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बेडू पाको बारो मासा... पर थिरके विदेशी
Updated Thu, 22 Feb 2018 01:48 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
इंदर रोड स्थित ‘नन्ही दुनिया’ स्कूल में बुधवार को अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसमें 16 देशों के शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में विशेष बच्चों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। जिसे मौजूद लोगों ने खूब सराहा। इस दौरान शिक्षाविदों ने संस्कृति और योग के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विभिन्न देशों से पहुंचे अतिथियों और नन्ही दुनिया के मुख्य प्रवर्तक किरण उल्फत गोयल ने दीप जलाकर किया। इसके बाद नन्ही दुनिया के विशेष बच्चों ने उदय हुआ सूरज किरणों ने डाला डेरा... गीत के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद बच्चों ने ईमानदार वुड कटर नाटक पेश किया। इस दौरान कनाडा, फ्रांस, ऑस्ट्रिया, अमेरिका से पहुंचे शिक्षाविदों, कलाकाराें और समाजसेवी बेडू पाको बारो मासा... समेत अन्य लोकगीतों पर जमकर थिरके। शिक्षाविदों ने कहा कि बच्चे ही देश का भविष्य होते हैं, अगर उन्हें शुरू से ही संस्कृति और अच्छे संस्कार दिए जाएं तो समाज बेहतर हो जाएगा। इसके बाद विदेशी मेहमानों ने बच्चों के साथ योग भी किया और योग के फायदे भी बताए। अविकल थियेटर कंपनी के कलाकारों ने जर्मन लोक कथाओं पर आधारित नाटक ग्रिस टेल्स का मंचन किया। कनाडा की टिफनी ने विशेष बच्चों के लिए नन्ही दुनिया की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस दौरान कर्नल रवि मेहरोत्रा, वीके गोयल, वीपी जैन, आलोक जैन समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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इंदर रोड स्थित ‘नन्ही दुनिया’ स्कूल में बुधवार को अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसमें 16 देशों के शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में विशेष बच्चों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। जिसे मौजूद लोगों ने खूब सराहा। इस दौरान शिक्षाविदों ने संस्कृति और योग के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विभिन्न देशों से पहुंचे अतिथियों और नन्ही दुनिया के मुख्य प्रवर्तक किरण उल्फत गोयल ने दीप जलाकर किया। इसके बाद नन्ही दुनिया के विशेष बच्चों ने उदय हुआ सूरज किरणों ने डाला डेरा... गीत के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद बच्चों ने ईमानदार वुड कटर नाटक पेश किया। इस दौरान कनाडा, फ्रांस, ऑस्ट्रिया, अमेरिका से पहुंचे शिक्षाविदों, कलाकाराें और समाजसेवी बेडू पाको बारो मासा... समेत अन्य लोकगीतों पर जमकर थिरके। शिक्षाविदों ने कहा कि बच्चे ही देश का भविष्य होते हैं, अगर उन्हें शुरू से ही संस्कृति और अच्छे संस्कार दिए जाएं तो समाज बेहतर हो जाएगा। इसके बाद विदेशी मेहमानों ने बच्चों के साथ योग भी किया और योग के फायदे भी बताए। अविकल थियेटर कंपनी के कलाकारों ने जर्मन लोक कथाओं पर आधारित नाटक ग्रिस टेल्स का मंचन किया। कनाडा की टिफनी ने विशेष बच्चों के लिए नन्ही दुनिया की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस दौरान कर्नल रवि मेहरोत्रा, वीके गोयल, वीपी जैन, आलोक जैन समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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