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प्रदेश के लिए-चिकित्सा शिक्षा पैकेज की दूसरी खबर- इस बार भी नहीं

Wed, 24 Jan 2018 07:20 PM IST
Updated Wed, 24 Jan 2018 07:20 PM IST
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प्रदेश के लिए-चिकित्सा शिक्षा पैकेज की दूसरी खबर-    इस बार भी नहीं

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इस बार भी नहीं मिलेंगी एमबीबीए की नई सीटें

अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य अधर में लटका
सरकार ने नवंबर 2016 के बाद से नहीं दिया बजट
कई और नए मेडिकल कालेजों के निर्माण में सुस्ती

अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून।
प्रदेश के होनहारों को इस साल भी एमबीबीएस की नई सीटें नहीं मिल पाएंगी। अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज का निर्माण सरकारी सुस्ती के चलते अधर में लटक गया है। हालात यह हैं कि सरकार ने नवंबर 2016 के बाद से कॉलेज को बजट ही जारी नहीं किया है। जबकि कॉलेज का अधिकतर निर्माण पूरा हो चुका है।
सरकार ने कई साल पहले राजकीय दून मेडिकल कॉलेज देहरादून और राजकीय मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा का निर्माण कार्य शुरू किया था। देहरादून में निर्माण पूर्ण होने के बाद दाखिले भी शुरू हो चुके हैं। लेकिन अल्मोड़ा में निर्माण अधर में लटका हुआ है। अगर सरकार समय से बजट जारी कर देती तो इस साल कॉलेज को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता मिल सकती थी। मान्यता मिलने के साथ ही सूबे में एमबीबीएस की 100 सीटें बढ़ जाएंगी। सूबे के भगवानपुर, कोटद्वार और रुद्रपुर में नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण भी शिलान्यास से आगे नहीं बढ़ पाया है। लिहाजा, इस साल पुराने कॉलेजों की एमबीबीएस सीटें ही दाखिले के लिए उपलब्ध होंगी।
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किस कॉलेज में कितनी सीटें
कॉलेज का नाम एमबीबीएस सीटें
राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर 100
राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी 100
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून 150
हिमालयन मेडिकल कॉलेज, जौलीग्रांट 150
एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज, देहरादून 150
सुभारती मेडिकल कॉलेज, देहरादून 150

बयान-
अल्मोड़ा के मेडिकल कॉलेज को नवंबर 2016 के बाद से बजट नहीं मिला है। इस वजह से कॉलेज का निर्माण अटका पड़ा हुआ है। हमने बजट का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। जैसे बजट आएगा काम शुरू हो जाएगा। उम्मीद है कि वर्ष 2019 में इस कॉलेज को एमसीआई से मान्यता मिल जाएगी।
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- डॉ.आशुतोष सयाना, चिकित्सा शिक्षा निदेशक
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