{"_id":"5ad118024f1c1b46098b46a5","slug":"21523652610-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वस्थ राजनीति को जन्म देती है जीवंत बहस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वस्थ राजनीति को जन्म देती है जीवंत बहस
Updated Sat, 14 Apr 2018 02:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
उत्तराखंड विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज में शुक्रवार को तीन दिवसीय राष्ट्रीय पार्लियामेंटरी डिबेट का शुभारंभ हुआ। इसमें पहले दिन दिल्ली, पंजाब समेत कई राज्यों के विश्वविद्यालय के 60 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
मुख्य अतिथि विवि के चांसलर जितेंद्र जोशी ने कहा कि देश-दुनिया के ज्वलंत मुद्दों पर जीवंत बहस छात्रों में स्वस्थ राजनीति को जन्म देती है। साथ ही उनकी तार्किक क्षमता में भी बढ़ोतरी होती है। विशिष्ट अतिथि के रूप में विवि के कुलपति प्रो. एनके जोशी मौजूद थे। इस दौरान छात्रों ने महाराष्ट्र से अलग कर पृथक राज्य का निर्माण विषय पर मॉकड्रिल की। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश बहुगुणा ने बताया कि प्रतियोगिता एशियन पार्लियामेंटरी डिबेट पर आधारित है। इसके जरिये सरकार की ओर से प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, उपनेता प्रतिपक्ष की ओर से एडजुडिकेटर के दिए गए विषय पर 20 मिनट की तैयारी के बाद बहस की जाती है। इस दौरान डॉ. पूनम रावत, कुलजीत सिंह, डॉ. जितेंद्र सिंह, प्रवीन लखेड़ा, डॉ. विजय श्रीवास्तव, डॉ. जेएस ओझा, नावेद अख्तर, एस. आनंद, शशंाक त्यागी, उज्ज्वल सिंह समेत छात्र-छात्राएं मौजदू रहे।
विज्ञापन
उत्तराखंड विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज में शुक्रवार को तीन दिवसीय राष्ट्रीय पार्लियामेंटरी डिबेट का शुभारंभ हुआ। इसमें पहले दिन दिल्ली, पंजाब समेत कई राज्यों के विश्वविद्यालय के 60 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
मुख्य अतिथि विवि के चांसलर जितेंद्र जोशी ने कहा कि देश-दुनिया के ज्वलंत मुद्दों पर जीवंत बहस छात्रों में स्वस्थ राजनीति को जन्म देती है। साथ ही उनकी तार्किक क्षमता में भी बढ़ोतरी होती है। विशिष्ट अतिथि के रूप में विवि के कुलपति प्रो. एनके जोशी मौजूद थे। इस दौरान छात्रों ने महाराष्ट्र से अलग कर पृथक राज्य का निर्माण विषय पर मॉकड्रिल की। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश बहुगुणा ने बताया कि प्रतियोगिता एशियन पार्लियामेंटरी डिबेट पर आधारित है। इसके जरिये सरकार की ओर से प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, उपनेता प्रतिपक्ष की ओर से एडजुडिकेटर के दिए गए विषय पर 20 मिनट की तैयारी के बाद बहस की जाती है। इस दौरान डॉ. पूनम रावत, कुलजीत सिंह, डॉ. जितेंद्र सिंह, प्रवीन लखेड़ा, डॉ. विजय श्रीवास्तव, डॉ. जेएस ओझा, नावेद अख्तर, एस. आनंद, शशंाक त्यागी, उज्ज्वल सिंह समेत छात्र-छात्राएं मौजदू रहे।
विज्ञापन