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आरोपियों को पकड़ने के बजाय साख बचाने में जुटी सरकार
Updated Tue, 21 Aug 2018 02:04 AM IST
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आरोपियों को पकड़ने के बजाय साख बचाने में जुटी सरकार
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
उत्तरकाशी में नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के बाद हत्या को लेकर पूरे प्रदेश में आक्रोश है। वहीं उक्रांद ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और परिजनों को 20 लाख मुआवजा देने की मांग की है।
उक्रांद संरक्षक एवं पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष त्रिवेंद्र पंवार ने सोमवार को पत्रकार वार्ता के दौरान घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि सरकार आरोपियों को पकड़ने के बजाय अपनी साख बचानेे में जुटी है। यह घटना सरकार की घोर लापरवाही के साथ ही पहाड़ों की लचर कानून व्यवस्था को उजागर करती है। घटना के बाद पांच जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर सरकार अपनी साख बचाने में जुटी है। आलम यह है कि ग्रामीणों द्वारा गांव की सीमाएं चारों ओर से सील किए जाने के बावजूद वारदात के 48 घंटे से ज्यादा गुजरने पर भी पुलिस अंधेरे में ही तीर चला रही है। घटना का एक दुखद पहलू यह भी है कि पूरा परिवार अपने जर्जर पुश्तैनी मकान के किसी भी समय जमींदोज हो जाने के भय से इन दिनों बरामदे में ही रात गुजर रहा है। ऐसे में पीड़ित परिवार को तत्काल 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद करनी चाहिए।
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
उत्तरकाशी में नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के बाद हत्या को लेकर पूरे प्रदेश में आक्रोश है। वहीं उक्रांद ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और परिजनों को 20 लाख मुआवजा देने की मांग की है।
उक्रांद संरक्षक एवं पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष त्रिवेंद्र पंवार ने सोमवार को पत्रकार वार्ता के दौरान घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि सरकार आरोपियों को पकड़ने के बजाय अपनी साख बचानेे में जुटी है। यह घटना सरकार की घोर लापरवाही के साथ ही पहाड़ों की लचर कानून व्यवस्था को उजागर करती है। घटना के बाद पांच जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर सरकार अपनी साख बचाने में जुटी है। आलम यह है कि ग्रामीणों द्वारा गांव की सीमाएं चारों ओर से सील किए जाने के बावजूद वारदात के 48 घंटे से ज्यादा गुजरने पर भी पुलिस अंधेरे में ही तीर चला रही है। घटना का एक दुखद पहलू यह भी है कि पूरा परिवार अपने जर्जर पुश्तैनी मकान के किसी भी समय जमींदोज हो जाने के भय से इन दिनों बरामदे में ही रात गुजर रहा है। ऐसे में पीड़ित परिवार को तत्काल 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद करनी चाहिए।
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