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पुस्तकें पढ़कर पैदा हुआ लिखने का शौक : रस्किन
Updated Mon, 12 Feb 2018 01:40 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
अंग्रेजी भाषा के प्रख्यात लेखक रस्किन बांड की किताब कनफेशन ऑफ बुक लवर का विमोचन रविवार को राजपुर रोड स्थित नटराज बुक शॉप में हुआ। विमोचन लेखक रस्किन बांड, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश राजीव शर्मा और सेंट जोजेफ्स स्कूल के प्रिंसिपल बाबू वर्गीस ने किया।
विमोचन के दौरान रस्किन बांड ने कहा कि उन्होंने चार्ल्स, थॉमस हार्डी और कुछ अन्य लेखकों की पुस्तकें पढ़ीं। जिनका लेखन इतना पसंद आया कि उन्होंने खुद भी लिखना शुरू कर दिया। पुस्तक में भी उन्होंने लिखा है कि इन लेखकों की पुस्तकों से उन्हें लिखने की प्रेरणा मिली। यह भी बताया कि कहानियां पढ़ते-बढ़ते वह किस तरह से लेखक बन गए। कार्यक्रम में उन्होंने सेंट जोजेफ्स स्कूल के बच्चों के सवालों का जवाब दिया। उन्होंने बच्चों से कहा कि किताबें बढ़ने से हमें कुछ करने की प्रेरणा मिलती है। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश राजीव शर्मा ने कहा कि किताबों को पढ़ना हमारी संस्कृति का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्हें खुद भी किताबों को पढ़ने का शौक है और उन्होंने रस्किन बांड की कई किताबें पढ़ी हैं। सेंट जोजेफ्स स्कूल के प्रिंसिपल बाबू वर्गीस ने कहा कि उन्हें भी पुस्तकें लिखने का शौक है। बच्चों को पुस्तकें पढ़नी चाहिए इससे लिखने की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम में बच्चों के बीच प्रसिद्ध लेखक रस्किन बांड के ऑटोग्राफ लेने की होड़ मची रही। कार्यक्रम में नटराज बुक शॉप के सीईओ उपेंद्र अरोड़ा, उमा शंकर थपलियाल आदि मौजूद रहे।
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अंग्रेजी भाषा के प्रख्यात लेखक रस्किन बांड की किताब कनफेशन ऑफ बुक लवर का विमोचन रविवार को राजपुर रोड स्थित नटराज बुक शॉप में हुआ। विमोचन लेखक रस्किन बांड, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश राजीव शर्मा और सेंट जोजेफ्स स्कूल के प्रिंसिपल बाबू वर्गीस ने किया।
विमोचन के दौरान रस्किन बांड ने कहा कि उन्होंने चार्ल्स, थॉमस हार्डी और कुछ अन्य लेखकों की पुस्तकें पढ़ीं। जिनका लेखन इतना पसंद आया कि उन्होंने खुद भी लिखना शुरू कर दिया। पुस्तक में भी उन्होंने लिखा है कि इन लेखकों की पुस्तकों से उन्हें लिखने की प्रेरणा मिली। यह भी बताया कि कहानियां पढ़ते-बढ़ते वह किस तरह से लेखक बन गए। कार्यक्रम में उन्होंने सेंट जोजेफ्स स्कूल के बच्चों के सवालों का जवाब दिया। उन्होंने बच्चों से कहा कि किताबें बढ़ने से हमें कुछ करने की प्रेरणा मिलती है। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश राजीव शर्मा ने कहा कि किताबों को पढ़ना हमारी संस्कृति का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्हें खुद भी किताबों को पढ़ने का शौक है और उन्होंने रस्किन बांड की कई किताबें पढ़ी हैं। सेंट जोजेफ्स स्कूल के प्रिंसिपल बाबू वर्गीस ने कहा कि उन्हें भी पुस्तकें लिखने का शौक है। बच्चों को पुस्तकें पढ़नी चाहिए इससे लिखने की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम में बच्चों के बीच प्रसिद्ध लेखक रस्किन बांड के ऑटोग्राफ लेने की होड़ मची रही। कार्यक्रम में नटराज बुक शॉप के सीईओ उपेंद्र अरोड़ा, उमा शंकर थपलियाल आदि मौजूद रहे।
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