टूल्स, हाइड्रोलिक स्प्रेडर, हाइड्रोलिक कटर, एयर कंप्रेशर जैसे उपकरण उपलब्ध हैं, जो अग्निशमन के मामलों में बेहद उपयोगी हैं। मौके पर उपनिदेशक (तकनीकी) सुरेंद्र कुमार शर्मा, एसपी सिटी प्रदीप कुमार राय, एसपी देहात सरिता डोभाल, चंद्रमोहन सिंह, राय सिंह राणा आदि उपस्थित थे।
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शहीद फायरकर्मियों को दी श्रद्धांजलि
अग्नि शमन सेवा दिवस की शुरुआत 1944 में हुई, जब मुंबई बंदरगाह पर खड़े इंग्लैंड के फोर्ट स्ट्रिकेन नामक जहाज में आग लग गई। आग बुझाते एवं बचाव कार्य में लगे 66 फायरकर्मी शहीद हो गए। तभी से प्रत्येक वर्ष 14 अप्रैल को यह दिवस मनाया जाता है।