{"_id":"5a7a11604f1c1ba0268b8c44","slug":"41517949280-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तहसील दिवस के प्रति गंभीर नहीं अधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तहसील दिवस के प्रति गंभीर नहीं अधिकारी
Updated Wed, 07 Feb 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तहसील दिवस के प्रति गंभीर नहीं अधिकारी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद अधिकतर अधिकारी तहसील दिवस के प्रति गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। कहने के लिए यह आयोजन सरकार की प्राथमिकताओं में है लेकिन लापरवाही बरतने वाले ऐसे अधिकारियों पर शासन भी सख्ती नहीं कर पा रहा है।
मंगलवार को सदर तहसील में एसडीएम प्रत्यूष सिंह की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में केवल 15 विभागों के अधिकारी ही पहुंचे और वे भी दोपहर होते-होते आयोजन के बीच से ही निकल लिए। अधिकारियों की इस लापरवाही के चलते आयोजन में फरियादियों की संख्या भी घट गई है। लोगों का कहना है कि पहले तो संबंधित विभागों के कार्यालयों में समस्याओं का समाधान नहीं होता। परेशान लोग तहसील दिवस में शिकायत लेकर पहुंचते हैं लेकिन यहां भी अधिकतर अधिकारी नहीं पहुंचते। ऐसे में तहसील में आने का भी कोई फायदा नहीं होता।
28 शिकायतें हुईं दर्ज
तहसील दिवस में 28 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 27 शिकायतें समाज कल्याण विभाग और एक विद्युत निगम से संबंधित थी। तहसील के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रमेश चंद्र चमोली ने बताया कि समाज कल्याण विभाग से संबंधित शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया है।
विज्ञापन
इन विभागों के अधिकारी रहे अनुपस्थित
पुलिस विभाग, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, परिवहन, सिंचाई विभाग, एमडीडीए, शिक्षा विभाग, पशु चिकित्सा, विकास विभाग, सैनिक कल्याण, सूचना विभाग, भूमि संरक्षण आदि।
कोट :
सभी विभाग के लिए तहसील दिवस में आना अनिवार्य है जो अधिकारी नहीं आए हैं, उनके संबंध में डीएम को रिपोर्ट भेजकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- प्रत्यूष सिंह, एसडीएम सदर
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद अधिकतर अधिकारी तहसील दिवस के प्रति गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। कहने के लिए यह आयोजन सरकार की प्राथमिकताओं में है लेकिन लापरवाही बरतने वाले ऐसे अधिकारियों पर शासन भी सख्ती नहीं कर पा रहा है।
मंगलवार को सदर तहसील में एसडीएम प्रत्यूष सिंह की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में केवल 15 विभागों के अधिकारी ही पहुंचे और वे भी दोपहर होते-होते आयोजन के बीच से ही निकल लिए। अधिकारियों की इस लापरवाही के चलते आयोजन में फरियादियों की संख्या भी घट गई है। लोगों का कहना है कि पहले तो संबंधित विभागों के कार्यालयों में समस्याओं का समाधान नहीं होता। परेशान लोग तहसील दिवस में शिकायत लेकर पहुंचते हैं लेकिन यहां भी अधिकतर अधिकारी नहीं पहुंचते। ऐसे में तहसील में आने का भी कोई फायदा नहीं होता।
विज्ञापन
28 शिकायतें हुईं दर्ज
तहसील दिवस में 28 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 27 शिकायतें समाज कल्याण विभाग और एक विद्युत निगम से संबंधित थी। तहसील के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रमेश चंद्र चमोली ने बताया कि समाज कल्याण विभाग से संबंधित शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया है।
विज्ञापन
इन विभागों के अधिकारी रहे अनुपस्थित
पुलिस विभाग, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, परिवहन, सिंचाई विभाग, एमडीडीए, शिक्षा विभाग, पशु चिकित्सा, विकास विभाग, सैनिक कल्याण, सूचना विभाग, भूमि संरक्षण आदि।
कोट :
सभी विभाग के लिए तहसील दिवस में आना अनिवार्य है जो अधिकारी नहीं आए हैं, उनके संबंध में डीएम को रिपोर्ट भेजकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- प्रत्यूष सिंह, एसडीएम सदर