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सेवा नियमावली में संशोधन की मांग
Updated Wed, 09 May 2018 02:12 AM IST
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सेवा नियमावली में संशोधन की मांग
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
बेरोजगार स्नातक फार्मासिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल सचिवालय में अपर सचिव से मिला और एलोपैथिक फार्मासिस्ट सेवा नियमावली में संशोधन की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने अपर सचिव के समक्ष मुद्दा उठाया कि वर्तमान में सेवा नियमावली के तहत केवल डी फार्मा डिग्रीधारक ही सरकारी अस्पतालों में एलोपैथिक फार्मासिस्ट के पद पर आवेदन कर सकते हैं। इस कारण राज्य के हजारों बी फार्मा डिग्रीधारक नौकरी से वंचित हो रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि सेवा नियमावली में संशोधन कर बी फार्मा डिग्रीधारक को भी आवेदन करने का मौका दिया जाए। राज्य में फार्मासिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त 17 कॉलेजों का संचालन हो रहा है। इन कालेजों से हर साल हजारों छात्र बी फार्मा की डिग्री लेकर निकल रहे हैं, लेकिन फार्मासिस्ट सेवा नियमावली के चलते सरकारी अस्पतालों में आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि जिला अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी में जन औषधि केंद्र खोलकर बी फार्मा डिग्रीधारकों को नौकरी दी जाए ताकि उन्हें रोजगार दिलाया जा सके।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग उठाई कि पशु चिकित्सालयों के खाली पदों पर भी बी फार्मा डिग्रीधारकों को बतौर फार्मासिस्ट समायोजित किया जाए। अपर सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में संगठन अध्यक्ष सौरभ गोस्वामी, उपाध्यक्ष अशोक थपलियाल, महासचिव संजीव नेगी, सचिव आशीष अग्रवाल, महेश पवार आदि शामिल थे।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
बेरोजगार स्नातक फार्मासिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल सचिवालय में अपर सचिव से मिला और एलोपैथिक फार्मासिस्ट सेवा नियमावली में संशोधन की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने अपर सचिव के समक्ष मुद्दा उठाया कि वर्तमान में सेवा नियमावली के तहत केवल डी फार्मा डिग्रीधारक ही सरकारी अस्पतालों में एलोपैथिक फार्मासिस्ट के पद पर आवेदन कर सकते हैं। इस कारण राज्य के हजारों बी फार्मा डिग्रीधारक नौकरी से वंचित हो रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि सेवा नियमावली में संशोधन कर बी फार्मा डिग्रीधारक को भी आवेदन करने का मौका दिया जाए। राज्य में फार्मासिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त 17 कॉलेजों का संचालन हो रहा है। इन कालेजों से हर साल हजारों छात्र बी फार्मा की डिग्री लेकर निकल रहे हैं, लेकिन फार्मासिस्ट सेवा नियमावली के चलते सरकारी अस्पतालों में आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि जिला अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी में जन औषधि केंद्र खोलकर बी फार्मा डिग्रीधारकों को नौकरी दी जाए ताकि उन्हें रोजगार दिलाया जा सके।
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प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग उठाई कि पशु चिकित्सालयों के खाली पदों पर भी बी फार्मा डिग्रीधारकों को बतौर फार्मासिस्ट समायोजित किया जाए। अपर सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में संगठन अध्यक्ष सौरभ गोस्वामी, उपाध्यक्ष अशोक थपलियाल, महासचिव संजीव नेगी, सचिव आशीष अग्रवाल, महेश पवार आदि शामिल थे।
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