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ऑनलाइन जा ति प्रमाणपत्र के फॉरमेट से जाति
Updated Tue, 20 Jun 2017 11:19 PM IST
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ऑनलाइन प्रमाण पत्र में गड़बड़ियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, पहले माता-पिता का नाम प्रमाण पत्र में नहीं था, अब इसे ठीक किया गया तो गाड़ा एवं गडरियों जाति का नाम फॉरमेट से गायब है। जिसके वजह से कई फरियादी परेशान हैं।
पिछले महीनों राज्य सरकार के जाति प्रमाण पत्र की तर्ज पर केंद्र सरकार के जाति प्रमाण पत्र ऑनलाइन जारी करने की व्यवस्था की गई थी। इन्हें ई-डिस्ट्रिक्ट के माध्यम से ऑनलाइन जारी किया जा रहा है, लेकिन ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में प्रमाण पत्र के फॉरमेट में माता-पिता का नाम एवं प्रमाण पत्र संख्या आदि नहीं आ रही था। प्रमाण पत्र में आवेदक की पूरी जानकारी न होने से उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा था। इस पर अमर उजाला की ओर से इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित करने पर ठीक कराया था, लेकिन अब फॉरमेट से अन्य पिछड़ा वर्ग की गाड़ा एवं गडरिया जाति का नाम ही गायब कर दिया गया है। इससे दोनों जातियों के आवेदक केंद्र का जाति प्रमाण पत्र लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन तो कर रहे हैं, लेकिन जाति प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहा है। जिसकी वजह से आवेदकों को केंद्र की भर्तियों एवं अन्य में आरक्षण के लाभ से हाथ धोना पड़ रहा है। आए दिन ऐसे फरियादी कभी तहसीलदार तो कभी एसडीएम के चक्कर काट रहे हैं।
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ऑनलाइन प्रमाण पत्र में गड़बड़ियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, पहले माता-पिता का नाम प्रमाण पत्र में नहीं था, अब इसे ठीक किया गया तो गाड़ा एवं गडरियों जाति का नाम फॉरमेट से गायब है। जिसके वजह से कई फरियादी परेशान हैं।
पिछले महीनों राज्य सरकार के जाति प्रमाण पत्र की तर्ज पर केंद्र सरकार के जाति प्रमाण पत्र ऑनलाइन जारी करने की व्यवस्था की गई थी। इन्हें ई-डिस्ट्रिक्ट के माध्यम से ऑनलाइन जारी किया जा रहा है, लेकिन ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में प्रमाण पत्र के फॉरमेट में माता-पिता का नाम एवं प्रमाण पत्र संख्या आदि नहीं आ रही था। प्रमाण पत्र में आवेदक की पूरी जानकारी न होने से उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा था। इस पर अमर उजाला की ओर से इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित करने पर ठीक कराया था, लेकिन अब फॉरमेट से अन्य पिछड़ा वर्ग की गाड़ा एवं गडरिया जाति का नाम ही गायब कर दिया गया है। इससे दोनों जातियों के आवेदक केंद्र का जाति प्रमाण पत्र लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन तो कर रहे हैं, लेकिन जाति प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहा है। जिसकी वजह से आवेदकों को केंद्र की भर्तियों एवं अन्य में आरक्षण के लाभ से हाथ धोना पड़ रहा है। आए दिन ऐसे फरियादी कभी तहसीलदार तो कभी एसडीएम के चक्कर काट रहे हैं।
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