सीएम त्रिवेंद्र बोले, साल 2019 में होगी 500 डॉक्टरों की नियुक्ति, हर जिले में बनेगा आईसीयू
सरकार जल्द ही सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में 12 विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति करेगी। डॉक्टरों की तैनाती के आदेश मंगलवार की रात जारी कर दिए गए हैं। एसटीएच में बर्न यूनिट स्थापित करने के साथ ही राजकीय मेडिकल कालेजों में तैनात प्रोफेसरों, एसोसिएट प्रोफेसरों और असिस्टेंट प्रोफेसरों का वेतन उच्चीकृत किया जाएगा। यह बात बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पौने सात करोड़ की लागत से हल्द्वानी में बने महिला अस्पताल के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण के दौरान कही। सीएम ने कैंसर अस्पताल के निर्माण के साथ-साथ उसमें अलग-अलग श्रेणी के 150 पद सृजित करने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब महिला अस्पताल 30 बेड से बढ़कर 100 बेड का हो जाएगा। 84 बेड सामान्य वर्ग के लिए, चार बेड एनसीयूसी के लिए और 12 बेड नवजातों के लिए होंगे। नए भवन में बेसमेंट के अलावा चार तल हैं, जहां लिफ्ट के अलावा रैंप और मिनी ट्यूबवेल की भी व्यवस्था है। प्रभारी मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि आयुष्मान भारत और आयुष्मान उत्तराखंड योजना राज्य के लिए मील का पत्थर साबित होगी। आयुष्मान उत्तराखंड योजना के तहत प्रदेश सरकार राज्य के सभी 23 लाख परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक के इलाज का खर्च उठाएगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व मंत्री और विधायक बंशीधर भगत ने सीएम से बेस अस्पताल में फिजिशियन और न्यूरोसर्जन की तैनाती कराने की मांग की।
मुख्यमंत्री घोषणाएं
-सरकार हर जिले में एक करोड़ 23 लाख रुपये की लागत से आईसीयू स्थापित करेगी और अगले वित्तीय वर्ष में हर जिला अस्पताल में आईसीयू से लैस होगा।
- मेडिकल कॉलेज से पढ़कर आने वाले 50 डॉक्टरों को महिला अस्पताल में तैनात किया जाएगा। मेडिकल कॉलेजों के लिए 138 पद विज्ञापित किए जाएंगे।
- प्रदेश में डॉक्टरों के 2700 पद सृजित हैं। सरकार इस वर्ष 500 नए डॉक्टर नियुक्त करेगी।
-सरकार ‘मेरा सामाजिक दायित्व’ कार्यक्रम शुरू कर रही है। इसके तहत प्राइवेट डॉक्टरों से वार्ता कर उनकी सेवाएं सरकारी अस्पतालों में भी ली जाएंगी।
तीन अस्पतालों को पीपीपी मोड में सौंपा जाएगा
हल्द्वानी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी पर है। रामनगर, सल्ट और टिहरी के सरकारी अस्पतालों को पीपीपी मोड में सौंपने के बाद 33 डॉक्टरों का क्लस्टर बनाया जाएगा। प्रदेश में एक हजार से अधिक डॉक्टरों की नियुक्ति कर 75 फीसदी रिक्त पद भरे जा चुके हैं। टेलीमेडिसिन, टेली कार्डियोलॉजी और टेली रेडियोलॉजी जैसी सुविधाएं मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही हैं।