{"_id":"595d11f34f1c1b1d398b45c8","slug":"61499271667-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पशु चिकित्सक की संदिग्ध परिस्थितयों में हुई मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पशु चिकित्सक की संदिग्ध परिस्थितयों में हुई मौत
Updated Wed, 05 Jul 2017 09:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
रुद्रप्रयाग। पशुपालन विभाग में कार्यरत एक चिकित्सक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है।
पशुपालन विभाग के दुर्गाधार अस्पताल में तैनात चिकित्सक पीके द्विवेदी (39) पुत्र प्रभुनारायण, मूल निवासी फर्टिलाइजर कालोनी पी-297, गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) यहां बेलणी में किराए के कमरे में रहते थे। बुधवार सुबह 10 बजे तक जब डाक्टर का कमरा नहीं खुला तो पड़ोसियों ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई आवाज नहीं आई। कुछ लोगों ने खिड़की से झांककर देखा तो चिकित्सक बिस्तर पर अचेत अवस्था में दिखाई दिए। इसकी सूचना राजस्व और रेगुलर पुलिस को दी गई। सूचना पर कोतवाली प्रभारी डीएस पंवार, एसआई बीएस रौतेला, तहसीलदार श्रेष्ठ गुनसोला, नायब तहसीलदार रघुवीर सिंह भंडारी मौके पर पहुंचे। दरवाजा तोड़कर चिकित्सक द्विवेदी को जिला अस्पताल लाया गया, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि डा. द्विवेदी यहां अकेले रहते थे। उनकी पत्नी भी सरकारी सेवा में हैं और अल्मोड़ा में तैनात हैं जबकि पिता गोरखपुर में रहते हैं। कोतवाली प्रभारी पंवार ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा। डाक्टर की पत्नी और माता-पिता को सूचित कर दिया गया है।
पशुपालन विभाग के दुर्गाधार अस्पताल में तैनात चिकित्सक पीके द्विवेदी (39) पुत्र प्रभुनारायण, मूल निवासी फर्टिलाइजर कालोनी पी-297, गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) यहां बेलणी में किराए के कमरे में रहते थे। बुधवार सुबह 10 बजे तक जब डाक्टर का कमरा नहीं खुला तो पड़ोसियों ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई आवाज नहीं आई। कुछ लोगों ने खिड़की से झांककर देखा तो चिकित्सक बिस्तर पर अचेत अवस्था में दिखाई दिए। इसकी सूचना राजस्व और रेगुलर पुलिस को दी गई। सूचना पर कोतवाली प्रभारी डीएस पंवार, एसआई बीएस रौतेला, तहसीलदार श्रेष्ठ गुनसोला, नायब तहसीलदार रघुवीर सिंह भंडारी मौके पर पहुंचे। दरवाजा तोड़कर चिकित्सक द्विवेदी को जिला अस्पताल लाया गया, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि डा. द्विवेदी यहां अकेले रहते थे। उनकी पत्नी भी सरकारी सेवा में हैं और अल्मोड़ा में तैनात हैं जबकि पिता गोरखपुर में रहते हैं। कोतवाली प्रभारी पंवार ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा। डाक्टर की पत्नी और माता-पिता को सूचित कर दिया गया है।
विज्ञापन