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किताबों का बोझ कम करने की तकनीक लाएं
Updated Sun, 11 Feb 2018 01:20 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून।
वाइब्रेंट अकादमी और अमर उजाला की ओर से आयोजित विंटर कार्यशाला के समापन पर महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य छात्र-छात्राओं से रूबरू हुई। उन्होंने छात्रों से इंजीनियरिंग कर ऐसी तकनीक ईजाद करने का आह्वान किया, जिससे किताबों का बोझ कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार स्मार्ट तकनीक से पढ़ाई की ओर अग्रसर है। इस दौरान उन्होंने कार्यशाला में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 21 छात्र-छात्राओं को मोमेंटो और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।
शनिवार को चकराता रोड स्थित एक कांप्लेक्स में कार्यशाला का समापन समारोह आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि रेखा आर्य और डायरेक्टर प्रोजेक्ट यूपीसीएल एमके जैन ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राज्यमंत्री ने वाइब्रेंट अकादमी का उत्तराखंड में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अकादमी के माध्यम से बच्चे आईआईटी जैसे उच्च संस्थानों में प्रवेश पा जाते हैं, तो वह उनके लिए गौरव की बात होगी। उन्होंने छात्रों से मेहनत से पढ़ाई करने को कहा।
वाइब्रेंट देहरादून शाखा के निदेशक संजय गुप्ता ने बताया कि वाइब्रेंट अकादमी और अमर उजाला की ओर से कक्षा छह से ग्यारहवीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने को विंटर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विभिन्न स्कूलों के करीब 150 छात्रों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि कोटा की तरह देहरादून में भी प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी कराई जाएगी।
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वाइब्रेंट कोटा के प्रबंधक सत्यप्रकाश गुप्ता, हेड एज डिवीजन वाइब्रेंट अकादमी कोटा नीलेश गुप्ता और निदेशक वैभव जैन नेे छात्रों और अभिभावकों को अकादमी के उद्देश्यों के बारे में बताया। उन्होंने छात्रों से शून्य से बढ़कर उच्च मुकाम हासिल करने को प्रेरित किया। कहा कि अकादमी का लक्ष्य ऐसे छात्रों को प्राथमिकता देना है, जो गांवों से आए हैं। इससे पहले निदेशक नीलेश गुप्ता और पवन शर्मा ने अभिभावकों की कार्यशाला का आयोजन किया। जिसमें अभिभावकों को पढ़ाई के दौरान बच्चों पर किसी तरह का दबाव न डालने के लिए कहा। साथ ही उन्होंने छात्रों को उनकी रुचि के आधार पर कॅरियर चुनने की छूट देने की सलाह दी। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक मौजूद रहे।
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इन छात्र-छात्राओं को किया पुरस्कृत
कक्षा छात्र-छात्राएं
छह वंशराज सैनी, हजराज, चेतन्या
सात समर्थ सिंह नेगी, अभिजय गुप्ता, दिव्यांग सेठी
आठ विवेक मोर्य, शुभम भटनागर, प्राची सैनी
नौ अनुराग सिंह, सुजिता शर्मा, मानस तिवारी, अनीषा गुप्ता
दस सुजीत श्याम, ऊर्वी गुप्ता, अवनी गुप्ता
ग्यारह अनन्या, चित्रांशी तिवारी, श्रृष्ठा गुप्ता
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वाइब्रेंट अकादमी और अमर उजाला की ओर से आयोजित विंटर कार्यशाला के समापन पर महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य छात्र-छात्राओं से रूबरू हुई। उन्होंने छात्रों से इंजीनियरिंग कर ऐसी तकनीक ईजाद करने का आह्वान किया, जिससे किताबों का बोझ कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार स्मार्ट तकनीक से पढ़ाई की ओर अग्रसर है। इस दौरान उन्होंने कार्यशाला में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 21 छात्र-छात्राओं को मोमेंटो और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।
शनिवार को चकराता रोड स्थित एक कांप्लेक्स में कार्यशाला का समापन समारोह आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि रेखा आर्य और डायरेक्टर प्रोजेक्ट यूपीसीएल एमके जैन ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राज्यमंत्री ने वाइब्रेंट अकादमी का उत्तराखंड में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अकादमी के माध्यम से बच्चे आईआईटी जैसे उच्च संस्थानों में प्रवेश पा जाते हैं, तो वह उनके लिए गौरव की बात होगी। उन्होंने छात्रों से मेहनत से पढ़ाई करने को कहा।
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वाइब्रेंट देहरादून शाखा के निदेशक संजय गुप्ता ने बताया कि वाइब्रेंट अकादमी और अमर उजाला की ओर से कक्षा छह से ग्यारहवीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने को विंटर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विभिन्न स्कूलों के करीब 150 छात्रों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि कोटा की तरह देहरादून में भी प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी कराई जाएगी।
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वाइब्रेंट कोटा के प्रबंधक सत्यप्रकाश गुप्ता, हेड एज डिवीजन वाइब्रेंट अकादमी कोटा नीलेश गुप्ता और निदेशक वैभव जैन नेे छात्रों और अभिभावकों को अकादमी के उद्देश्यों के बारे में बताया। उन्होंने छात्रों से शून्य से बढ़कर उच्च मुकाम हासिल करने को प्रेरित किया। कहा कि अकादमी का लक्ष्य ऐसे छात्रों को प्राथमिकता देना है, जो गांवों से आए हैं। इससे पहले निदेशक नीलेश गुप्ता और पवन शर्मा ने अभिभावकों की कार्यशाला का आयोजन किया। जिसमें अभिभावकों को पढ़ाई के दौरान बच्चों पर किसी तरह का दबाव न डालने के लिए कहा। साथ ही उन्होंने छात्रों को उनकी रुचि के आधार पर कॅरियर चुनने की छूट देने की सलाह दी। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक मौजूद रहे।
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इन छात्र-छात्राओं को किया पुरस्कृत
कक्षा छात्र-छात्राएं
छह वंशराज सैनी, हजराज, चेतन्या
सात समर्थ सिंह नेगी, अभिजय गुप्ता, दिव्यांग सेठी
आठ विवेक मोर्य, शुभम भटनागर, प्राची सैनी
नौ अनुराग सिंह, सुजिता शर्मा, मानस तिवारी, अनीषा गुप्ता
दस सुजीत श्याम, ऊर्वी गुप्ता, अवनी गुप्ता
ग्यारह अनन्या, चित्रांशी तिवारी, श्रृष्ठा गुप्ता
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