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रोस्टर व्यवस्था से उपनल कर्मचारी नाखुश
Updated Sat, 12 May 2018 02:24 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
उपनल कर्मचारियों ने वार्षिक अनुबंध के दौरान रोस्टर व्यवस्था लागू किए जाने के निर्णय पर नाखुशी व्यक्त की है। कर्मचारी नेताओं ने शुक्रवार को मुख्य सचिव से मुलाकात कर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि रोस्टर व्यवस्था लागू होने से कर्मचारी और सरकार दोनों को ही नुकसान होगा।
सचिवालय में मुख्य सचिव उत्पल कुमार से मुलाकात कर उपनल कर्मियों ने बताया कि 27 अप्रैल को जो शासनादेश जारी हुआ, उसमें अनुबंध के दौरान रोस्टर व्यवस्था लागू करने की बात कही गई है। इसका तात्पर्य है कि कर्मचारी का नया अनुबंध किसी दूसरे पटल पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्षों से एक ही जगह काम कर रहे कर्मचारियों को नई जगह शिफ्ट कर दिया जाएगा। नए कर्मचारी को काम समझने में वक्त भी लगेगा, वहीं पूर्व में काम करने वाले कर्मचारी के अनुभव का लाभ विभाग को नहीं मिलेगा। इससे विभाग का भी नुकसान होगा।
मुलाकात के बाद उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष दीपक चौहान, मीडिया प्रभारी हेमंत रावत, संरक्षक भावेश जगूड़ी और विनोद गोदियाल ने कहा कि रोस्टर व्यवस्था को लेकर मुख्य सचिव ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि मांग पूरी न होने पर वह कोर्ट का सहारा लेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार समान कार्य के लिए समान वेतन नहीं देना चाहती। इसलिए इस तरह के फैसले लिए जा रहे हैं।
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उपनल कर्मचारियों ने वार्षिक अनुबंध के दौरान रोस्टर व्यवस्था लागू किए जाने के निर्णय पर नाखुशी व्यक्त की है। कर्मचारी नेताओं ने शुक्रवार को मुख्य सचिव से मुलाकात कर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि रोस्टर व्यवस्था लागू होने से कर्मचारी और सरकार दोनों को ही नुकसान होगा।
सचिवालय में मुख्य सचिव उत्पल कुमार से मुलाकात कर उपनल कर्मियों ने बताया कि 27 अप्रैल को जो शासनादेश जारी हुआ, उसमें अनुबंध के दौरान रोस्टर व्यवस्था लागू करने की बात कही गई है। इसका तात्पर्य है कि कर्मचारी का नया अनुबंध किसी दूसरे पटल पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्षों से एक ही जगह काम कर रहे कर्मचारियों को नई जगह शिफ्ट कर दिया जाएगा। नए कर्मचारी को काम समझने में वक्त भी लगेगा, वहीं पूर्व में काम करने वाले कर्मचारी के अनुभव का लाभ विभाग को नहीं मिलेगा। इससे विभाग का भी नुकसान होगा।
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मुलाकात के बाद उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष दीपक चौहान, मीडिया प्रभारी हेमंत रावत, संरक्षक भावेश जगूड़ी और विनोद गोदियाल ने कहा कि रोस्टर व्यवस्था को लेकर मुख्य सचिव ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि मांग पूरी न होने पर वह कोर्ट का सहारा लेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार समान कार्य के लिए समान वेतन नहीं देना चाहती। इसलिए इस तरह के फैसले लिए जा रहे हैं।
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