{"_id":"5b032a754f1c1bdc408b6cb1","slug":"21526934133-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाली पीरियड में भी बच्चों को पढ़ाएंगे गुरुजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खाली पीरियड में भी बच्चों को पढ़ाएंगे गुरुजी
Updated Tue, 22 May 2018 01:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को अब खाली पीरियड में भी बच्चों को पढ़ाना होगा। सचिव शिक्षा डा. भूपिंदर कौर औलख ने इस आशय का शासनादेश जारी किया है।
बता दें प्रदेश के अधिकतर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। कहीं शिक्षकों के पद रिक्त हैं तो कहीं अन्य कारणों से पढ़ाई नहीं हो पा रही है। इसके चलते स्कूलों में कई पीरियड खाली रहते हैं। इससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इससे निपटने के लिए राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत प्रवक्ताओं को इंटरमीडिएट स्तर पर आवंटित पीरियड के अलावा खाली पीरियड में भी पढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। डॉ. औलख के अनुसार शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और तबादला एक्ट जैसे प्रयास कर रही है। इस बीच रिक्त पदों के कारण स्कूलों का पठन-पाठन प्रभावित न हो, इसके लिए यह व्यवस्था बनाई जा रही है। इस बाबत निदेशक माध्यमिक शिक्षा को तुरंत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
प्रदेश के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को अब खाली पीरियड में भी बच्चों को पढ़ाना होगा। सचिव शिक्षा डा. भूपिंदर कौर औलख ने इस आशय का शासनादेश जारी किया है।
बता दें प्रदेश के अधिकतर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। कहीं शिक्षकों के पद रिक्त हैं तो कहीं अन्य कारणों से पढ़ाई नहीं हो पा रही है। इसके चलते स्कूलों में कई पीरियड खाली रहते हैं। इससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इससे निपटने के लिए राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत प्रवक्ताओं को इंटरमीडिएट स्तर पर आवंटित पीरियड के अलावा खाली पीरियड में भी पढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। डॉ. औलख के अनुसार शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और तबादला एक्ट जैसे प्रयास कर रही है। इस बीच रिक्त पदों के कारण स्कूलों का पठन-पाठन प्रभावित न हो, इसके लिए यह व्यवस्था बनाई जा रही है। इस बाबत निदेशक माध्यमिक शिक्षा को तुरंत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन