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25 वां स्थापना दिवस: अमर उजाला ने बेनकाब किए घोटालेबाज, सिस्टम को झकझोरा, पढ़िए ये खास रिपोर्ट...

Fri, 25 Feb 2022 04:22 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 25 Feb 2022 04:22 PM IST
सार

अमर उजाला द्वारा किए गए खुलासों ने गहरी नींद में सोए सिस्टम को न सिर्फ जगाने का काम किया बल्कि उसे व्यवस्था में सुधार लाने को भी बाध्य कर दिया। ऐसे खुलासों की लंबी फेहरिस्त है।

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25th Foundation Day: Amar Ujala exposed the scamsters, shook the system, read this special report...
अमर उजाला फाउंडेशन डे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

समाज और सिस्टम को घुन की तरह चाटने वाले घोटालेबाजों को बेनकाब करने में अमर उजाला ने अहम भूमिका निभाई। पिछले 25 सालों की यात्रा में अखबार ने कई ऐसे खुलासे किए जिन्होंने पूरे तंत्र को झिंझोड़ कर रख दिया।

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इन खुलासों ने गहरी नींद में सोए सिस्टम को न सिर्फ जगाने का काम किया बल्कि उसे व्यवस्था में सुधार लाने को भी बाध्य कर दिया। ऐसे खुलासों की लंबी फेहरिस्त है। हम कुछ चुनिंदा खबरों का जिक्र कर रहे हैं, जो सिर्फ सनसनी भर नहीं थीं बल्कि सिस्टम को आईना दिखाने वाली भी थी। पेश है ये रिपोर्ट:-
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शराब घोटाला
जो भी अवैध शराब जब्त की जाती है, वह शराब बतौर केस प्रॉपर्टी पुलिस मालखाने में जमा करती है। बाद में इस शराब को नष्ट कर दिया जाता है। लेकिन देहरादून की पुलिस इस शराब का सौदा करने लगी थी। अमर उजाला टीम ने नवंबर 2002 में पुलिस के इस अवैध धंधे का पर्दाफाश किया। इस मामले में कई आरोपी पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी। अमर उजाला का यह खुलासा लंबे समय तक चर्चाओं में रहा।
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ये भी पढ़ें...रजत जयंती: उत्तराखंडियत के साथ धड़कते रहने के 25 वर्ष, देहरादून से यूं शुरू हुआ अमर उजाला का सफर...

दवाई खरीद घोटाला
उत्तराखंड में जो दवाईयां खरीदी जाती हैं, उनमें बड़े घोटाले का मार्च 2003 में अमर उजाला ने पर्दाफाश किया था। दरअसल, उत्तराखंड सरकार ने जो दवाईयां खरीदी थीं, उनकी खरीद में यह दावा किया गया था कि वह केंद्र सरकार के निर्धारित मानकों के तहत खरीदी गई। जब अमर उजाला ने इनकी पड़ताल की तो पता चला कि जो दवाईयां खरीदी गई थी, वह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मानकों में थी ही नहीं। जब खबरें प्रकाशित हुई तो इसकी जांच हुई। दवाईयों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए। पता चला कि यह सभी दवाईयां नकली थी। खबरों की दुनिया में अमर उजाला का यह खुलासा लंबे समय तक पाठकों के दिलो-दिमाग में ताजा रहा।

चकराता रोड चौड़ीकरण
शहर के मुख्य केंद्र बिंदु घंटाघर पर सड़कें काफी संकरी थीं। यहां लोगों की भारी भीड़ की वजह से हमेशा लंबा जाम लगा रहता था। अमर उजाला ने शहरवासियों को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए चकराता रोड चौड़ीकरण का अभियान चलाया। अभियान का असर यह हुआ कि सिस्टम भी जाग गया। चकराता रोड का बेहद मुश्किल माना जाने वाला चौड़ीकरण आसान हो गया। लोगों को लंबे समय तक इस जाम से निजात मिल गई।

अमर उजाला ने ब्रेक की क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की शादी

देश-विदेश में अपनी प्रतिभा से लोहा मनवा रहे भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की देहरादून में शादी की खबर अमर उजाला ने ब्रेक की। कुछ ही पलों में यह खबर पूरे देश और दुनिया में छा गई। अमर उजाला ने खबर में धोनी की देहरादून में जिस लड़की से शादी का दावा किया था, वह बिल्कुल सही साबित हुआ। खबरों की दुनिया में इस खबर ने अमर उजाला के सूचना तंत्र को एक नई पहचान दी।

पेड़ कटान मामला
उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू की जमीन पर खड़े जंगली पेड़ रातोंरात काट दिए गए। अमर उजाला ने इसका सबसे पहले खुलासा किया। देखते ही देखते मामला हाईप्रोफाइल बन गया। वन बहुल प्रदेश में पुलिस के आला अधिकारी के खिलाफ ही पेड़ काटने के मामले को प्रकाशित करने से अमर उजाला ने यह साबित कर दिया कि खबरों के मामले में अमर उजाला का रवैया सबके लिए समान है।

आरटीई एडमिशन घोटाला
देहरादून के नामी स्कूलों में अमीरों ने सेटिंग-गेटिंग कर अपने बच्चों के दाखिले शिक्षा का अधिकार अधिनियम(आरटीई) के तहत मुफ्त में करा दिए। अमर उजाला ने सिलसिलेवार पड़ताल करके गरीबों के हक पर डाका डालने वाले ऐसे लोगों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत का पर्दाफाश किया। सरकार ने मामले में जांच बैठाई। तमाम बच्चों के एडमिशन रद्द किए गए। कई अभिभावकों से रिकवरी भी की गई। इसके बाद से ही आरटीई एडमिशन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई।

सिडकुल घोटाला
उत्तराखंड के औद्योगिक क्षेत्रों में जो भी निर्माण कार्य होने थे, ड्रेनेज आदि के काम होने थे, उनमें अनियमितता हुई। अमर उजाला ने इस घोटाले का बेबाकी से पर्दाफाश किया। सरकार ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच बैठा दी। मामले की एसआईटी जांच अभी भी प्रचलित है। मामले में कई अधिकारियों का निलंबन हुआ।
 

एनएच 74 घोटाला

नेशनल हाईवे घोटाले की जांच पड़ताल में उस वक्त नया मोड़ आ गया जब अमर उजाला ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के पत्र का खुलासा किया। दरअसल, मुख्यमंत्री बनते ही त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए एनएच-74 घोटाले की सीबीआई जांच की मांग की थी। इस पर केंद्रीय मंत्री गडकरी ने पत्र भेजते हुए कहा था कि इस तरह के मामले की सीबीआई जांच से अधिकारियों का मनोबल प्रभावित होता है। अमर उजाला की इस खबर ने सत्ता के गलियारों में खूब चर्चाएं बटोरी।

नारी निकेतन प्रकरण
नारी निकेतन में मूक बधिर लड़की से दुष्कर्म और गर्भपात कराने के सनसनीखेज मामले का अमर उजाला ने खुलासा किया। अमर उजाला टीम ने बाकायदा मूक बधिर बच्ची की वीडियो को एक्सपर्ट को दिखाकर समझा और उससे जुड़े सभी तथ्य प्रकाशित किए। सरकार ने दबाव में आकर मामले की जांच बैठाई। मामले में नारी निकेतन के अधिकारियों पर गाज गिरी। नारी निकेतन में व्यवस्थाएं दुरुस्त की गई। बाद में अमर उजाला टीम को इस खुलासे के लिए राष्ट्रपति ने केसी कुलिश अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया।

भाजपा में मी टू
उत्तराखंड में सरकार चला रही भारतीय जनता पार्टी के एक वरिष्ठ संगठन पदाधिकारी पर एक महिला ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। अमर उजाला ने इस पूरे मामले का सिलसिलेवार खुलासा किया। सत्ताधारी भाजपा में हड़कंप मच गया। बाद में संगठन ने कार्रवाई करते हुए उस पदाधिकारी को पद से हटा दिया।

स्कूल में रेप व गर्भपात
देहरादून के एक प्रतिष्ठित बोर्डिंग स्कूल में एक बच्ची के रेप और गर्भपात कराने का सनसनीखेज खुलासा  अमर उजाला ने किया। बोर्डिंग स्कूल में यह मामला आने के बाद हड़कंप मच गया। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए मामले की तफ्तीश की। मामले में स्कूल की संचालिका से लेकर कई अधिकारी सलाखों के पीछे गए। सीबीएसई ने स्कूल की मान्यता खत्म कर दी। इसके बाद सरकारों ने विशेष व्यवस्थाएं बनाई।

छात्रवृत्ति घोटाला: निजी स्कूलों, कॉलेजों में फर्जी छात्र दिखाकर छात्रवृत्ति हड़पने का खुलासा अमर उजाला ने किया। गरीब होनहारों के हक पर डाका डालने के इस मामले ने प्रदेशभर में हड़कंप मचा दिया। मामला हाईकोर्ट तक गया और हाईकोर्ट के आदेश पर एसआईटी गठित हुई। एसआईटी ने प्रदेश के तमाम नामी कॉलेज संचालकों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा। अभी भी जांच और कार्रवाई जारी है।

शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा
फर्जी दस्तावेज लगाकर सरकारी स्कूलों में नौकरी पाने वालों का खुलासा अमर उजाला ने किया। सरकार में हड़कंप मच गया। मामले की जांच बैठाई गई। एक के बाद एक तमाम शिक्षकों पर फर्जी दस्तावेज से नौकरी पाने के मामले में मुकदमे दर्ज किए गए। तमाम फर्जी शिक्षकों की नौकरी गई। कई शिक्षक जेल गए। अभी भी मामले की जांच चल रही है।
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