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श्रीनगर मेडिकल कॉलेज बनेगा एएफएमसी-2
Updated Mon, 12 Mar 2018 01:04 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
श्रीनगर गढ़वाल में देश का दूसरा आर्म्ड फोर्स मेडिकल कॉलेज खुलने जा रहा है। राज्य सरकार ने इसकी कवायद तेज कर दी है। इसके लिए 18 मार्च को सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत देहरादून आ रहे हैं। यह जानकारी सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पूर्व सैनिक सम्मेलन में शिरकत के दौरान दी। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार पूर्व सैनिकों के साथ ही प्रदेश के युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है।
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को राज्य सरकार एक बार फिर सेना को सौंपने की तैयारी में जुट गई है। इस बार इस कॉलेज को एएफएमसी-2 बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि अभी तक देश में केवल एक आर्म्ड फोर्स मेडिकल कॉलेज पुणे में है। इससे पास आउट होकर युवा सीधे सेना में डॉक्टर बनते हैं। उत्तराखंड जैसे सैन्य बहुल प्रदेश के लिए एएफएमसी बनना एक बड़ी सौगात होगी। उन्होंने बताया कि 18 मार्च को सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत से एएफएमसी-2 को लेकर चर्चा होगी। आपको बता दें कि इससे पहले भी सरकार ने श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को सेना को सौंपने की कोशिश की थी। सेना की मेडिकल कोर टीम ने निरीक्षण के बाद इस कॉलेज को लेने से इंकार कर दिया था। अब सरकार नए सिरे से यह शुरुआत कर रही है। हालांकि एएफएमसी बनने से प्रदेश के युवाओं को नुकसान भी होगा। चूंकि यहां अखिल भारतीय स्तर पर दाखिला प्रक्रिया होती है। इसके लिए प्रवेश परीक्षा नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) ही है। वर्तमान में कॉलेज में 100 में से 85 सीटें राज्य कोटे की हैं। एएफएमसी बनने के बाद यह कोटा समाप्त हो जाएगा।
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श्रीनगर गढ़वाल में देश का दूसरा आर्म्ड फोर्स मेडिकल कॉलेज खुलने जा रहा है। राज्य सरकार ने इसकी कवायद तेज कर दी है। इसके लिए 18 मार्च को सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत देहरादून आ रहे हैं। यह जानकारी सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पूर्व सैनिक सम्मेलन में शिरकत के दौरान दी। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार पूर्व सैनिकों के साथ ही प्रदेश के युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है।
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को राज्य सरकार एक बार फिर सेना को सौंपने की तैयारी में जुट गई है। इस बार इस कॉलेज को एएफएमसी-2 बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि अभी तक देश में केवल एक आर्म्ड फोर्स मेडिकल कॉलेज पुणे में है। इससे पास आउट होकर युवा सीधे सेना में डॉक्टर बनते हैं। उत्तराखंड जैसे सैन्य बहुल प्रदेश के लिए एएफएमसी बनना एक बड़ी सौगात होगी। उन्होंने बताया कि 18 मार्च को सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत से एएफएमसी-2 को लेकर चर्चा होगी। आपको बता दें कि इससे पहले भी सरकार ने श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को सेना को सौंपने की कोशिश की थी। सेना की मेडिकल कोर टीम ने निरीक्षण के बाद इस कॉलेज को लेने से इंकार कर दिया था। अब सरकार नए सिरे से यह शुरुआत कर रही है। हालांकि एएफएमसी बनने से प्रदेश के युवाओं को नुकसान भी होगा। चूंकि यहां अखिल भारतीय स्तर पर दाखिला प्रक्रिया होती है। इसके लिए प्रवेश परीक्षा नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) ही है। वर्तमान में कॉलेज में 100 में से 85 सीटें राज्य कोटे की हैं। एएफएमसी बनने के बाद यह कोटा समाप्त हो जाएगा।
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