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युवक की मौत पर अस्पताल में हंगामा
Updated Thu, 06 Jul 2017 09:59 PM IST
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कंडीसौड़ (टिहरी)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कंडीसौड़ में उपचार के दौरान एक युवक की मौत होने पर परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने डाक्टरों पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की। जिला मुख्यालय से डॉक्टरों की टीम पहुंचने के पांच घंटे बाद ही परिजनों ने अस्पताल से शव उठाया।
कंडीसौड़ यूनियन बैंक में इंश्योरेंश का काम करने वाले नकोट बगोड़ी गांव निवासी जगत मोहन जोशी (45) पुत्र कर्मानंद जोशी के सीने में बृहस्पतिवार सुबह छह बजे दर्द हुआ। वह अपने घर से 300 मीटर पैदल दूरी तय कर अकेले ही अस्पताल पहुंचे। उपचार के दौरान करीब आठ बजे उनकी मौत हो गई। परिजनों को जब अस्पताल में जगत की मौत की सूचना मिली तो वे भड़क उठे। उसके बड़े भाई नरेश मोहन जोशी ने डाक्टरों पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। कहा कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई व्यवस्था नहीं है। यदि मरीज की स्थिति गंभीर थी तो उसे हायर सेंटर रेफर क्यों नहीं किया गया। मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग को लेकर उन्होंने शाम पांच बजे तक अस्पताल से शव नहीं उठाया।
सीएमओ के निर्देश पर जिला मुख्यालय से डा. विजय डबराल व डा. पोखराज कंडीसौड़ अस्पताल पहुंचे। अस्पताल की प्रभारी डा. मनीषा से पूछताछ करने के बाद दोनों डाक्टरों ने नाराज परिजनों को बताया कि मरीज के उपचार में कोई भी लापरवाही नहीं बरती गई। जो भी संसाधन अस्पताल में उपलब्ध है, उसी आधार पर उपचार किया गया। तब जाकर परिजनों का गुस्सा शांत हुआ। इधर, डा. मनीषा ने बताया कि जगत की मौत हार्टअटैक से हुई है। तीन दिन से उनके सीने में दर्द की शिकायत थी, लेकिन उसने किसी भी अस्पताल में उपचार नहीं कराया।
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कंडीसौड़ यूनियन बैंक में इंश्योरेंश का काम करने वाले नकोट बगोड़ी गांव निवासी जगत मोहन जोशी (45) पुत्र कर्मानंद जोशी के सीने में बृहस्पतिवार सुबह छह बजे दर्द हुआ। वह अपने घर से 300 मीटर पैदल दूरी तय कर अकेले ही अस्पताल पहुंचे। उपचार के दौरान करीब आठ बजे उनकी मौत हो गई। परिजनों को जब अस्पताल में जगत की मौत की सूचना मिली तो वे भड़क उठे। उसके बड़े भाई नरेश मोहन जोशी ने डाक्टरों पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। कहा कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई व्यवस्था नहीं है। यदि मरीज की स्थिति गंभीर थी तो उसे हायर सेंटर रेफर क्यों नहीं किया गया। मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग को लेकर उन्होंने शाम पांच बजे तक अस्पताल से शव नहीं उठाया।
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सीएमओ के निर्देश पर जिला मुख्यालय से डा. विजय डबराल व डा. पोखराज कंडीसौड़ अस्पताल पहुंचे। अस्पताल की प्रभारी डा. मनीषा से पूछताछ करने के बाद दोनों डाक्टरों ने नाराज परिजनों को बताया कि मरीज के उपचार में कोई भी लापरवाही नहीं बरती गई। जो भी संसाधन अस्पताल में उपलब्ध है, उसी आधार पर उपचार किया गया। तब जाकर परिजनों का गुस्सा शांत हुआ। इधर, डा. मनीषा ने बताया कि जगत की मौत हार्टअटैक से हुई है। तीन दिन से उनके सीने में दर्द की शिकायत थी, लेकिन उसने किसी भी अस्पताल में उपचार नहीं कराया।
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