{"_id":"5bc3a4a7bdec2269a7715876","slug":"201539548327-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पारंपरिक नृत्य से बालिकाओं ने बांधा समां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पारंपरिक नृत्य से बालिकाओं ने बांधा समां
Updated Mon, 15 Oct 2018 01:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
देहरादून। दशहरे के उपलक्ष्य में गढ़ी कैंट स्थित गोरखाली सुधार सभा भवन में रविवार आयोजित हाम्रो दशैं कार्यक्रम में बालिकाओं ने नेपाली मारूनी नृत्य अकाशैमा समेत कई रंगारंग प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया। इसके अलावा कनक कला केंद्र की वीणा अग्रवाल की भरत नाट्यम की प्रस्तुति भी सराहनीय रही। कार्यक्रम में दुर्गा वंदना, महिसासुर मर्दन नृत्य नाटिका, चंडी नृत्य, मारूनी नृत्य, नेवारी नृत्य, चैब्रुंग नृत्य मुख्य आकर्षण रहे।
गोरखाली सुधार सभा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सभा के महामंत्री गोपाल क्षेत्री ने कहा कि दशहरा गोरखा समाज के लिए सबसे लोकप्रिय त्योहार है। इसमें समुदाय के लोग नौ दिनों तक घरों में मां दुर्गा देवी की पूजा अर्चना करते हैं। विजय दशमी के दिन घर के बड़े बुजुर्ग परिवार के सभी सदस्यों को दही अक्षत का टीका लगाते हैं। इसके अलावा सिर पर जौ लगाकर आशीर्वाद और उपहार भी देते हैं। कार्यक्रम के दौरान समाज के उत्थान में विशेष सहयोग देने वाले पूर्व शाखा अध्यक्षों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सत्यसागर घाले, बल बहादुर गुरुंग, अशोक प्रधान, संध्या थापा, जेएम शाही, मीनू क्षेत्री, राम बहादुर क्षेत्री, केबी थापा, राधा क्षेत्री, सभा के अध्यक्ष पद्म सिंह थापा, ज्येष्ठ उपाध्यक्ष राजन क्षेत्री, उपाध्यक्ष पूजा सुब्बा, मधुसूदन शर्मा, प्रभा शाह, शंकर थापा, कर्नल सीबी थापा, कर्नल जीवन कुमार क्षेत्री, राजेंद्र कौर सोंधी, विष्णु प्रसाद गुप्ता, बीपी नौटियाल, अमिताभ शाही, कमला थापा आदि मौजूद रहीं।
चित्रकला से बच्चों ने दिया स्वच्छता का संदेश
गोरखाली सुधार सभा के सभागार में आयोजित हाम्रो दशैं कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने चित्रकला के जरिए लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया। बच्चों ने पोस्टर के माध्यम से बढ़ती गंदगी के दुष्प्रभावों की जानकारी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
देहरादून। दशहरे के उपलक्ष्य में गढ़ी कैंट स्थित गोरखाली सुधार सभा भवन में रविवार आयोजित हाम्रो दशैं कार्यक्रम में बालिकाओं ने नेपाली मारूनी नृत्य अकाशैमा समेत कई रंगारंग प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया। इसके अलावा कनक कला केंद्र की वीणा अग्रवाल की भरत नाट्यम की प्रस्तुति भी सराहनीय रही। कार्यक्रम में दुर्गा वंदना, महिसासुर मर्दन नृत्य नाटिका, चंडी नृत्य, मारूनी नृत्य, नेवारी नृत्य, चैब्रुंग नृत्य मुख्य आकर्षण रहे।
गोरखाली सुधार सभा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सभा के महामंत्री गोपाल क्षेत्री ने कहा कि दशहरा गोरखा समाज के लिए सबसे लोकप्रिय त्योहार है। इसमें समुदाय के लोग नौ दिनों तक घरों में मां दुर्गा देवी की पूजा अर्चना करते हैं। विजय दशमी के दिन घर के बड़े बुजुर्ग परिवार के सभी सदस्यों को दही अक्षत का टीका लगाते हैं। इसके अलावा सिर पर जौ लगाकर आशीर्वाद और उपहार भी देते हैं। कार्यक्रम के दौरान समाज के उत्थान में विशेष सहयोग देने वाले पूर्व शाखा अध्यक्षों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सत्यसागर घाले, बल बहादुर गुरुंग, अशोक प्रधान, संध्या थापा, जेएम शाही, मीनू क्षेत्री, राम बहादुर क्षेत्री, केबी थापा, राधा क्षेत्री, सभा के अध्यक्ष पद्म सिंह थापा, ज्येष्ठ उपाध्यक्ष राजन क्षेत्री, उपाध्यक्ष पूजा सुब्बा, मधुसूदन शर्मा, प्रभा शाह, शंकर थापा, कर्नल सीबी थापा, कर्नल जीवन कुमार क्षेत्री, राजेंद्र कौर सोंधी, विष्णु प्रसाद गुप्ता, बीपी नौटियाल, अमिताभ शाही, कमला थापा आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन
चित्रकला से बच्चों ने दिया स्वच्छता का संदेश
गोरखाली सुधार सभा के सभागार में आयोजित हाम्रो दशैं कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने चित्रकला के जरिए लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया। बच्चों ने पोस्टर के माध्यम से बढ़ती गंदगी के दुष्प्रभावों की जानकारी दी।
विज्ञापन