{"_id":"5ac7cf6b4f1c1bd8618b5dfe","slug":"171523044203-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनसीईआरटी पुस्तकों की हूबहू कॉपी भी बाजार में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनसीईआरटी पुस्तकों की हूबहू कॉपी भी बाजार में
Updated Sat, 07 Apr 2018 01:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
एनसीईआरटी पुस्तकों की कमी को देखते हुए उनकी हूबहू कॉपी भी बाजार में प्राइवेट प्रकाशकों ने उपलब्ध करा दी हैं। यह पुस्तकें देखने में बिल्कुल एनसीईआरटी जैसी हैं लेकिन इनके दाम एनसीईआरटी किताबों की तुलना में 10 से 20 प्रतिशत ज्यादा हैं। कई बुक सेलर तो इन्हें ही एनसीईआरटी पुस्तक बताकर बेच रहे हैं। इससे बाजार में एक बार फिर प्राइवेट प्रकाशकों को बढ़ावा मिलना शुरू हो गया है।
एनसीईआरटी की जो किताब बाजार में 50 रुपये की है, वह प्राइवेट पब्लिशर की किताब 65 रुपये की है। यानी एक किताब को एनसीईआरटी कॉपी बनाकर प्रकाशक 15 रुपये अतिरिक्त मुनाफा कमा रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि कई विषयों की किताबें बाजार से गायब हो गई हैं, ऐसे में एनसीईआरटी खरीदनी है तो यह किताबें भी लेना मजबूरी है। कई बुक सेलर तो सीधे एनसीईआरटी के नाम पर इन किताबों को बेच रहे हैं। हालांकि इन किताबों के पहले पेज पर साफ लिखा हुआ है कि यह हेल्पबुक पूर्णरूप से शिक्षा विभाग के वर्तमान सिलेबस और स्टाइल के आधार पर तैयार की गई है। एनसीईआरटी की किताबों की रॉयल्टी सरकार ने अदा की हुई है, इसलिए वह अपेक्षाकृत सस्ती हैं। एक बुक सेलर ने बताया कि एनसीईआरटी किताबों की भारी डिमांड है लेकिन बाजार में किल्लत है। ऐसे में यही विकल्प बेहतर है कि कुछ महंगे दामों पर ही सही, कम से कम यह सस्ती किताबें उपलब्ध तो हो रही हैं। कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि यह प्राइवेट प्रकाशक निजी स्कूलों के साथ मिलकर एनसीईआरटी की इन किताबों का खेल कर रहे हैं।
.....................
बाजार में न मिले किताब तो ऑनलाइन है समाधान
एनसीईआरटी की वेबसाइट पर किताबें, करें डाउनलोड
किताबों की किल्लत से पार पाने के लिए कर सकते हैं इस्तेमाल
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। बाजार में एनसीईआरटी पुस्तकों की कमी होनी शुरू हो गई है। ऐसे में अभिभावकों को चिंता सता रही है कि अगर समय पर पुस्तक न मिली तो उनके बच्चे का नुकसान हो जाएगा। हम आपको बता रहे हैं कि अगर किसी कारणवश समय पर एनसीईआरटी की किताबें न मिल पाएं तो घबराएं नहीं। एनसीईआरटी की वेबसाइट पर सभी किताबें उपलब्ध हैं। इमरजेंसी के तौर पर आप यहां से किताब डाउनलोड कर उसका प्रिंट भी निकलवा सकते हैं।
विज्ञापन
एनसीईआरटी की किताबों की किल्लत से पार पाने के लिए आप एनसीईआरटी की वेबसाइट पर जाएं। यहां बच्चे की क्लास, सब्जेक्ट और पुस्तक के टाइटल को सेलेक्ट करें। इसके बाद सामने दिया गाय गो का बटन दबाएं। इस पर क्लिक करते ही वह पुस्तक आपके कंप्यूटर पर आ जाएगी। आप चाहें तो पूरी पुस्तक डाउनलोड कर उसका प्रिंट निकाल सकते हैं या फिर चैप्टर वाइज भी अपनी जरूरत के हिसाब से प्रिंट निकाल सकते हैं। बाजार में उपलब्ध किताबों से यह पूरी तरह से मैच करती हैं।
यह है वेबसाइट : http://ncert.nic.in/textbook/textbook.htm
विज्ञापन
एनसीईआरटी पुस्तकों की कमी को देखते हुए उनकी हूबहू कॉपी भी बाजार में प्राइवेट प्रकाशकों ने उपलब्ध करा दी हैं। यह पुस्तकें देखने में बिल्कुल एनसीईआरटी जैसी हैं लेकिन इनके दाम एनसीईआरटी किताबों की तुलना में 10 से 20 प्रतिशत ज्यादा हैं। कई बुक सेलर तो इन्हें ही एनसीईआरटी पुस्तक बताकर बेच रहे हैं। इससे बाजार में एक बार फिर प्राइवेट प्रकाशकों को बढ़ावा मिलना शुरू हो गया है।
एनसीईआरटी की जो किताब बाजार में 50 रुपये की है, वह प्राइवेट पब्लिशर की किताब 65 रुपये की है। यानी एक किताब को एनसीईआरटी कॉपी बनाकर प्रकाशक 15 रुपये अतिरिक्त मुनाफा कमा रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि कई विषयों की किताबें बाजार से गायब हो गई हैं, ऐसे में एनसीईआरटी खरीदनी है तो यह किताबें भी लेना मजबूरी है। कई बुक सेलर तो सीधे एनसीईआरटी के नाम पर इन किताबों को बेच रहे हैं। हालांकि इन किताबों के पहले पेज पर साफ लिखा हुआ है कि यह हेल्पबुक पूर्णरूप से शिक्षा विभाग के वर्तमान सिलेबस और स्टाइल के आधार पर तैयार की गई है। एनसीईआरटी की किताबों की रॉयल्टी सरकार ने अदा की हुई है, इसलिए वह अपेक्षाकृत सस्ती हैं। एक बुक सेलर ने बताया कि एनसीईआरटी किताबों की भारी डिमांड है लेकिन बाजार में किल्लत है। ऐसे में यही विकल्प बेहतर है कि कुछ महंगे दामों पर ही सही, कम से कम यह सस्ती किताबें उपलब्ध तो हो रही हैं। कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि यह प्राइवेट प्रकाशक निजी स्कूलों के साथ मिलकर एनसीईआरटी की इन किताबों का खेल कर रहे हैं।
विज्ञापन
.....................
बाजार में न मिले किताब तो ऑनलाइन है समाधान
एनसीईआरटी की वेबसाइट पर किताबें, करें डाउनलोड
किताबों की किल्लत से पार पाने के लिए कर सकते हैं इस्तेमाल
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। बाजार में एनसीईआरटी पुस्तकों की कमी होनी शुरू हो गई है। ऐसे में अभिभावकों को चिंता सता रही है कि अगर समय पर पुस्तक न मिली तो उनके बच्चे का नुकसान हो जाएगा। हम आपको बता रहे हैं कि अगर किसी कारणवश समय पर एनसीईआरटी की किताबें न मिल पाएं तो घबराएं नहीं। एनसीईआरटी की वेबसाइट पर सभी किताबें उपलब्ध हैं। इमरजेंसी के तौर पर आप यहां से किताब डाउनलोड कर उसका प्रिंट भी निकलवा सकते हैं।
विज्ञापन
एनसीईआरटी की किताबों की किल्लत से पार पाने के लिए आप एनसीईआरटी की वेबसाइट पर जाएं। यहां बच्चे की क्लास, सब्जेक्ट और पुस्तक के टाइटल को सेलेक्ट करें। इसके बाद सामने दिया गाय गो का बटन दबाएं। इस पर क्लिक करते ही वह पुस्तक आपके कंप्यूटर पर आ जाएगी। आप चाहें तो पूरी पुस्तक डाउनलोड कर उसका प्रिंट निकाल सकते हैं या फिर चैप्टर वाइज भी अपनी जरूरत के हिसाब से प्रिंट निकाल सकते हैं। बाजार में उपलब्ध किताबों से यह पूरी तरह से मैच करती हैं।
यह है वेबसाइट : http://ncert.nic.in/textbook/textbook.htm