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अशासकीय विद्यालयों में नियुक्ति पर लगी रोक हटाओ
Updated Thu, 28 Dec 2017 02:01 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून।
अशासकीय स्कूलों में नियुक्ति पर लगी रोक हटाने समेत चार सूत्रीय मांगों को लेकर अशासकीय प्रधानाचार्य वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय से मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष पीसी सुयाल और प्रदेश महामंत्री अवधेश कुमार कौशिक ने कहा कि लंबे समय से उनकी मांगें लंबित पड़ी हैं, जिनका निस्तारण नहीं किया जा रहा है।
बुधवार को एसोसिएशन प्रतिनिधिमंडल ने यमुना कॉलोनी स्थित आवास पर शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। उन्होंने सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्ति पर लगी रोक तत्काल हटाने और नियमित नियुक्ति के आदेश जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि नियुक्तियां न होने के कारण विद्यालयों में तमाम पद खाली पड़े हैं, जिससे पठन-पाठन समेत अन्य व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही है। सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के इंटरमीडिएट कॉलेजों के प्रधानाध्यापक/प्रधानाचार्य पद पर नियुक्ति के बाद भी पांच की डाउनग्रेड समयावधि रखी गई है। जिसके चलते अधिकांश प्रधानाचार्य अपने पद का लाभ लिए बिना ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वहीं, राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्यों की नियुक्ति में तदर्थ प्रमोशन दे कर पूर्ण पद का वेतनमान दिया जा रहा है, जिससे अशासकीय शिक्षकों में रोष है।
उन्होंने अशासकीय प्रधानाचार्यों को भी राजकीय की तर्ज पर तदर्थ प्रमोशन देकर प्रधानाचार्य का वेतनमान अनुमन्य करने की मांग की। उन्होंने चतुर्थ श्रेणी के पदों पर स्वीकृत पदों के सापेक्ष किसी भी माध्यम से नियमित नियुक्ति की स्वीकृति करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अशासकीय विद्यालय रमसा से आच्छादित नहीं हैं, जिसके कारण उनके विकास कार्यों में भारी आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। इससे निपटने के लिए उन्होंने वेतन का कुल दस फीसदी वार्षिक अनुरक्षण अनुदान स्वीकृत करने की मांग की। प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक गोयल, हरिद्वार जिला मंत्री संजय गर्ग, कोषाध्यक्ष दिनेश चंद्र भट्ट समेत अन्य शामिल रहे।
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अशासकीय स्कूलों में नियुक्ति पर लगी रोक हटाने समेत चार सूत्रीय मांगों को लेकर अशासकीय प्रधानाचार्य वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय से मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष पीसी सुयाल और प्रदेश महामंत्री अवधेश कुमार कौशिक ने कहा कि लंबे समय से उनकी मांगें लंबित पड़ी हैं, जिनका निस्तारण नहीं किया जा रहा है।
बुधवार को एसोसिएशन प्रतिनिधिमंडल ने यमुना कॉलोनी स्थित आवास पर शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। उन्होंने सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्ति पर लगी रोक तत्काल हटाने और नियमित नियुक्ति के आदेश जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि नियुक्तियां न होने के कारण विद्यालयों में तमाम पद खाली पड़े हैं, जिससे पठन-पाठन समेत अन्य व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही है। सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के इंटरमीडिएट कॉलेजों के प्रधानाध्यापक/प्रधानाचार्य पद पर नियुक्ति के बाद भी पांच की डाउनग्रेड समयावधि रखी गई है। जिसके चलते अधिकांश प्रधानाचार्य अपने पद का लाभ लिए बिना ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वहीं, राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्यों की नियुक्ति में तदर्थ प्रमोशन दे कर पूर्ण पद का वेतनमान दिया जा रहा है, जिससे अशासकीय शिक्षकों में रोष है।
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उन्होंने अशासकीय प्रधानाचार्यों को भी राजकीय की तर्ज पर तदर्थ प्रमोशन देकर प्रधानाचार्य का वेतनमान अनुमन्य करने की मांग की। उन्होंने चतुर्थ श्रेणी के पदों पर स्वीकृत पदों के सापेक्ष किसी भी माध्यम से नियमित नियुक्ति की स्वीकृति करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अशासकीय विद्यालय रमसा से आच्छादित नहीं हैं, जिसके कारण उनके विकास कार्यों में भारी आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। इससे निपटने के लिए उन्होंने वेतन का कुल दस फीसदी वार्षिक अनुरक्षण अनुदान स्वीकृत करने की मांग की। प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक गोयल, हरिद्वार जिला मंत्री संजय गर्ग, कोषाध्यक्ष दिनेश चंद्र भट्ट समेत अन्य शामिल रहे।
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