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बहुत जिद्दी थी कृतिका
Updated Sat, 17 Jun 2017 11:35 PM IST
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कुणाल दरगन
हरिद्वार।
कुंभनगरी से मायानगरी तक का सफर तय करने वाली मॉडल कृतिका चौधरी के निजी जीवन में बेहद गुस्सैल थी। उसका ख्वाब मायानगरी जाकर फिल्मी जगत में छा जाना था। इसके लिए उसने घर-गृहस्थी को भी किनारे रख दिया था। यह बात कृतिका के पहले पति सोनित मलिक ने बताई।
कृतिका का मूल नाम ज्योति था। उसकी पहली शादी सोनित मलिक से हुई थी। यह शादी महज तीन साल ही टिक पाई थी। तलाक के बाद ज्योति दिल्ली चली गई। अमर उजाला संवाददाता से बातचीत में सोनित मलिक ने बताया उनका विवाह 2005 में कृतिका की बुआ ने कराई थी। ज्वालापुर के सुभाषनगर में रहने वाले पेशे से क्रेन किराये पर देने वाले सोनित की मानें तो शादी के दौरान वह दिल्ली में नौकरी करता था और कृतिका को अपने साथ दिल्ली ले गया था। पर, उसका मन घरेलू कार्य में नहीं लगता था। उसका ख्वाब मुंबई में करियर संवारना था। मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने के चलते उसे समझाया था, पर वो समझती ही नहीं थी। फिर, उनके बीच शुरू हुई अनबन 2008 में तलाक पर आकर खत्म हुई। सोनित ने बताया कि कृतिका बेहद ही गुस्सैल थी। वो मुंबई जाने के लिए अक्सर झगड़ा करती थी। तलाक के बाद वर्ष 2011 में दूसरा विवाह कर चुके पूर्व पति की अब दो संतान है। कृतिका से कोई संतान नहीं थी।
सिंगल स्टेटस होता था फेसबुक एकाउंट पर शो
ज्वालापुर के पीठ बाजार में पली बढ़ी ज्योति उर्फ कृतिका के पिता पेशे से टैक्सी ड्राइवर थे। अर्से तक ये परिवार किराये पर रहता रहा था। पर, जब कृतिका ने मुंबई का रुख किया था तब परिवार ने अपना आशियाना बनाया था। वर्ष 2009 में दिल्ली में नौकरी करने पहुंची कृतिका ने फिर दूसरी शादी की थी पर वो भी लंबे समय तक टिक नहीं पाई थी। हां, उसके फेसबुक एकाउंट पर स्टेटस सिंगल का ही दिखाई देता है।
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मर्डर मिस्ट्री से मिली देश में पहचान
पहले पति की मानें तो कृतिका इस बात को समझने के लिए ही कभी तैयार नहीं थी कि वो एक बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखती है। उसके सिर पर मायानगरी जाने का भूत सवार था। मुंबई के ख्वाब में खोई कृतिका बोलती थी कि एक दिन उसे हर कोई जानेगा। जीते जी तो उसे अधिक पहचान नहीं मिल पाई, लेकिन उसकी मर्डर मिस्ट्री ने उसे देश भर में प्रसिद्ध कर दिया। क्योंकि, कृतिका का करियर कोई खास सफलता भरा नहीं रहा।
हरिद्वार।
कुंभनगरी से मायानगरी तक का सफर तय करने वाली मॉडल कृतिका चौधरी के निजी जीवन में बेहद गुस्सैल थी। उसका ख्वाब मायानगरी जाकर फिल्मी जगत में छा जाना था। इसके लिए उसने घर-गृहस्थी को भी किनारे रख दिया था। यह बात कृतिका के पहले पति सोनित मलिक ने बताई।
कृतिका का मूल नाम ज्योति था। उसकी पहली शादी सोनित मलिक से हुई थी। यह शादी महज तीन साल ही टिक पाई थी। तलाक के बाद ज्योति दिल्ली चली गई। अमर उजाला संवाददाता से बातचीत में सोनित मलिक ने बताया उनका विवाह 2005 में कृतिका की बुआ ने कराई थी। ज्वालापुर के सुभाषनगर में रहने वाले पेशे से क्रेन किराये पर देने वाले सोनित की मानें तो शादी के दौरान वह दिल्ली में नौकरी करता था और कृतिका को अपने साथ दिल्ली ले गया था। पर, उसका मन घरेलू कार्य में नहीं लगता था। उसका ख्वाब मुंबई में करियर संवारना था। मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने के चलते उसे समझाया था, पर वो समझती ही नहीं थी। फिर, उनके बीच शुरू हुई अनबन 2008 में तलाक पर आकर खत्म हुई। सोनित ने बताया कि कृतिका बेहद ही गुस्सैल थी। वो मुंबई जाने के लिए अक्सर झगड़ा करती थी। तलाक के बाद वर्ष 2011 में दूसरा विवाह कर चुके पूर्व पति की अब दो संतान है। कृतिका से कोई संतान नहीं थी।
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सिंगल स्टेटस होता था फेसबुक एकाउंट पर शो
ज्वालापुर के पीठ बाजार में पली बढ़ी ज्योति उर्फ कृतिका के पिता पेशे से टैक्सी ड्राइवर थे। अर्से तक ये परिवार किराये पर रहता रहा था। पर, जब कृतिका ने मुंबई का रुख किया था तब परिवार ने अपना आशियाना बनाया था। वर्ष 2009 में दिल्ली में नौकरी करने पहुंची कृतिका ने फिर दूसरी शादी की थी पर वो भी लंबे समय तक टिक नहीं पाई थी। हां, उसके फेसबुक एकाउंट पर स्टेटस सिंगल का ही दिखाई देता है।
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मर्डर मिस्ट्री से मिली देश में पहचान
पहले पति की मानें तो कृतिका इस बात को समझने के लिए ही कभी तैयार नहीं थी कि वो एक बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखती है। उसके सिर पर मायानगरी जाने का भूत सवार था। मुंबई के ख्वाब में खोई कृतिका बोलती थी कि एक दिन उसे हर कोई जानेगा। जीते जी तो उसे अधिक पहचान नहीं मिल पाई, लेकिन उसकी मर्डर मिस्ट्री ने उसे देश भर में प्रसिद्ध कर दिया। क्योंकि, कृतिका का करियर कोई खास सफलता भरा नहीं रहा।