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दून-हरिद्वार हाईवे : जानलेवा हैं 73 गड्ढे
Updated Thu, 22 Feb 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
एक के बाद एक लगातार हो रहे सड़क हादसों को देखते हुए ट्रैफिक निदेशालय की ओर से कराए गए सर्वे में देहरादून-हरिद्वार हाईवे पर दून से हरिद्वार तक 73 बड़े गड्ढे चिह्नित किए गए हैं, जो हादसों का कारण बन सकते हैं। डीआईजी यातायात ने नेपाली फार्म से भानियावाला तक खुद निरीक्षण कर जानलेवा गड्ढों पर नाराजगी जताई है। गड्ढों की फोटो नेशनल हाईवे प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियाें को भेजकर 15 दिन में उन्हें भरने की अपेक्षा की गई है।
पुलिस उपमहानिरीक्षक (यातायात) केवल खुराना की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के मुख्य अभियंता और लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को लिखे पत्र में बताया है कि मंगलवार को यातायात निदेशालय के अधिकारियों ने देहरादून से हरिद्वार में रुड़की रोड तक और दून से थानों रोड का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे पाए गए, जिनसे हादसों की संभावना बनी हुई है। यही नहीं निर्माणाधीन स्थानों पर कोई चेतावनी और डायवर्जन बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं।
इन जानलेवा गड्ढों के कारण हाईवे पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। कहा गया है कि इन गड्ढों को भरने के लिए सिर्फ लघु निर्माण कार्य की आवश्यकता है। वहीं, उच्चतम न्यायालय का भी आदेश है कि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए। डीआईजी खुराना ने पत्र मेें कहा है कि इन गड्ढों को 15 दिन के भीतर दिया जाए। यदि इस अवधि के बाद इन गड्ढों के चलते कोई दुर्घटना होती है तो संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत किया जाएगा।
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एक के बाद एक लगातार हो रहे सड़क हादसों को देखते हुए ट्रैफिक निदेशालय की ओर से कराए गए सर्वे में देहरादून-हरिद्वार हाईवे पर दून से हरिद्वार तक 73 बड़े गड्ढे चिह्नित किए गए हैं, जो हादसों का कारण बन सकते हैं। डीआईजी यातायात ने नेपाली फार्म से भानियावाला तक खुद निरीक्षण कर जानलेवा गड्ढों पर नाराजगी जताई है। गड्ढों की फोटो नेशनल हाईवे प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियाें को भेजकर 15 दिन में उन्हें भरने की अपेक्षा की गई है।
पुलिस उपमहानिरीक्षक (यातायात) केवल खुराना की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के मुख्य अभियंता और लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को लिखे पत्र में बताया है कि मंगलवार को यातायात निदेशालय के अधिकारियों ने देहरादून से हरिद्वार में रुड़की रोड तक और दून से थानों रोड का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे पाए गए, जिनसे हादसों की संभावना बनी हुई है। यही नहीं निर्माणाधीन स्थानों पर कोई चेतावनी और डायवर्जन बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं।
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इन जानलेवा गड्ढों के कारण हाईवे पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। कहा गया है कि इन गड्ढों को भरने के लिए सिर्फ लघु निर्माण कार्य की आवश्यकता है। वहीं, उच्चतम न्यायालय का भी आदेश है कि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए। डीआईजी खुराना ने पत्र मेें कहा है कि इन गड्ढों को 15 दिन के भीतर दिया जाए। यदि इस अवधि के बाद इन गड्ढों के चलते कोई दुर्घटना होती है तो संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत किया जाएगा।
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