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तहसील दिवस में नहीं पहुंचे अधिकतर अधिकारी
Updated Wed, 02 May 2018 02:32 AM IST
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तहसील दिवस में नहीं पहुंचे अधिकतर अधिकारी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
सरकार और आला अधिकारी तहसील दिवस में शिकायतों के निस्तारण के तमाम दावे करते हैं लेकिन प्राधिकरण, निगम और अधिकतर विभागों के अधिकारी इसको गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में अधिकतर अधिकारी नदारद रहे।
आम लोगों की समस्याओं के निदान के लिए तहसील दिवस का आयोजन किया जाता है, ताकि लोगों की समस्याओं का निस्तारण एक ही स्थान पर हो सके, लेकिन अधिकारियों की गैरमौजूदगी इस आयोजन को सफल नहीं होने दे रही है। डीएम के सख्त आदेश के बाद भी अधिकारी गंभीर नहीं हैं। अधिकारियों की गैर मौजूदगी के चलते फरियादियों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
मंगलवार को तहसील में अपर उपजिलाधिकारी अनुराधा पाल की अध्यक्षता में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान 40 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 39 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण होने का दावा किया गया। तहसील दिवस में राजस्व विभाग से जुड़ी नौ, समाज कल्याण विभाग से जुड़ी 27, महिला सशक्तीकरण विभाग से जुड़ी दो और नगर निगम से संबंधित दो शिकायतें दर्ज की गईं।
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इस दौरान अपर तहसीलदार सूरवीर सिंह राणा, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रमेश चंद्र चमोली, नायब तहसीलदार जयपाल सिंह राणा, कनिष्ठ सहायक गौरव सिंह रावत आदि मौजूद रहे।
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ये अधिकारी रहे गैरहाजिर
नगर निगम, पुलिस विभाग, चिकित्सा विभाग, पर्यटन, परिवहन विभाग, एमडीडीए, विद्युत निगम, जिला पंचायत, सैनिक कल्याण, जिला प्रोबेशन, भूमि संरक्षण, सिंचाई विभाग, बाल विकास, पशु चिकित्सा, विकास विभाग।
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चार बार में भी नहीं हुआ समस्या का समाधान
अधिकारी तहसील दिवस में शिकायतों के निस्तारण के तमाम दावे करते हैं लेकिन हालत ये कि विभागों के कार्यालयों में सुनवाई न होने पर परेशान लोग तहसील दिवस में पहुंचते हैं लेकिन वहां भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। वृद्धावस्था पेंशन के लिए बुजुर्ग हीरालाल चार माह से तहसील दिवस के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन यहां संबंधित अधिकारी के न मिलने के कारण हीरालाल को हर बार मायूस होकर लौटना पड़ता है। उन्होंने बताया कि कई बार समाज कल्याण विभाग कार्यालय के चक्कर काट चुके हैं, वहां कर्मचारी बोलते हैं कि पहले तहसील से लिखवा कर लाओ। वे चार बार तहसील दिवस में आ चुके हैं लेकिन यहां संबंधित अधिकारी नहीं मिलते।
कोट :
सभी विभागों के अधिकारियों के लिए तहसील दिवस में आना अनिवार्य है। जो अधिकारी तहसील दिवस में नहीं आए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी। वहां से निर्देश मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- प्रत्यूष सिंह, उप जिलाधिकारी
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
सरकार और आला अधिकारी तहसील दिवस में शिकायतों के निस्तारण के तमाम दावे करते हैं लेकिन प्राधिकरण, निगम और अधिकतर विभागों के अधिकारी इसको गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में अधिकतर अधिकारी नदारद रहे।
आम लोगों की समस्याओं के निदान के लिए तहसील दिवस का आयोजन किया जाता है, ताकि लोगों की समस्याओं का निस्तारण एक ही स्थान पर हो सके, लेकिन अधिकारियों की गैरमौजूदगी इस आयोजन को सफल नहीं होने दे रही है। डीएम के सख्त आदेश के बाद भी अधिकारी गंभीर नहीं हैं। अधिकारियों की गैर मौजूदगी के चलते फरियादियों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
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मंगलवार को तहसील में अपर उपजिलाधिकारी अनुराधा पाल की अध्यक्षता में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान 40 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 39 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण होने का दावा किया गया। तहसील दिवस में राजस्व विभाग से जुड़ी नौ, समाज कल्याण विभाग से जुड़ी 27, महिला सशक्तीकरण विभाग से जुड़ी दो और नगर निगम से संबंधित दो शिकायतें दर्ज की गईं।
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इस दौरान अपर तहसीलदार सूरवीर सिंह राणा, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रमेश चंद्र चमोली, नायब तहसीलदार जयपाल सिंह राणा, कनिष्ठ सहायक गौरव सिंह रावत आदि मौजूद रहे।
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ये अधिकारी रहे गैरहाजिर
नगर निगम, पुलिस विभाग, चिकित्सा विभाग, पर्यटन, परिवहन विभाग, एमडीडीए, विद्युत निगम, जिला पंचायत, सैनिक कल्याण, जिला प्रोबेशन, भूमि संरक्षण, सिंचाई विभाग, बाल विकास, पशु चिकित्सा, विकास विभाग।
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चार बार में भी नहीं हुआ समस्या का समाधान
अधिकारी तहसील दिवस में शिकायतों के निस्तारण के तमाम दावे करते हैं लेकिन हालत ये कि विभागों के कार्यालयों में सुनवाई न होने पर परेशान लोग तहसील दिवस में पहुंचते हैं लेकिन वहां भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। वृद्धावस्था पेंशन के लिए बुजुर्ग हीरालाल चार माह से तहसील दिवस के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन यहां संबंधित अधिकारी के न मिलने के कारण हीरालाल को हर बार मायूस होकर लौटना पड़ता है। उन्होंने बताया कि कई बार समाज कल्याण विभाग कार्यालय के चक्कर काट चुके हैं, वहां कर्मचारी बोलते हैं कि पहले तहसील से लिखवा कर लाओ। वे चार बार तहसील दिवस में आ चुके हैं लेकिन यहां संबंधित अधिकारी नहीं मिलते।
कोट :
सभी विभागों के अधिकारियों के लिए तहसील दिवस में आना अनिवार्य है। जो अधिकारी तहसील दिवस में नहीं आए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी। वहां से निर्देश मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- प्रत्यूष सिंह, उप जिलाधिकारी