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यूजेवीएनएल जलविद्युत गृहों में रिकार्ड बिजली उत्पादन
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
उत्तराखंड जलविद्युत निगम की ओर से खटीमा स्थित शारदा जलविद्युत परियोजना के अलावा हरिद्वार के पथरी और मोहम्मदपुर जलविद्युत परियोजनाओं में बिजली उत्पादन में अप्रत्याशित तेजी आयी है। यूजेवीएनएल के अनुसार खटीमा स्थित शारदा जलविद्युत परियोजना में वर्ष 2018-19 में रिकार्ड 232.25 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ है। इसी तरह हरिद्वार के पथरी और मोहम्मदपुर जलविद्युत परियोजनाओं में रिकार्ड उत्पादन की दावे किए जा रहे हैं। हालांकि इन दोनों जलविद्युत परियोजनाओं का डाटा अभी उपलब्ध नहीं हो सका है।
यूजेवीएनएल अधिकारियों के मुताबिक शारदा जलविद्युत परियोजना को वर्ष 1955 में स्थापित किया गया था। इसकी उत्पादन क्षमता 13.8 मेगावाट थी, लेकिन जलविद्युत परियोजना के कई कल पुर्जे व टरबाइन पुरानी होने की वजह से महज छह से सात मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा था। ऐसे में योजना के आधुनिकीकरण का निर्णय लिया। यूजेवीएनएल अधिकारियों के मुताबिक आधुनिकीकरण के बाद परियोजना से 13.8 मेगावाट की जगह 15 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। वर्ष 2018 में परियोजना के जरिए 232.25 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन किया गया जो अब तक का सबसे अधिक है। इसके अलावा हरिद्वार के पथरी व मोहम्मदपुर परियोजना का भी नवीनीकरण किया गया है। उत्तरकाशी के तिलोथ जलविद्युत परियोजना व ढालीपुर जलविद्युत परियोजना के आधुनिकीकरण का काम जारी है। यूजेवीएनएल अधिकारियों का दावा है कि इन परियोजनाओं का आधुनिकीकरण होने के बाद बिजली उत्पादन क्षमता में अप्रत्याशित वृद्धि होगी।
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उत्तराखंड जलविद्युत निगम की ओर से खटीमा स्थित शारदा जलविद्युत परियोजना के अलावा हरिद्वार के पथरी और मोहम्मदपुर जलविद्युत परियोजनाओं में बिजली उत्पादन में अप्रत्याशित तेजी आयी है। यूजेवीएनएल के अनुसार खटीमा स्थित शारदा जलविद्युत परियोजना में वर्ष 2018-19 में रिकार्ड 232.25 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ है। इसी तरह हरिद्वार के पथरी और मोहम्मदपुर जलविद्युत परियोजनाओं में रिकार्ड उत्पादन की दावे किए जा रहे हैं। हालांकि इन दोनों जलविद्युत परियोजनाओं का डाटा अभी उपलब्ध नहीं हो सका है।
यूजेवीएनएल अधिकारियों के मुताबिक शारदा जलविद्युत परियोजना को वर्ष 1955 में स्थापित किया गया था। इसकी उत्पादन क्षमता 13.8 मेगावाट थी, लेकिन जलविद्युत परियोजना के कई कल पुर्जे व टरबाइन पुरानी होने की वजह से महज छह से सात मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा था। ऐसे में योजना के आधुनिकीकरण का निर्णय लिया। यूजेवीएनएल अधिकारियों के मुताबिक आधुनिकीकरण के बाद परियोजना से 13.8 मेगावाट की जगह 15 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। वर्ष 2018 में परियोजना के जरिए 232.25 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन किया गया जो अब तक का सबसे अधिक है। इसके अलावा हरिद्वार के पथरी व मोहम्मदपुर परियोजना का भी नवीनीकरण किया गया है। उत्तरकाशी के तिलोथ जलविद्युत परियोजना व ढालीपुर जलविद्युत परियोजना के आधुनिकीकरण का काम जारी है। यूजेवीएनएल अधिकारियों का दावा है कि इन परियोजनाओं का आधुनिकीकरण होने के बाद बिजली उत्पादन क्षमता में अप्रत्याशित वृद्धि होगी।
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