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लिंगदोह में बदलाव के विरोध में आज से कॉलेजों में तालाबंदी
Updated Thu, 19 Jul 2018 02:08 AM IST
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लिंगदोह में बदलाव के विरोध में आज कॉलेजों में तालाबंदी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। लिंगदोह समिति की सिफारिशों में परिवर्तन के विरोध में सभी छात्र संगठन एकजुट होकर बृहस्पतिवार को राजधानी के चारों कॉलेजों में तालाबंदी करेंगे। एबीवीपी, एनएसयूआई, आर्यन ने एकजुट होकर संयुक्त संघर्ष समिति बना दी है। समिति ने सभी कॉलेजों के पदाधिकारियों के साथ बैठक भी बुलाई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
बुधवार को डीएवी पीजी कॉलेज में एबीवीपी, एनएसयूआई, आर्यन सहित सभी छात्र संगठनों की बैठक बुलाई गई। बैठक में सबने एकजुट होकर लिंगदोह समिति की सिफारिशों में बदलाव का विरोध जताया। छात्र संगठनों का कहना है कि यह सिफारिशें जबर्दस्ती थोपी जा रही हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि इन बदलावों से छात्रसंघों का अस्तित्व संकट में आ जाएगा। सभी ने लिंगदोह समिति की सिफारिशों के विरोध में संयुक्त संघर्ष समिति का गठन किया है। तय किया गया है कि बृहस्पतिवार को सुबह डीएवी, डीबीएस, एमकेपी, एसजीआरआर में विरोधस्वरूप तालाबंदी की जाएगी। इसके बाद सभी कॉलेजों के प्राचार्यों के माध्यम से उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत को ज्ञापन भेजा जाएगा। इसके बाद दोपहर में डीएवी कॉलेज में बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे के आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। डीएवी पीजी कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष शुभम सिमल्टी का कहना है कि सरकार जबर्दस्ती डीएम को जिम्मेदारी सौंपकर छात्रसंघ चुनावों का सरकारीकरण करना चाहती है। इससे हर छोटी-छोटी बात में परेशानी पैदा होगी। डीएवी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राहुल लारा का कहना है कि उच्च शिक्षा मंत्री को कॉलेजों की मूलभूत सुविधाओं को बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने मांग रखी कि लिंगदोह समिति की पूर्व की सिफारिशें ही लागू रखी जाएं। इनमें कोई परिवर्तन न किया जाए। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष मोहन भंडारी ने कहा कि उच्च शिक्षा मंत्री छात्र संगठनों के साथ साजिश कर रहे हैं। अगर यह संशोधन लागू हुए तो वह प्रदेशभर में इसके खिलाफ आंदोलन चलाएंगे। आर्यन के सोनू बिष्ट ने कहा कि सरकार की यह मंशा कामयाब नहीं होने दी जाएगी। बैठक में ओम कक्कड़, धीरज कुमार, विकास नेगी, मनोज कुमार, कुलदीप कुमार सहित काफी संख्या में छात्र नेता मौजूद रहे। गौरतलब है कि उच्च शिक्षा राज्यमंत्री ने प्रदेश में लिंगदोह समिति की सिफारिशों में संशोधन को समिति गठित की थी। प्रो. एचएस धामी की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट उन्हें सौंप दी है, जिसके तहत 15 संशोधन की सिफारिश की गई है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। लिंगदोह समिति की सिफारिशों में परिवर्तन के विरोध में सभी छात्र संगठन एकजुट होकर बृहस्पतिवार को राजधानी के चारों कॉलेजों में तालाबंदी करेंगे। एबीवीपी, एनएसयूआई, आर्यन ने एकजुट होकर संयुक्त संघर्ष समिति बना दी है। समिति ने सभी कॉलेजों के पदाधिकारियों के साथ बैठक भी बुलाई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
बुधवार को डीएवी पीजी कॉलेज में एबीवीपी, एनएसयूआई, आर्यन सहित सभी छात्र संगठनों की बैठक बुलाई गई। बैठक में सबने एकजुट होकर लिंगदोह समिति की सिफारिशों में बदलाव का विरोध जताया। छात्र संगठनों का कहना है कि यह सिफारिशें जबर्दस्ती थोपी जा रही हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि इन बदलावों से छात्रसंघों का अस्तित्व संकट में आ जाएगा। सभी ने लिंगदोह समिति की सिफारिशों के विरोध में संयुक्त संघर्ष समिति का गठन किया है। तय किया गया है कि बृहस्पतिवार को सुबह डीएवी, डीबीएस, एमकेपी, एसजीआरआर में विरोधस्वरूप तालाबंदी की जाएगी। इसके बाद सभी कॉलेजों के प्राचार्यों के माध्यम से उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत को ज्ञापन भेजा जाएगा। इसके बाद दोपहर में डीएवी कॉलेज में बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे के आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। डीएवी पीजी कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष शुभम सिमल्टी का कहना है कि सरकार जबर्दस्ती डीएम को जिम्मेदारी सौंपकर छात्रसंघ चुनावों का सरकारीकरण करना चाहती है। इससे हर छोटी-छोटी बात में परेशानी पैदा होगी। डीएवी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राहुल लारा का कहना है कि उच्च शिक्षा मंत्री को कॉलेजों की मूलभूत सुविधाओं को बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने मांग रखी कि लिंगदोह समिति की पूर्व की सिफारिशें ही लागू रखी जाएं। इनमें कोई परिवर्तन न किया जाए। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष मोहन भंडारी ने कहा कि उच्च शिक्षा मंत्री छात्र संगठनों के साथ साजिश कर रहे हैं। अगर यह संशोधन लागू हुए तो वह प्रदेशभर में इसके खिलाफ आंदोलन चलाएंगे। आर्यन के सोनू बिष्ट ने कहा कि सरकार की यह मंशा कामयाब नहीं होने दी जाएगी। बैठक में ओम कक्कड़, धीरज कुमार, विकास नेगी, मनोज कुमार, कुलदीप कुमार सहित काफी संख्या में छात्र नेता मौजूद रहे। गौरतलब है कि उच्च शिक्षा राज्यमंत्री ने प्रदेश में लिंगदोह समिति की सिफारिशों में संशोधन को समिति गठित की थी। प्रो. एचएस धामी की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट उन्हें सौंप दी है, जिसके तहत 15 संशोधन की सिफारिश की गई है।
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