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पर्यावरण संरक्षण सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं : डॉ. जोशी
Updated Thu, 07 Jun 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
पिछले कुछ समय की पर्यावरणीय घटनाएं बड़ी चेतावनी के संकेत दे रही हैं। ऐसे में अब ज्यादा प्रमाण जुटाने की बजाय सामूहिक दायित्व निभाने की जरूरत है। पर्यावरण संरक्षण सिर्फ सरकार और विभागों की ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हम सबका भी कर्तव्य है।
यह बातें पद्मश्री डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने बुधवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इंडिया आई इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स ऑब्जर्वर संस्था की ओर से इंडिया इस्लामिक कल्चर सेंटर लोधी रोड नई दिल्ली में आयोजित ‘प्रदूषण विस्फोट : पर्यावरण के लिए खतरा’ विषयक कार्यक्रम में कहीं। इस अवसर पद्मश्री डॉ. अनिल प्रकाश जोशी को पर्यावरण के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए ‘अचीवर्स अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। इसके अलावा पूर्व राज्यसभा सांसद विजय दर्दा, प्रो. राजागोपालन वासुदेवन, आध्यात्मिक गुरु महामंडलेश्वर मार्तण्डपुरी महाराज, फिल्म निर्माता नील माधव पांडा, पर्यावरणीय मुद्दों से जुड़ी पत्रकार निवेदिता खांडेकर को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अशोक कुमार चौबे भी शामिल रहे। इस मौके पर पर्यावरणविद् डॉ. अनिल जोशी ने कहा कि प्लास्टिक को 20वीं सदी की सबसे बड़ी खोज का दर्जा दिया जा सकता है, लेकिन अब यह उतना ही विनाशकारी साबित हो रहा है। हर साल करीब 15 हजार टन प्लास्टिक का उत्पादन होता है। दुनिया में प्रति व्यक्ति 45 किलो प्लास्टिक प्रतिवर्ष उपयोग में लाता है। अगर ऐसा ही रहा तो भविष्य में खेती-बाड़ी से ज्यादा प्लास्टिक के ढेर नजर आएंगे। ऐसे में अब प्लास्टिक के विकल्प के बारे में सोचने का समय है। इसके अलावा प्लास्टिक का कचरा अब नदियों और समुद्र के लिए खतरा बन गया है। इससे निपटने के लिए सभी को सामूहिक जिम्मेदारी निभानी होगी।
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पिछले कुछ समय की पर्यावरणीय घटनाएं बड़ी चेतावनी के संकेत दे रही हैं। ऐसे में अब ज्यादा प्रमाण जुटाने की बजाय सामूहिक दायित्व निभाने की जरूरत है। पर्यावरण संरक्षण सिर्फ सरकार और विभागों की ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हम सबका भी कर्तव्य है।
यह बातें पद्मश्री डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने बुधवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इंडिया आई इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स ऑब्जर्वर संस्था की ओर से इंडिया इस्लामिक कल्चर सेंटर लोधी रोड नई दिल्ली में आयोजित ‘प्रदूषण विस्फोट : पर्यावरण के लिए खतरा’ विषयक कार्यक्रम में कहीं। इस अवसर पद्मश्री डॉ. अनिल प्रकाश जोशी को पर्यावरण के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए ‘अचीवर्स अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। इसके अलावा पूर्व राज्यसभा सांसद विजय दर्दा, प्रो. राजागोपालन वासुदेवन, आध्यात्मिक गुरु महामंडलेश्वर मार्तण्डपुरी महाराज, फिल्म निर्माता नील माधव पांडा, पर्यावरणीय मुद्दों से जुड़ी पत्रकार निवेदिता खांडेकर को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अशोक कुमार चौबे भी शामिल रहे। इस मौके पर पर्यावरणविद् डॉ. अनिल जोशी ने कहा कि प्लास्टिक को 20वीं सदी की सबसे बड़ी खोज का दर्जा दिया जा सकता है, लेकिन अब यह उतना ही विनाशकारी साबित हो रहा है। हर साल करीब 15 हजार टन प्लास्टिक का उत्पादन होता है। दुनिया में प्रति व्यक्ति 45 किलो प्लास्टिक प्रतिवर्ष उपयोग में लाता है। अगर ऐसा ही रहा तो भविष्य में खेती-बाड़ी से ज्यादा प्लास्टिक के ढेर नजर आएंगे। ऐसे में अब प्लास्टिक के विकल्प के बारे में सोचने का समय है। इसके अलावा प्लास्टिक का कचरा अब नदियों और समुद्र के लिए खतरा बन गया है। इससे निपटने के लिए सभी को सामूहिक जिम्मेदारी निभानी होगी।
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