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हेलमेट न पहनने पर 809 चालान, 79,200 जुर्माना वसूला
Updated Sun, 12 Aug 2018 02:40 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
शहर में डबल हेलमेट के अभियान का शनिवार को पहले दिन जबरदस्त असर दिखा। जगह-जगह सीपीयू और यातायात पुलिस ने अभियान चलाया। दिनभर चले अभियान में 809 चालान कर 79200 रुपये जुर्माना वसूला। कागजात नहीं दिखाने पर आठ दोपहिया वाहन सीज किए। कार्रवाई से वाहन चालकों में अफरा तफरी मची रही।
राजधानी में लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए दोपहिया वाहन पर पीछे बैठने वाली सवारी के लिए हेलमेट अनिवार्य कर दिया है। इसी कड़ी में पुलिस ने शहरभर में अभियान की शुरुआत की। वहीं, एसएसपी निवेदिता कुकरेती और एसपी ट्रैफिक लोकेश्वर सिंह ने भी खुद सड़कों पर उतरकर स्थिति का जायजा लिया। पहले दिन काफी संख्या में दोपहिया पर पीछे बैठी सवारी बगैर हेलमेट दिखाई दीं। इनमें बड़े, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे। सीपीयू और यातायात पुलिस के अभियान के कारण शनिवार को हेलमेट विक्रेताओं की चांदी रही। सैकड़ों की संख्या में हेलमेट बिके। हेलमेट विक्रेता महेश कुमार के मुताबिक हेलमेट पहनकर हादसे का शिकार होने से बचा जा सकता है।
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स्कूली बच्चों में भी मची खलबली
शहर के अधिकतर स्कूलों में पढ़ने वाले जिन बच्चों ने हेलमेट नहीं लगाया था, वह पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए मुख्य सड़क के बजाए गलियों से घर पहुंचे। सीपीयू और यातायात पुलिस चौराहों पर मुस्तैद दिखाई दी।
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नहीं मिली लिफ्ट
आमतौर पर लोग दोपहिया वाहन चलाने वाले व्यक्ति से लिफ्ट मांग लेते हैं। लेकिन, शनिवार से पीछे बैठे व्यक्ति के लिए भी हेलमेट अनिवार्य होने के कारण बाइक सवार लोगों को लिफ्ट देने से बचे। उनका कहना था कि पीछे बैठी सवारी के लिए हेलमेट अनिवार्य होने के कारण लोगों को लिफ्ट मिलना भी बंद हो जाएगा।
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शहर में डबल हेलमेट के अभियान का शनिवार को पहले दिन जबरदस्त असर दिखा। जगह-जगह सीपीयू और यातायात पुलिस ने अभियान चलाया। दिनभर चले अभियान में 809 चालान कर 79200 रुपये जुर्माना वसूला। कागजात नहीं दिखाने पर आठ दोपहिया वाहन सीज किए। कार्रवाई से वाहन चालकों में अफरा तफरी मची रही।
राजधानी में लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए दोपहिया वाहन पर पीछे बैठने वाली सवारी के लिए हेलमेट अनिवार्य कर दिया है। इसी कड़ी में पुलिस ने शहरभर में अभियान की शुरुआत की। वहीं, एसएसपी निवेदिता कुकरेती और एसपी ट्रैफिक लोकेश्वर सिंह ने भी खुद सड़कों पर उतरकर स्थिति का जायजा लिया। पहले दिन काफी संख्या में दोपहिया पर पीछे बैठी सवारी बगैर हेलमेट दिखाई दीं। इनमें बड़े, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे। सीपीयू और यातायात पुलिस के अभियान के कारण शनिवार को हेलमेट विक्रेताओं की चांदी रही। सैकड़ों की संख्या में हेलमेट बिके। हेलमेट विक्रेता महेश कुमार के मुताबिक हेलमेट पहनकर हादसे का शिकार होने से बचा जा सकता है।
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स्कूली बच्चों में भी मची खलबली
शहर के अधिकतर स्कूलों में पढ़ने वाले जिन बच्चों ने हेलमेट नहीं लगाया था, वह पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए मुख्य सड़क के बजाए गलियों से घर पहुंचे। सीपीयू और यातायात पुलिस चौराहों पर मुस्तैद दिखाई दी।
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नहीं मिली लिफ्ट
आमतौर पर लोग दोपहिया वाहन चलाने वाले व्यक्ति से लिफ्ट मांग लेते हैं। लेकिन, शनिवार से पीछे बैठे व्यक्ति के लिए भी हेलमेट अनिवार्य होने के कारण बाइक सवार लोगों को लिफ्ट देने से बचे। उनका कहना था कि पीछे बैठी सवारी के लिए हेलमेट अनिवार्य होने के कारण लोगों को लिफ्ट मिलना भी बंद हो जाएगा।