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पांच लाख की पेंटिंग बनी आकर्षण का केंद्र
Updated Mon, 05 Feb 2018 01:52 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला देहरादून
परेड ग्राउंड में चल रहे इंडो-नेपाल ट्रेड फेयर में पांच लाख की पेंटिंग आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसमें सोना जड़ा हुआ है। पेंटिंग को सात लोगों ने मिलकर सात महीनों में तैयार किया है। डायनासोर पार्क, ऊंट की सवारी, भूत बंगला, हस्तशिल्प, लकड़ी की आकर्षक वस्तुएं, कालीन, गलीचे और नेपाली खुखरी भी लोगों को मेले में आने को मजबूर रही है।
मेले में नेपाल के अलग-अलग प्रांतों से आए छोटे-मझोले व्यापारी नेपाली संस्कृति से जुड़ी हस्तकला से लोगों का मन मोह रहे हैं। नेपाल की ढाका टोपी पहनकर युवा खूब सेल्फी ले रहे हैं। साथ ही नेपाल में बनने वाले कांसे और तांबे के बर्तन भी मेले में मौजूद हैं। हथियार व्यापारियों की प्रदर्शनी में नेपाल और भारतीय गोरखा समुदाय की शान से जुड़ा हथियार खुखरी भी लोगों को भा रहा है।
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नेपाली स्टालों पर भीड़
ट्रेड फेयर में नेपाली कंठ की माला, रानी का हार, नेपाल की प्रसिद्ध नूडल्स, अदरक, नेपाली चाय, आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी, सिंकी, गुंद्रका, नेपाली पस्मीना, काष्ठ की मूर्ति, नेपाली दालें, प्रसिद्ध शहद, ग्रीन-टी और खाने-पीने के स्टालों पर लोग उमड़ रहे हैं।
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दो दिन में 25 लाख की बिक्री
ट्रेड फेयर के पीआरओ प्रेमचंद्र ने बताया कि आठ फरवरी तक पांच करोड़ की बिक्री का लक्ष्य है। गत दो दिनों में तकरीबन 25 लाख की सेल हुई है, जिसमें 15 लाख के नेपाली सामान और 10 लाख के भारतीय सामानों की बिक्री हुई।
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परेड ग्राउंड में चल रहे इंडो-नेपाल ट्रेड फेयर में पांच लाख की पेंटिंग आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसमें सोना जड़ा हुआ है। पेंटिंग को सात लोगों ने मिलकर सात महीनों में तैयार किया है। डायनासोर पार्क, ऊंट की सवारी, भूत बंगला, हस्तशिल्प, लकड़ी की आकर्षक वस्तुएं, कालीन, गलीचे और नेपाली खुखरी भी लोगों को मेले में आने को मजबूर रही है।
मेले में नेपाल के अलग-अलग प्रांतों से आए छोटे-मझोले व्यापारी नेपाली संस्कृति से जुड़ी हस्तकला से लोगों का मन मोह रहे हैं। नेपाल की ढाका टोपी पहनकर युवा खूब सेल्फी ले रहे हैं। साथ ही नेपाल में बनने वाले कांसे और तांबे के बर्तन भी मेले में मौजूद हैं। हथियार व्यापारियों की प्रदर्शनी में नेपाल और भारतीय गोरखा समुदाय की शान से जुड़ा हथियार खुखरी भी लोगों को भा रहा है।
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नेपाली स्टालों पर भीड़
ट्रेड फेयर में नेपाली कंठ की माला, रानी का हार, नेपाल की प्रसिद्ध नूडल्स, अदरक, नेपाली चाय, आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी, सिंकी, गुंद्रका, नेपाली पस्मीना, काष्ठ की मूर्ति, नेपाली दालें, प्रसिद्ध शहद, ग्रीन-टी और खाने-पीने के स्टालों पर लोग उमड़ रहे हैं।
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दो दिन में 25 लाख की बिक्री
ट्रेड फेयर के पीआरओ प्रेमचंद्र ने बताया कि आठ फरवरी तक पांच करोड़ की बिक्री का लक्ष्य है। गत दो दिनों में तकरीबन 25 लाख की सेल हुई है, जिसमें 15 लाख के नेपाली सामान और 10 लाख के भारतीय सामानों की बिक्री हुई।