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-आपतियों के सहारे क्षेत्र बचाने की कोशिश में दावेदार
Updated Sat, 30 Dec 2017 01:22 AM IST
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आपत्तियों के सहारे क्षेत्र बचाने की कोशिश में दावेदार
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
वार्डों के नए सिरे से परिसीमन के बाद वर्तमान पार्षदों के साथ ही संभावित दावेदारों में खलबली है। सियासी समीकरण गड़बड़ाने से चुनाव लड़ने वाले अधिकतर दावेदार चिंतित हैं। ऐसे में अब दावेदार आपत्तियों के सहारे क्षेत्र बचाने की जुगत में हैं।
बता दें अप्रैल में संभावित नगर निगम चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। वहीं वार्डों के नए सिरे से हुए परिसीमन के बाद वर्तमान पार्षदों के साथ ही संभावित दावेदारों में हड़कंप की स्थिति है। क्योंकि वार्डों का भूगोल बदलने से तैयारी में जुटे पार्षदी के दावदारों का चुनावी गणित गड़बड़ा गया है। अभीतक दावेदार जिन क्षेत्रों से तैयारी कर रहे थे, उसका कुछ हिस्सा दूसरे वार्ड में चला गया है। ऐसे में अब दावेदार आपत्तियों के सहारे क्षेत्र बचाने की कोशिश में हैं। दावेदारों के मुताबिक चुनाव को लेकर वे काफी समय से क्षेत्र में काम कर रहे थे, लेकिन नए परिसीमन से मेहनत पर पानी फिर जाएगा। वहीं, कई दावेदारों का मानना है कि परिसीमन के बाद बदले समीकरण से कई मुद्दे पक्ष में होंगे।
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
वार्डों के नए सिरे से परिसीमन के बाद वर्तमान पार्षदों के साथ ही संभावित दावेदारों में खलबली है। सियासी समीकरण गड़बड़ाने से चुनाव लड़ने वाले अधिकतर दावेदार चिंतित हैं। ऐसे में अब दावेदार आपत्तियों के सहारे क्षेत्र बचाने की जुगत में हैं।
बता दें अप्रैल में संभावित नगर निगम चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। वहीं वार्डों के नए सिरे से हुए परिसीमन के बाद वर्तमान पार्षदों के साथ ही संभावित दावेदारों में हड़कंप की स्थिति है। क्योंकि वार्डों का भूगोल बदलने से तैयारी में जुटे पार्षदी के दावदारों का चुनावी गणित गड़बड़ा गया है। अभीतक दावेदार जिन क्षेत्रों से तैयारी कर रहे थे, उसका कुछ हिस्सा दूसरे वार्ड में चला गया है। ऐसे में अब दावेदार आपत्तियों के सहारे क्षेत्र बचाने की कोशिश में हैं। दावेदारों के मुताबिक चुनाव को लेकर वे काफी समय से क्षेत्र में काम कर रहे थे, लेकिन नए परिसीमन से मेहनत पर पानी फिर जाएगा। वहीं, कई दावेदारों का मानना है कि परिसीमन के बाद बदले समीकरण से कई मुद्दे पक्ष में होंगे।
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