{"_id":"595d13d64f1c1b2c628b46ad","slug":"61499272150-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बस कागजों में ओडीएफ घोषित हुआ भिलंगना ब्लाक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बस कागजों में ओडीएफ घोषित हुआ भिलंगना ब्लाक
Updated Wed, 05 Jul 2017 09:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
घनसाली (टिहरी)। टिहरी जिले को स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच से मुक्ति (ओडीएफ) घोषित किया गया है, लेकिन भिलंगना ब्लॉक के सुदूरवर्ती गांवों में अभी तक कई परिवार शौचालय विहीन हैं। यही नहीं कई स्कूलों में भी शौचालय नहीं हैं। स्वजल परियोजना की रिपोर्ट के आधार पर टिहरी जिले को स्वच्छ भारत मिशन के तहत ओडीएफ घोषित कर पुरस्कृत भी किया गया, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। जिले के सबसे बड़े भिलंगना ब्लॉक में ही मेढ़, मरवाड़ी, पिंस्वाड़ और गंगी गांव में करीब 800 परिवार निवासरत हैं, जिनमें से 260 परिवारों के ही मिशन के तहत शौचालयों का निर्माण हो पाया है। अन्य 540 परिवारों के सदस्य आज भी खुले में शौच कर रहे हैं। बावजूद स्वजल परियोजना की ओर से शत प्रतिशत शौचालयों का निर्माण होना बताया गया है, जिससे शौचालय बनाने से छूट गए लोगों में सरकारी मदद मिलने को लेकर संशय बना हुआ है। पिंस्वाड़ की प्रधान राधिका देवी का कहना है कि गांव में 250 परिवार है, जिनमें से 100 परिवारों के शौचालय बने हैं। 78 शौचालय बनाने का अनुबंध हो रखा है। इसी तरह मरवाड़ी की प्रधान लीला देवी ने बताया कि गांव में 155 परिवार हैं, जिनमें अभी तक 40 परिवारों के शौचालय बने हैं और 15 स्वीकृत हैं। जिनके नहीं बने हैं, उन्हें मदद मिलेगी कि नहीं कुछ पता नहीं है। मेंड की प्रधान सत्ता देवी ने बताया कि गांव में 205 परिवारों में से 70 परिवारों के शौचालय बने हैं, 27 का अनुबंध हो रखा है। गंगी के प्रधान नैन सिंह ने बताया कि गांव में 142 शौचालय स्वीकृत हैं, जिसमें से 50 के करीब बन गए हैं। अन्य निर्माणाधीन है। स्वजल के परियोजना प्रबंधक सुनील जोशी का कहना है कि भिलंगना ही नहीं पूरा जिला 2011 की रिपोर्ट के आधार पर ओडीएफ घोषित किया गया है, जो परिवार छूट गए हैं, उनके लिए शासन से निर्देश मिलने पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
टिहरी जिला 2012 की बेस लाइन सर्वे के आधार पर ओडीएफ घोषित किया गया है। इस बीच नए परिवार भी बढ़े हैं, जिनके नहीं बने हैं वहां मनरेगा से शौचालय बनाए जाएंगे। - आशीष भटगांई, सीडीओ टिहरी।
विज्ञापन