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आश्वासन पर हैड ड्रिलर का आमरण अनशन खत्म
Updated Fri, 27 Apr 2018 01:32 AM IST
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आश्वासन पर हेड ड्रिलर का आमरण अनशन खत्म
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
29 साल से वेतन का निर्धारण न होने से परेशान यांत्रिक शाखा उत्तराखंड पेयजल निगम में कार्यरत हैड ड्रिलर के आमरण अनशन करने के बाद आखिरकार अधिकारी नींद से जाग ही गए। प्रबंधन से मिले आश्वासन पर हेड ड्रिलर आत्माराम ने बृहस्पतिवार को आमरण अनशन खत्म कर दिया है।
यूनियन के जिला सचिव प्रीतम सिंह सूदन के बताया कि बुधवार को आत्माराम के अनशन पर बैठने के बाद वेतन निर्धारण को लेकर प्रबंधन निदेशक और मुख्य अभियंता के साथ वार्ता की गई, जिसमें प्रबंधन ने वेतन निर्धारण में हुई त्रुटि के निस्तारण के आदेश दिए। इसके बाद आत्माराम ने आमरण अनशन खत्म कर दिया। इस दौरान विजय सिंह राणा, अशोक कुमार, उदय वीर, विशेष कुमार, बिजेंद्र सिंह, प्रीतम सिंह सूदन, बसंत बल्लभ कांडपाल, पीतांबर दत्त लोहनी, आनंद सिंह राजपूत आदि मौजूद रहे।
बता दें कि पेयजल निगम में सन् 1989 से आत्माराम हैड ड्रिलर के पद कार्यरत हैं। इन 29 साल में कई बार गुहार लगाने के बावजूद अधिकारियों ने उनके वेतन का निर्धारण नहीं किया था। कहीं सुनवाई न होने से त्रस्त और आर्थिक परेशानियों से ग्रस्त कर्मचारी ने बुधवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया था। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता ये उठाया था। जिस पर जागे अधिकारियों ने जल्द मामले के निस्तारण का आश्वासन दिया है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
29 साल से वेतन का निर्धारण न होने से परेशान यांत्रिक शाखा उत्तराखंड पेयजल निगम में कार्यरत हैड ड्रिलर के आमरण अनशन करने के बाद आखिरकार अधिकारी नींद से जाग ही गए। प्रबंधन से मिले आश्वासन पर हेड ड्रिलर आत्माराम ने बृहस्पतिवार को आमरण अनशन खत्म कर दिया है।
यूनियन के जिला सचिव प्रीतम सिंह सूदन के बताया कि बुधवार को आत्माराम के अनशन पर बैठने के बाद वेतन निर्धारण को लेकर प्रबंधन निदेशक और मुख्य अभियंता के साथ वार्ता की गई, जिसमें प्रबंधन ने वेतन निर्धारण में हुई त्रुटि के निस्तारण के आदेश दिए। इसके बाद आत्माराम ने आमरण अनशन खत्म कर दिया। इस दौरान विजय सिंह राणा, अशोक कुमार, उदय वीर, विशेष कुमार, बिजेंद्र सिंह, प्रीतम सिंह सूदन, बसंत बल्लभ कांडपाल, पीतांबर दत्त लोहनी, आनंद सिंह राजपूत आदि मौजूद रहे।
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बता दें कि पेयजल निगम में सन् 1989 से आत्माराम हैड ड्रिलर के पद कार्यरत हैं। इन 29 साल में कई बार गुहार लगाने के बावजूद अधिकारियों ने उनके वेतन का निर्धारण नहीं किया था। कहीं सुनवाई न होने से त्रस्त और आर्थिक परेशानियों से ग्रस्त कर्मचारी ने बुधवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया था। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता ये उठाया था। जिस पर जागे अधिकारियों ने जल्द मामले के निस्तारण का आश्वासन दिया है।
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