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प्रदेश के लिए- प्रदेश में एनएसएस शिविर आए संकट में
Updated Thu, 27 Sep 2018 01:44 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के शिविरों पर प्रदेश में संकट छा गया है। गत वर्ष से इसके लिए बजट नहीं मिलने से सभी स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्यालयों के एनएसएस अधिकारियों व प्राचार्यों ने शिविर आयोजित करने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
प्रदेश में एनएसएस से स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय के 59,100 स्वयंसेवक जुड़े हुए हैं। एक निश्चित धनराशि पांच दिवसीय विशेष शिविर और सात दिवसीय विशेष शिविर के लिए मिलती है, लेकिन पिछले साल से यह पैसा नहीं मिल पाया है। गत वर्ष किसी तरह कॉलेज, विवि प्रशासन ने अपने स्तर से शिविर आयोजित कर लिए थे, लेकिन इस साल सभी एनएसएस अधिकारियों ने शिविर लगाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। मंगलवार को गढ़वाल विश्वविद्यालय में हुई एनएसएस की बैठक में पहुंचे विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्यों और एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बजट न मिलने से इस साल एनएसएस शिविर आयोजित कराने में वह पूरी तरह असमर्थ हैं। हालांकि एनएसएस के राज्य कार्यक्रम अधिकारी अजय कुमार अग्रवाल का कहना है कि जल्द बजट जारी होगा। उन्होंने तब तक प्राचार्यों से अपने स्तर से शिविर लगाने को कहा है।
करीब पौने तीन करोड़ है बजट
प्रदेश के स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों को एक साल में 2.75 करोड़ रुपये का बजट जारी होता है। गत वर्ष कुछ पैसा तो इसके लिए आया था, लेकिन पूरा बजट नहीं मिल पाया था। इस साल भी अभी तक पैसा नहीं मिल पाया है।
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पूर्व के एनएसएस अधिकारी के कार्यकाल में किसी कारण से बजट अटक गया था। हम बजट के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उम्मीद है कि एक सप्ताह के भीतर बजट मिल जाएगा। -अजय कुमार अग्रवाल, राज्य कार्यक्रम अधिकारी, एनएसएस
विवि में बैठक हुई थी। इसमें आए सभी प्राचार्यों और कॉलेजों के एनएसएस अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि बिना बजट वह एनएसएस शिविर आयोजित नहीं कर पाएंगे। पूरा मामला राज्य कार्यक्रम अधिकारी के संज्ञान में लाया गया है।
-प्रो. ओके बेलवाल, एनएसएस को-ऑर्डिनेटर, गढ़वाल विवि
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देहरादून। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के शिविरों पर प्रदेश में संकट छा गया है। गत वर्ष से इसके लिए बजट नहीं मिलने से सभी स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्यालयों के एनएसएस अधिकारियों व प्राचार्यों ने शिविर आयोजित करने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
प्रदेश में एनएसएस से स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय के 59,100 स्वयंसेवक जुड़े हुए हैं। एक निश्चित धनराशि पांच दिवसीय विशेष शिविर और सात दिवसीय विशेष शिविर के लिए मिलती है, लेकिन पिछले साल से यह पैसा नहीं मिल पाया है। गत वर्ष किसी तरह कॉलेज, विवि प्रशासन ने अपने स्तर से शिविर आयोजित कर लिए थे, लेकिन इस साल सभी एनएसएस अधिकारियों ने शिविर लगाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। मंगलवार को गढ़वाल विश्वविद्यालय में हुई एनएसएस की बैठक में पहुंचे विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्यों और एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बजट न मिलने से इस साल एनएसएस शिविर आयोजित कराने में वह पूरी तरह असमर्थ हैं। हालांकि एनएसएस के राज्य कार्यक्रम अधिकारी अजय कुमार अग्रवाल का कहना है कि जल्द बजट जारी होगा। उन्होंने तब तक प्राचार्यों से अपने स्तर से शिविर लगाने को कहा है।
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करीब पौने तीन करोड़ है बजट
प्रदेश के स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों को एक साल में 2.75 करोड़ रुपये का बजट जारी होता है। गत वर्ष कुछ पैसा तो इसके लिए आया था, लेकिन पूरा बजट नहीं मिल पाया था। इस साल भी अभी तक पैसा नहीं मिल पाया है।
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पूर्व के एनएसएस अधिकारी के कार्यकाल में किसी कारण से बजट अटक गया था। हम बजट के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उम्मीद है कि एक सप्ताह के भीतर बजट मिल जाएगा। -अजय कुमार अग्रवाल, राज्य कार्यक्रम अधिकारी, एनएसएस
विवि में बैठक हुई थी। इसमें आए सभी प्राचार्यों और कॉलेजों के एनएसएस अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि बिना बजट वह एनएसएस शिविर आयोजित नहीं कर पाएंगे। पूरा मामला राज्य कार्यक्रम अधिकारी के संज्ञान में लाया गया है।
-प्रो. ओके बेलवाल, एनएसएस को-ऑर्डिनेटर, गढ़वाल विवि