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बच्ची से छेड़छाड़ के दोषी को पांच साल की सजा
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
घर में घुसकर 12 साल की बच्ची से छेड़छाड़ करने वाले को विशेष पॉक्सो जज रमा पांडेय की अदालत ने पांच साल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर अलग-अलग धाराओं में सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोषी घटना के दिन से ही जेल में बंद है।
घटना एक अगस्त 2015 की है। रायवाला पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया था। शासकीय अधिवक्ता भरत सिंह नेगी के अनुसार जहान आलम पुत्र अमरुद्दीन आलम निवासी मंगलौर हरिद्वार रायवाला में एक निर्माणाधीन मकान में मजदूरी करता था। घटना वाले दिन घर में सिर्फ 12 साल की बच्ची मौजूद थी। आरोप था कि बच्ची को अकेला देखकर जहान आलम उससे छेड़छाड़ करने लगा। इसी बीच बच्ची की मां वहां आई तो जहान आलम दीवार फांदकर भाग निकला। पुलिस ने जहान आलम को हरिद्वार क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। अगले दिन पीड़िता (बच्ची) के मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराए गए। आरोपों की पुष्टि होने पर पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की और विशेष पॉक्सो कोर्ट में मुकदमा चलाया गया। अभियोजन की ओर से कुल पांच गवाह पेश किए गए। सभी गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने जहान आलम को जबरन घर में घुसने, छेड़छाड़, जान से मारने की धमकी देने का दोषी करार दिया। जबरन घर में घुसने के दोष में पांच साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना, छेड़छाड़ में ढाई साल कैद, जान से मारने की धमकी देने के दोष में एक साल कैद व दो हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गई है।
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घर में घुसकर 12 साल की बच्ची से छेड़छाड़ करने वाले को विशेष पॉक्सो जज रमा पांडेय की अदालत ने पांच साल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर अलग-अलग धाराओं में सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोषी घटना के दिन से ही जेल में बंद है।
घटना एक अगस्त 2015 की है। रायवाला पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया था। शासकीय अधिवक्ता भरत सिंह नेगी के अनुसार जहान आलम पुत्र अमरुद्दीन आलम निवासी मंगलौर हरिद्वार रायवाला में एक निर्माणाधीन मकान में मजदूरी करता था। घटना वाले दिन घर में सिर्फ 12 साल की बच्ची मौजूद थी। आरोप था कि बच्ची को अकेला देखकर जहान आलम उससे छेड़छाड़ करने लगा। इसी बीच बच्ची की मां वहां आई तो जहान आलम दीवार फांदकर भाग निकला। पुलिस ने जहान आलम को हरिद्वार क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। अगले दिन पीड़िता (बच्ची) के मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराए गए। आरोपों की पुष्टि होने पर पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की और विशेष पॉक्सो कोर्ट में मुकदमा चलाया गया। अभियोजन की ओर से कुल पांच गवाह पेश किए गए। सभी गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने जहान आलम को जबरन घर में घुसने, छेड़छाड़, जान से मारने की धमकी देने का दोषी करार दिया। जबरन घर में घुसने के दोष में पांच साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना, छेड़छाड़ में ढाई साल कैद, जान से मारने की धमकी देने के दोष में एक साल कैद व दो हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गई है।
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