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शिक्षकों को वेतन के लाले, आर्थिक हालात बिगड़े
Updated Thu, 08 Mar 2018 01:12 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
प्रदेश के 14 अशासकीय महाविद्यालयों के 350 शिक्षक और 1250 शिक्षणेत्तर कर्मचारी तीन माह से वेतन का इंतजार कर रहे हैं। बजट न होने की वजह से अभी तक वेतन नहीं मिल पाया है। शिक्षकों का कहना है कि दिवाली के बाद इस बार होली भी बिना वेतन ही मनानी पड़ी है। उनकी मांग है जल्द से जल्द वेतन जारी किया जाए।
अशासकीय महाविद्यालयों के शिक्षकों को नवंबर माह का वेतन मिला था। इसके बाद दिसंबर, जनवरी और फरवरी को वेतन नहीं मिला है। कई कर्मचारियों और शिक्षकों पर गंभीर आर्थिक संकट आ गया है। उनका घर का खर्च चलना मुश्किल हो गया है। बैंकों के लोन की किश्त नहीं दे पा रहे हैं, जिससे पेनल्टी की दोहरी मार पड़ रही है। पहले दिवाली पर वेतन नहीं मिला था। इस बार होली पर भी वेतन नहीं मिल पाया है। गढ़वाल यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (ग्रुटा) के महामंत्री डा. डीके त्यागी का कहना है कि यह पहली ऐसी सरकार है, जिसके कार्यकाल में त्योहारों पर भी वेतन नहीं मिला। वह कई बार विभाग में वेतन की मांग कर चुके हैं लेकिन कोई हल नहीं निकल पा रहा है। उधर, मामले में उच्च शिक्षा निदेशक डा. सविता मोहन का कहना है कि मार्च में पूरा वेतन दे दिया जाएगा। बजट की वजह से वेतन अटका हुआ था।
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प्रदेश के 14 अशासकीय महाविद्यालयों के 350 शिक्षक और 1250 शिक्षणेत्तर कर्मचारी तीन माह से वेतन का इंतजार कर रहे हैं। बजट न होने की वजह से अभी तक वेतन नहीं मिल पाया है। शिक्षकों का कहना है कि दिवाली के बाद इस बार होली भी बिना वेतन ही मनानी पड़ी है। उनकी मांग है जल्द से जल्द वेतन जारी किया जाए।
अशासकीय महाविद्यालयों के शिक्षकों को नवंबर माह का वेतन मिला था। इसके बाद दिसंबर, जनवरी और फरवरी को वेतन नहीं मिला है। कई कर्मचारियों और शिक्षकों पर गंभीर आर्थिक संकट आ गया है। उनका घर का खर्च चलना मुश्किल हो गया है। बैंकों के लोन की किश्त नहीं दे पा रहे हैं, जिससे पेनल्टी की दोहरी मार पड़ रही है। पहले दिवाली पर वेतन नहीं मिला था। इस बार होली पर भी वेतन नहीं मिल पाया है। गढ़वाल यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (ग्रुटा) के महामंत्री डा. डीके त्यागी का कहना है कि यह पहली ऐसी सरकार है, जिसके कार्यकाल में त्योहारों पर भी वेतन नहीं मिला। वह कई बार विभाग में वेतन की मांग कर चुके हैं लेकिन कोई हल नहीं निकल पा रहा है। उधर, मामले में उच्च शिक्षा निदेशक डा. सविता मोहन का कहना है कि मार्च में पूरा वेतन दे दिया जाएगा। बजट की वजह से वेतन अटका हुआ था।
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