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वेतन नहीं मिलने से रोडवेज कर्मियों में आक्रोश
Updated Fri, 24 Aug 2018 02:24 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन से जुड़े कर्मियों ने समय पर वेतन नहीं मिलने पर आक्रोश जताया। प्रदेश सरकार के एस्मा लगाने के फैसले पर भी नाराजगी जताई। साथ ही रोडवेज प्रबंध निदेशक को ज्ञापन देकर समय पर वेतन दिलाने की मांग की।
यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी की अध्यक्षता में आईएसबीटी स्थित कार्यालय पर बैठक हुई। बैठक में चौधरी ने कहा कि अधिकारियों के आश्वासन के बाद भी वेतन समय पर नहीं मिल रहा है। चालकों-परिचालकों को एक सितंबर से वर्दी पहनना अनिवार्य कर दिया गया है, लेकिन अभी तक उन्हें इसे लेकर धनराशि नहीं दी गई है। पहले भी वर्दी का खर्च परिवहन निगम ही वहन करता था। कहा कि निगम मुख्यालय ने प्रति बस और परिचालक की आय की समीक्षा के बाद करीब 26 परिचालकों का स्थानांतरण कर दिया है। जो गलत है। इनमें से करीब 17 परिचालक विशेष श्रेणी के हैं। इनके नियमितीकरण एवं समान काम समान वेतन का मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। साथ ही उन्होंने एस्मा लगाने के फैसले पर भी रोष जताया। उन्होंने रोडवेज प्रबंध निदेशक बीके संत को ज्ञापन भेजा। इसमें उन्होंने कर्मचारियों के सभी लंबित भुगतानों को देने के साथ ही अन्य समस्याओं के समाधान की भी मांग की। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान केपी सिंह, हरेंद्र कुमार, दीपक शाह, अंकुर, विनय जोशी, नीरज चौधरी, महिपाल सिंह, संदीप कुमार, जितेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन से जुड़े कर्मियों ने समय पर वेतन नहीं मिलने पर आक्रोश जताया। प्रदेश सरकार के एस्मा लगाने के फैसले पर भी नाराजगी जताई। साथ ही रोडवेज प्रबंध निदेशक को ज्ञापन देकर समय पर वेतन दिलाने की मांग की।
यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी की अध्यक्षता में आईएसबीटी स्थित कार्यालय पर बैठक हुई। बैठक में चौधरी ने कहा कि अधिकारियों के आश्वासन के बाद भी वेतन समय पर नहीं मिल रहा है। चालकों-परिचालकों को एक सितंबर से वर्दी पहनना अनिवार्य कर दिया गया है, लेकिन अभी तक उन्हें इसे लेकर धनराशि नहीं दी गई है। पहले भी वर्दी का खर्च परिवहन निगम ही वहन करता था। कहा कि निगम मुख्यालय ने प्रति बस और परिचालक की आय की समीक्षा के बाद करीब 26 परिचालकों का स्थानांतरण कर दिया है। जो गलत है। इनमें से करीब 17 परिचालक विशेष श्रेणी के हैं। इनके नियमितीकरण एवं समान काम समान वेतन का मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। साथ ही उन्होंने एस्मा लगाने के फैसले पर भी रोष जताया। उन्होंने रोडवेज प्रबंध निदेशक बीके संत को ज्ञापन भेजा। इसमें उन्होंने कर्मचारियों के सभी लंबित भुगतानों को देने के साथ ही अन्य समस्याओं के समाधान की भी मांग की। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान केपी सिंह, हरेंद्र कुमार, दीपक शाह, अंकुर, विनय जोशी, नीरज चौधरी, महिपाल सिंह, संदीप कुमार, जितेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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