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परमधर्म संसद 25 नवंबर से काशी में
Updated Fri, 16 Nov 2018 01:47 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
देश और विदेश में रहने वाले 100 करोड़ से अधिक सनातन धर्मावलंबियाें के मार्गदर्शन के लिए तीन दिवसीय परमधर्म संसद-1008 का आयोजन 25 नवंबर से काशी में आयोजित होगा। श्री विद्यामठ न्यास की ओर से आयोजित धर्म संसद में देश के सभी 13 अखाड़ों, चारों धाम और सात पुरियों के प्रतिनिधियों के अलावा 36 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, देश के सभी 543 संसदीय क्षेत्रों से धर्म प्रतिनिधि शामिल होंगे।
श्री विद्या मठ न्यास की उत्तराखंड प्रभारी शालिनी राय राजपूत ने पत्रकार वार्ता में बताया कि धर्म संसद में धर्म प्रतिनिधियों के अलावा 465 धर्माचार्य और विद्वान शामिल होंगे। धर्म संसद में तीन सदन होंगे। पहला अवर सदन देश के कुल 543 संसदीय क्षेत्रों से आए धर्म प्रतिनिधियों का होगा। यही सदस्य धर्म के पालन में अपने अपने क्षेत्र में आ रही समस्याओं को सदन में उठाएंगे और सम्मिलित चर्चा के द्वारा समाधान का प्रस्ताव भी पारित किया जाएगा। दूसरा सदन प्रवर सदन होगा, जिसमें कुल 457 सदस्य होंगे। ये सभी प्रदेशों से आए हुए ऐसे संत और विद्वान होंगे जो धर्म को केवल जानते ही नहीं वरन अपने जीवन में जीते भी हैं। तीसरा और अंतिम सदन परम धर्माशीष सदन होगा। इसमें कुल आठ सदस्य होंगे।
शालिनी राय ने बताया कि परमधर्म संसद में 36 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके इलावा धर्म संसद में हिंदू धर्म के अलावा सभी धर्मों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। बताया कि धर्म संसद में धर्मप्रेमी, धर्मनिष्ठ, धर्मवीर, धर्मासद, धर्मप्रमुख, धर्माध्यक्ष, प्रखर धर्माधीश और प्रवर धर्माशीश जैसे पद शामिल हैं। धर्म संसद में उत्तराखंड के पांचों संसदीय क्षेत्रों से प्रतिनिधियों को बुलाया गया है। इसके अलावा सभी पीठों के शंकराचार्य भी धर्म संसद में शामिल हो रहे हैं।
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देश और विदेश में रहने वाले 100 करोड़ से अधिक सनातन धर्मावलंबियाें के मार्गदर्शन के लिए तीन दिवसीय परमधर्म संसद-1008 का आयोजन 25 नवंबर से काशी में आयोजित होगा। श्री विद्यामठ न्यास की ओर से आयोजित धर्म संसद में देश के सभी 13 अखाड़ों, चारों धाम और सात पुरियों के प्रतिनिधियों के अलावा 36 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, देश के सभी 543 संसदीय क्षेत्रों से धर्म प्रतिनिधि शामिल होंगे।
श्री विद्या मठ न्यास की उत्तराखंड प्रभारी शालिनी राय राजपूत ने पत्रकार वार्ता में बताया कि धर्म संसद में धर्म प्रतिनिधियों के अलावा 465 धर्माचार्य और विद्वान शामिल होंगे। धर्म संसद में तीन सदन होंगे। पहला अवर सदन देश के कुल 543 संसदीय क्षेत्रों से आए धर्म प्रतिनिधियों का होगा। यही सदस्य धर्म के पालन में अपने अपने क्षेत्र में आ रही समस्याओं को सदन में उठाएंगे और सम्मिलित चर्चा के द्वारा समाधान का प्रस्ताव भी पारित किया जाएगा। दूसरा सदन प्रवर सदन होगा, जिसमें कुल 457 सदस्य होंगे। ये सभी प्रदेशों से आए हुए ऐसे संत और विद्वान होंगे जो धर्म को केवल जानते ही नहीं वरन अपने जीवन में जीते भी हैं। तीसरा और अंतिम सदन परम धर्माशीष सदन होगा। इसमें कुल आठ सदस्य होंगे।
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शालिनी राय ने बताया कि परमधर्म संसद में 36 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके इलावा धर्म संसद में हिंदू धर्म के अलावा सभी धर्मों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। बताया कि धर्म संसद में धर्मप्रेमी, धर्मनिष्ठ, धर्मवीर, धर्मासद, धर्मप्रमुख, धर्माध्यक्ष, प्रखर धर्माधीश और प्रवर धर्माशीश जैसे पद शामिल हैं। धर्म संसद में उत्तराखंड के पांचों संसदीय क्षेत्रों से प्रतिनिधियों को बुलाया गया है। इसके अलावा सभी पीठों के शंकराचार्य भी धर्म संसद में शामिल हो रहे हैं।
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