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12 घंटे बंद रहा गुप्तकाशी-कालीमठ मार्ग
Updated Sat, 01 Jul 2017 11:03 PM IST
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रुद्रप्रयाग। मूसलाधार बारिश से बंद हुए कालीमठ घाटी और मद्महेश्वर घाटी को जोड़ने वाले गुप्तकाशी-कालीमठ-जाल-चौमासी व ऊखीमठ-रांसी मोटर मार्ग पर 10 से 12 घंटे तक बंद रहे। क्षेत्रीय लोगों को कई मील पैदल चलकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। लोनिवि की ओर से शाम 5 बजे दोनों मार्गों पर यातायात बहाल किया गया। मार्गों की स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
शुक्रवार रात्रि को हुई तेज बारिश से गुप्तकाशी-कालीमठ-जाल-चौमासी मार्ग कई जगहों पर मलबा व बोल्डर आने से बंद हो गया था। मार्ग के बंद होने के कारण शनिवार को शिक्षकों और बच्चों को स्कूल तक पहुंचने के लिए कई मील पैदल नापना पड़ा। दोपहर बाद लोनिवि ऊखीमठ डिवीजन की ओर से मार्ग खोलने के लिए मशीन भेजी गई, जिसके बाद शाम 5 बजे मार्ग यातायात के लिए खुल पाया। उधर, ऊखीमठ-रांसी मार्ग भी राउलेंक से रांसी के बीच पहाड़ी से भारी बोल्डर गिरने के चलते दिनभर बंद रहा। ऐसे में मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद रही। कड़ी मशक्कत के बाद लोनिवि की ओर से मशीन से बोल्डरों को तोड़कर हटाया गया, जिसके बाद दोपहर बाद 3 बजे मार्ग खुल पाया। लोनिवि के ईई मनोज दास ने बताया कि दोनों मार्गों पर प्राथमिकता के तौर पर मशीन उपलब्ध करा दी गई है, जिससे अवरुद्ध होने पर जल्द से जल्द यातायात बहाल किया जा सके।
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शुक्रवार रात्रि को हुई तेज बारिश से गुप्तकाशी-कालीमठ-जाल-चौमासी मार्ग कई जगहों पर मलबा व बोल्डर आने से बंद हो गया था। मार्ग के बंद होने के कारण शनिवार को शिक्षकों और बच्चों को स्कूल तक पहुंचने के लिए कई मील पैदल नापना पड़ा। दोपहर बाद लोनिवि ऊखीमठ डिवीजन की ओर से मार्ग खोलने के लिए मशीन भेजी गई, जिसके बाद शाम 5 बजे मार्ग यातायात के लिए खुल पाया। उधर, ऊखीमठ-रांसी मार्ग भी राउलेंक से रांसी के बीच पहाड़ी से भारी बोल्डर गिरने के चलते दिनभर बंद रहा। ऐसे में मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद रही। कड़ी मशक्कत के बाद लोनिवि की ओर से मशीन से बोल्डरों को तोड़कर हटाया गया, जिसके बाद दोपहर बाद 3 बजे मार्ग खुल पाया। लोनिवि के ईई मनोज दास ने बताया कि दोनों मार्गों पर प्राथमिकता के तौर पर मशीन उपलब्ध करा दी गई है, जिससे अवरुद्ध होने पर जल्द से जल्द यातायात बहाल किया जा सके।
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