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आंदोलनकारियों के नौकरी में आरक्षण को रखा जाए बरकरार राज्य आंदोल
Updated Mon, 02 Apr 2018 01:08 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी कर्मचारी कल्याण परिषद् एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच की रविवार को शहीद स्मारक पर बैठक हुई। बैठक में राज्य आंदोलनकारियों के लिए नौकरी में दस फीसदी क्षैतिज आरक्षण को बरकरार रखने की मांग की गई।
पूर्व महाधिवक्ता रमन शाह ने कहा कि इस मसले पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद सरकार के पास पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के लिए सात दिन का समय बचा है। उन्होंने कहा कि सरकार इस बीच अधिकारियों को शीघ्र पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के लिए निर्देश दे। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के लिए जिस दस फीसदी आरक्षण की बात की जा रही है वे आरक्षण नहीं बल्कि एक बार दिया जाने वाला शिथिलीकरण है। मंच के प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन नेगी ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के मसले पर पूर्ववर्ती नारायण दत्त तिवारी सरकार के बाद कोई भी सरकार संवेदनशील नहीं है। यही वजह है कि आंदोलनकारियों को न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उत्तराखंड सम्मान परिषद की पूर्व अध्यक्ष ऊषा ने कहा कि इस मसले पर मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी। बैठक में मंच के सलाहकार राम लाल खंडूरी, यशवंत सिंह रावत, मंच के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुकरेती, जगमोहन नेगी, यशवंत रावत, सुरेश कुमार, नवीन नैथानी, राकेश थपलियाल, देव नौटियाल, गणेश शाह, महेंद्र रावत, धन सिंह रावत, रामभरोसे भट्ट, दिगंबर, मुकेश राणा आदि शामिल रहे।
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उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी कर्मचारी कल्याण परिषद् एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच की रविवार को शहीद स्मारक पर बैठक हुई। बैठक में राज्य आंदोलनकारियों के लिए नौकरी में दस फीसदी क्षैतिज आरक्षण को बरकरार रखने की मांग की गई।
पूर्व महाधिवक्ता रमन शाह ने कहा कि इस मसले पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद सरकार के पास पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के लिए सात दिन का समय बचा है। उन्होंने कहा कि सरकार इस बीच अधिकारियों को शीघ्र पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के लिए निर्देश दे। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के लिए जिस दस फीसदी आरक्षण की बात की जा रही है वे आरक्षण नहीं बल्कि एक बार दिया जाने वाला शिथिलीकरण है। मंच के प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन नेगी ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के मसले पर पूर्ववर्ती नारायण दत्त तिवारी सरकार के बाद कोई भी सरकार संवेदनशील नहीं है। यही वजह है कि आंदोलनकारियों को न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उत्तराखंड सम्मान परिषद की पूर्व अध्यक्ष ऊषा ने कहा कि इस मसले पर मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी। बैठक में मंच के सलाहकार राम लाल खंडूरी, यशवंत सिंह रावत, मंच के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुकरेती, जगमोहन नेगी, यशवंत रावत, सुरेश कुमार, नवीन नैथानी, राकेश थपलियाल, देव नौटियाल, गणेश शाह, महेंद्र रावत, धन सिंह रावत, रामभरोसे भट्ट, दिगंबर, मुकेश राणा आदि शामिल रहे।
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