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पद्मश्री लीला ने बताई भरतनाट्यम की बारीकियां
Updated Sat, 14 Apr 2018 02:24 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
पद्मश्री व केंद्रीय संगीत नाटक अकादमी पुरस्कारों से सम्मानित नृत्यांगना लीला सैमसन ने शुक्रवार को हाथीबड़कला स्थित केंद्रीय विद्यालय-2 में बच्चों को भरत नाट्यम और शास्त्रीय संगीत की बारीकियां बताईं। इस दौरान बच्चों ने भी कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
केंद्रीय विद्यालय-2 के सर्वे ऑफ इंडिया आडिटोरियम में शुक्रवार को स्पिक मैके की ओर से आयोजित भरत नाट्यम में लीला सैमसन ने नृत्य प्रस्तुति दी। लीला सैमसन के निर्देशन में भवजन कुमार और सत्यप्रिय ने भरत नाट्यम और संगीत पेश कर सभी का मन मोह लिया। इसके बाद उन्होंने बच्चों को नृत्य की शैलियों, शृृंगार और कलापक्ष आदि की जानकारी दी। सैमसन ने बताया कि भरत नाट्यम मूलरूप से तमिलनाडु का नृत्य है, लेकिन आज पूरी विश्व में इसकी विशेष पहचान है। इससे पहले रोमा कुमार, गिरीश कुमार, सोमित श्रीवास्तव और प्राचार्य डॉ. अंशुम शर्मा कलसी ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्पिक मैके की टीम, शिक्षक और केंद्रीय विद्यालय बच्चे मौजूद रहे।
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पद्मश्री व केंद्रीय संगीत नाटक अकादमी पुरस्कारों से सम्मानित नृत्यांगना लीला सैमसन ने शुक्रवार को हाथीबड़कला स्थित केंद्रीय विद्यालय-2 में बच्चों को भरत नाट्यम और शास्त्रीय संगीत की बारीकियां बताईं। इस दौरान बच्चों ने भी कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
केंद्रीय विद्यालय-2 के सर्वे ऑफ इंडिया आडिटोरियम में शुक्रवार को स्पिक मैके की ओर से आयोजित भरत नाट्यम में लीला सैमसन ने नृत्य प्रस्तुति दी। लीला सैमसन के निर्देशन में भवजन कुमार और सत्यप्रिय ने भरत नाट्यम और संगीत पेश कर सभी का मन मोह लिया। इसके बाद उन्होंने बच्चों को नृत्य की शैलियों, शृृंगार और कलापक्ष आदि की जानकारी दी। सैमसन ने बताया कि भरत नाट्यम मूलरूप से तमिलनाडु का नृत्य है, लेकिन आज पूरी विश्व में इसकी विशेष पहचान है। इससे पहले रोमा कुमार, गिरीश कुमार, सोमित श्रीवास्तव और प्राचार्य डॉ. अंशुम शर्मा कलसी ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्पिक मैके की टीम, शिक्षक और केंद्रीय विद्यालय बच्चे मौजूद रहे।
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